
गया: बिहार के गया जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। बेलागंज विधायक के बेटे रॉकी यादव उर्फ राकेश रंजन को प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के नाम पर 5 प्रतिशत लेवी (रंगदारी) मांगते हुए धमकी दी गई है। कथित तौर पर लेवी नहीं देने पर जान-माल के नुकसान और “फौजी कार्रवाई” की चेतावनी भी दी गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए गया पुलिस ने विशेष जांच टीम (SIT) का गठन कर जांच शुरू कर दी है।
रॉकी यादव की शिकायत पर रामपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। गया के एसएसपी सुशील कुमार ने बताया कि मामले की जांच के लिए सिटी एसपी अभिनव के नेतृत्व में एसआईटी बनाई गई है। अनुसंधान की जिम्मेदारी सब-इंस्पेक्टर अजय कुमार को सौंपी गई है।
व्हाट्सएप कॉल के बाद भेजा गया धमकी भरा पत्र
प्राथमिकी के अनुसार, रॉकी यादव के परिवार की रमिया कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी है, जिसके मुख्य निदेशक उनके भाई विनीत यादव उर्फ जैकी यादव हैं। कंपनी राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) परियोजना के तहत चतरा बाइपास का निर्माण कार्य कर रही है।
शिकायत में कहा गया है कि रॉकी यादव के मोबाइल पर लगातार तीन दिनों तक एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप कॉल आई, जिसमें कॉलर की पहचान “भाकपा-माओवादी” के रूप में दिखाई दे रही थी। कॉल रिसीव नहीं करने पर 19 जुलाई की शाम उसी नंबर से कथित माओवादी लेटरहेड पर धमकी भरा पत्र भेजा गया।
काम रोकने और 5% लेवी देने की मांग
धमकी भरे पत्र में कंपनी को भारत सरकार की विकास परियोजना का काम तत्काल बंद करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही परियोजना की लागत का 5 प्रतिशत लेवी देने की मांग की गई है। पत्र में चेतावनी दी गई है कि मांग पूरी नहीं होने पर कंपनी को भारी नुकसान पहुंचाया जाएगा और फौजी कार्रवाई की जाएगी।
अरुणाचल प्रदेश से जुड़ा मिला मोबाइल नंबर
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि जिस मोबाइल नंबर से धमकी भेजी गई, उसकी लोकेशन और कॉल डिटेल अरुणाचल प्रदेश की मिली है। धमकी भरा पत्र कथित तौर पर माओवादियों की मध्य जोनल कमेटी के लेटरहेड पर भेजा गया था।
अब गया पुलिस की विशेष जांच टीम अरुणाचल प्रदेश जाकर भी जांच करने की तैयारी में है। साथ ही स्थानीय स्तर पर भी तकनीकी और अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।
पहले भी हो चुके हैं हमले
पुलिस सूत्रों के अनुसार, इससे पहले भी रॉकी यादव के परिवार की कंपनी से जुड़े कर्मचारियों पर कथित नक्सली हमले हो चुके हैं। इसी वजह से इस बार मिली धमकी को पुलिस गंभीरता से लेते हुए हर एंगल से जांच कर रही है।
एसएसपी सुशील कुमार ने बताया कि धमकी देने में इस्तेमाल मोबाइल नंबर की लोकेशन अरुणाचल प्रदेश में मिली है और विशेष जांच टीम जल्द वहां जाकर मामले की गहन जांच करेगी। फिलहाल पुलिस यह भी जांच कर रही है कि धमकी वास्तव में प्रतिबंधित संगठन की ओर से दी गई है या किसी अन्य व्यक्ति ने उनके नाम का दुरुपयोग किया है।


