​यमुना एक्सप्रेस-वे पर भीषण हादसा: नोएडा से दरभंगा जा रही स्लीपर बस डिवाइडर से टकराकर पलटी, तीन दर्जन यात्री घायल

मथुरा/बाजना। उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में स्थित यमुना एक्सप्रेस-वे पर एक बार फिर तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला है, जहाँ बिहार के दरभंगा जा रही एक स्लीपर कोच बस अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। सोमवार, 13 अप्रैल 2026 की तड़के सुबह जब बस में सवार अधिकांश यात्री गहरी नींद में थे और अपने गंतव्य पर पहुँचने का सपना देख रहे थे, तभी काल बनकर आई रफ्तार ने सब कुछ तहस-नहस कर दिया। थाना नौहझील अंतर्गत यमुना एक्सप्रेस-वे पर नोएडा से आगरा होकर दरभंगा जा रही एक स्लीपर कोच बस किसी अज्ञात वाहन को बचाने के प्रयास में अनियंत्रित हो गई और डिवाइडर से टकराकर सड़क के बीचों-बीच धराशायी हो गई। इस भीषण टक्कर के बाद बस में सवार यात्रियों के बीच चीख-पुकार मच गई। हादसे में लगभग 31 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें से आधा दर्जन की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है। उत्तर प्रदेश पुलिस और एक्सप्रेस-वे की टोल रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुँचकर युद्धस्तर पर राहत कार्य चलाया और फंसे हुए लोगों को बाहर निकाला।

नींद में डूबे यात्रियों के लिए ‘ब्लैक मंडे’ साबित हुआ हादसा

​घटनाक्रम के अनुसार, स्लीपर कोच बस सोमवार की सुबह नोएडा से यात्रियों को लेकर बिहार के दरभंगा की ओर रवाना हुई थी। यमुना एक्सप्रेस-वे पर माइलस्टोन 69 के समीप बाजना के पास बस जैसे ही पहुँची, तभी सामने से आ रहे किसी वाहन को बचाने की कोशिश में चालक ने अपना नियंत्रण खो दिया। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के अनुसार, बस की रफ्तार काफी अधिक थी, जिसके कारण अचानक ब्रेक लगाने या मोड़ने के प्रयास में बस सीधे डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और बस सड़क पर एक तरफ पलट गई।

​हादसे के समय बस के भीतर अधिकांश यात्री सो रहे थे। अचानक हुए इस झटके और बस के पलटने से लोग एक-दूसरे के ऊपर जा गिरे। बस की खिड़कियों के कांच टूटने और लोहे की चादरों के मुड़ने से कई यात्री भीतर ही फंस गए। एक्सप्रेस-वे के शांत माहौल में यात्रियों की चीखें दूर-दराज तक सुनी गईं। आसपास के खेतों में काम कर रहे लोगों और वहां से गुजर रहे अन्य वाहन चालकों ने सबसे पहले मदद का हाथ बढ़ाया और स्थानीय पुलिस को सूचना दी।

रेस्क्यू ऑपरेशन: कांच काटकर निकाले गए घायल

​नौहझील थाना पुलिस और टोल प्रबंधन की क्विक रिस्पांस टीम (QRT) सूचना मिलते ही एम्बुलेंस और राहत उपकरणों के साथ मौके पर पहुँची। पुलिस कर्मियों ने देखा कि बस पलटने के कारण उसका दरवाजा जाम हो गया था, जिससे यात्री बाहर नहीं निकल पा रहे थे। पुलिस और टोल कर्मियों ने बस के सामने के शीशे और खिड़कियों को तोड़कर व काटकर रास्ता बनाया। टॉर्च और मोबाइल की रोशनी में घायलों को एक-एक कर बाहर निकाला गया।

​घायलों के चेहरे पर दहशत और खून के निशान साफ देखे जा सकते थे। कई यात्री अपने सामान और परिजनों के बारे में पूछते हुए बदहवास नजर आए। पुलिस ने प्राथमिकता के आधार पर गंभीर रूप से घायल लोगों को एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल भेजा। राहत कार्य के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि कोई भी यात्री बस के मलबे के नीचे या सीटों के बीच फंसा न रह जाए। लगभग दो घंटे तक चले इस ऑपरेशन के बाद सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

