बिहार विधानसभा में बढ़ाई गई मार्शल की तैनाती, विपक्षी हंगामों के इतिहास के बाद सुरक्षा सख्त

पटना: बिहार विधानसभा का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से जारी है। हर सत्र की तरह इस बार भी संभावित हंगामे को देखते हुए विधानसभा परिसर में सुरक्षा पहले से अधिक सख्त कर दी गई है। सदन में मार्शल की संख्या बढ़ाकर 181 कर दी गई है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।


बार-बार रणक्षेत्र बना विधानसभा परिसर

बिहार विधानसभा में हंगामा कोई नई बात नहीं है, लेकिन कई बार हालात इतने बिगड़े कि सदन पुलिस बुलाने की नौबत तक पहुँच गया।

  • जुलाई 2025: विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) के मुद्दे पर भारी बवाल, विधायकों और मार्शल के बीच धक्का-मुक्की।
  • जुलाई 2023: कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर बीजेपी विधायकों ने हंगामा किया, कई को सदन से बाहर निकाला गया।
  • मार्च 2021: बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस विधेयक पर अभूतपूर्व हंगामा—सदन में पुलिस बुलानी पड़ी, कई विधायकों को उठाकर बाहर ले जाना पड़ा।

मार्शल की संख्या बढ़ाकर 181 — हर विपक्षी विधायक पर 4 मार्शल

पहले विधानसभा में सिर्फ 35 मार्शल थे, जिससे बड़े हंगामों के दौरान काबू पाना मुश्किल हो जाता था।

अब—

  • 146 नई भर्ती के बाद कुल मार्शल: 181
  • विपक्षी विधायक: 41
  • यानी एक विपक्षी विधायक पर 4 से अधिक मार्शल

इससे उम्मीद है कि अब भारी हंगामे की स्थिति में पुलिस बुलाने की जरूरत नहीं होगी।


पूर्व अध्यक्ष नंदकिशोर यादव बोले — ‘मार्शल की भूमिका बेहद अहम’

पूर्व विधानसभा अध्यक्ष नंदकिशोर यादव ने कहा—

“सदन की कार्रवाई सुचारू रूप से चलाना अध्यक्ष की जिम्मेदारी होती है।
मार्शल की संख्या लंबे समय से कम थी, इस बार बड़े पैमाने पर भर्ती हुई है।”


’कार्यप्रणाली में सुधार आया’ — भाकपा माले विधायक संदीप सौरभ

संदीप सौरभ ने कहा—

“नंदकिशोर यादव के अध्यक्ष रहते कई सुधार हुए।
सुरक्षा भी एक बड़ा मुद्दा था, जिस पर ठोस कदम उठाए गए।”


“हम मार्शल से डरने वाले नहीं” — RJD विधायक सुरेंद्र राम

राजद विधायक और पूर्व मंत्री सुरेंद्र राम ने सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा—

“हम जनता के मुद्दे उठाते रहेंगे।
मार्शल बढ़ाने से क्या होगा?
हम डरने वाले नहीं, लेकिन सहयोग देने को तैयार हैं।”


18वीं विधानसभा का पहला शीतकालीन सत्र

नई सरकार के गठन के बाद यह पहला शीतकालीन सत्र है। बढ़ी तैनाती के बाद इस बार विधानसभा का दृश्य पहले से अलग दिखाई दे रहा है—सदन और परिसर में सुरक्षा बलों की संख्या पहले से कहीं अधिक है।


किस दल के पास कितने विधायक?

एनडीए (कुल 202 विधायक)

  • बीजेपी – 89
  • जदयू – 85
  • LJP (RV) – 19
  • हम – 5
  • RLM – 4

विपक्ष (कुल 41 विधायक)

  • राजद – 25
  • कांग्रेस – 6
  • CPI ML – 2
  • CPI(M) – 1
  • IIP – 1
  • AIMIM – 5
  • बसपा – 1

 

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