
पटना: बिहार की राजधानी पटना से एक बड़े साइबर ठगी गिरोह का खुलासा हुआ है, जिसने ‘प्लेब्वॉय’ बनाने और फर्जी लोन ऐप के जरिए लोगों को झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी की। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह के नेटवर्क की जांच जारी है।
ऐसे फंसाते थे लोगों को जाल में
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों से संपर्क करता था। आरोपियों द्वारा युवाओं को ‘प्लेब्वॉय’ बनाने और आकर्षक लाइफस्टाइल देने का लालच दिया जाता था।
इसके अलावा, ‘धनी ऐप’ के नाम पर सस्ती दरों पर लोन दिलाने का झांसा देकर लोगों से रजिस्ट्रेशन फीस और अन्य चार्ज के नाम पर पैसे ऐंठे जाते थे।
9 राज्यों के लोग बने शिकार
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस गिरोह ने बिहार समेत देश के करीब 9 राज्यों के लोगों को निशाना बनाया। ठगी का यह नेटवर्क ऑनलाइन माध्यम से संचालित हो रहा था, जिससे बड़ी संख्या में लोग इनके जाल में फंसते चले गए।
पटना में छापेमारी, 3 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर पटना के शिव नगर स्थित एक अपार्टमेंट में छापेमारी की। इस दौरान तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया।
आरोपियों की पहचान गुलशन कुमार, शुभम राज और विक्की कुमार के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह का मास्टरमाइंड गुलशन कुमार ही है, जो पूरे ऑपरेशन को संचालित करता था।
भारी मात्रा में सामान बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस को आरोपियों के पास से
- 1 लैपटॉप
- 11 मोबाइल फोन
- कई अहम दस्तावेज
बरामद हुए हैं। ये सभी सामान ठगी के नेटवर्क से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य माने जा रहे हैं।
पढ़े-लिखे आरोपी चला रहे थे गिरोह
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी पिछले चार महीनों से पटना में रहकर इस नेटवर्क को चला रहे थे। इनमें से दो आरोपी स्नातक तक शिक्षित हैं, जबकि एक इंटर का छात्र है।
पुलिस का कहना है कि पढ़े-लिखे होने के बावजूद आरोपियों ने गलत रास्ता अपनाकर लोगों को ठगने का काम किया।
साइबर पुलिस कर रही गहराई से जांच
फिलहाल साइबर पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि अब तक कितने लोग इस गिरोह का शिकार बने हैं और कुल कितनी राशि की ठगी की गई है।
साथ ही, इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है।
लोगों को सतर्क रहने की सलाह
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान कॉल, मैसेज या ऐप के झांसे में न आएं। किसी भी प्रकार के लोन या ऑफर के लिए आधिकारिक प्लेटफॉर्म का ही इस्तेमाल करें।