31 यात्री घायल, चार की स्थिति अत्यंत चिंताजनक

​इस दुखद हादसे में कुल 31 यात्रियों के घायल होने की आधिकारिक पुष्टि हुई है, हालांकि स्थानीय स्तर पर यह संख्या तीन दर्जन के करीब बताई जा रही है। घायलों में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हैं जो नोएडा और आसपास के इलाकों में मजदूरी या निजी काम करते थे और छुट्टी लेकर अपने घर दरभंगा लौट रहे थे।

​चिकित्सकीय जानकारी के अनुसार, आधा दर्जन यात्रियों को गंभीर चोटें आई हैं, जिनमें सिर में चोट और हड्डियों का टूटना शामिल है। इनमें से चार यात्रियों की स्थिति अत्यंत चिंताजनक बनी हुई है, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत मथुरा के जिला चिकित्सालय (District Hospital) रेफर कर दिया गया है। शेष घायलों का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और पास के निजी अस्पतालों में चल रहा है। डॉक्टरों की टीम लगातार घायलों की निगरानी कर रही है। पुलिस अब घायलों के परिजनों से संपर्क करने की कोशिश कर रही है ताकि उन्हें घटना की सूचना दी जा सके।

यातायात बहाली और क्रेन की मदद से हटाई गई बस

​यमुना एक्सप्रेस-वे पर बस के पलटने के कारण नोएडा से आगरा जाने वाली लेन पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया था। सड़क के बीचों-बीच बस खड़ी होने के कारण अन्य वाहनों की लंबी कतार लग गई। नौहझील थाना पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए तुरंत क्रेन मंगवाई। क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त बस को सीधा किया गया और उसे किनारे किया गया, जिसके बाद सड़क की सफाई की गई ताकि टूटे हुए कांच और मलबे से किसी अन्य वाहन को नुकसान न पहुँचे।

​हादसे के करीब तीन घंटे बाद एक्सप्रेस-वे पर यातायात दोबारा सुचारू रूप से शुरू हो सका। पुलिस ने बस को जब्त कर लिया है और चालक की तलाश की जा रही है, जो हादसे के बाद मौके से फरार बताया जा रहा है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या चालक को झपकी आने की वजह से यह हादसा हुआ या वाकई किसी अन्य वाहन ने बस को कट मारा था। एक्सप्रेस-वे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि हादसे की असली वजह का पता लगाया जा सके।

रफ्तार और स्लीपर बसों का बढ़ता जोखिम

​यमुना एक्सप्रेस-वे अपनी सुगम यात्रा के लिए जाना जाता है, लेकिन यहाँ होने वाले सड़क हादसे चिंता का विषय बने हुए हैं। विशेष रूप से रात और तड़के सुबह चलने वाली स्लीपर कोच बसें अक्सर तेज रफ्तार के कारण दुर्घटना का शिकार होती हैं। नोएडा से बिहार और पूर्वांचल की ओर जाने वाली बसें अक्सर क्षमता से अधिक सवारियां भरती हैं और समय पर पहुँचने के चक्कर में चालक अत्यधिक रफ्तार का सहारा लेते हैं।

​बाजना के पास हुआ यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि एक्सप्रेस-वे पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी कितनी भारी पड़ सकती है। यात्रियों ने बताया कि चालक लगातार तेज गति से गाड़ी चला रहा था। कई यात्रियों ने उसे धीमे चलने को भी कहा था, लेकिन उसने अनसुना कर दिया। इस हादसे ने दरभंगा जा रहे उन परिवारों को झकझोर दिया है जो खुशी-खुशी अपने गांव जा रहे थे।

​नौहझील थाना प्रभारी ने बताया कि घायलों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और उचित कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। प्रशासन ने भी घटना का संज्ञान लिया है और परिवहन विभाग से बस के फिटनेस और परमिट की जांच करने को कहा गया है। फिलहाल, मथुरा जिला अस्पताल में भर्ती चार मरीजों की जान बचाना स्वास्थ्य विभाग के लिए पहली प्राथमिकता है। पुलिस की एक टीम अस्पताल में भी तैनात की गई है ताकि घायलों को किसी भी तरह की प्रशासनिक असुविधा न हो। एक्सप्रेस-वे पर सुरक्षा गश्ती बढ़ा दी गई है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

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