मनु भाकर के साथ टोक्यो में हो गया था ‘धोखा’, चुनौतियों को पार कर रच दिया इतिहास

पेरिस ओलंपिक्स में भारत की 22 साल की शूटर मनु भाकर ने इतिहास रच दिया है। मनु ने 10 मीटर एयर पिस्टल में स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। खास बात यह है कि मनु भाकर पिछले ओलंपिक में मेडल से चूक गई थीं, लेकिन उन्होंने इस बार करोड़ों हिंदुस्तानियों के सपनों को पूरा कर दिखाया। आइए जानते हैं कि टोक्यो में ऐसा क्या हुआ था, जिस वजह से मनु भाकर मेडल लेने से चूक गईं।

पिस्टल में आ गई थी खराबी

दरअसल, टोक्यो ओलंपिक में मनु भाकर की पिस्टल में खराबी आ गई थी। 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा के क्वालीफिकेशन के दौरान उन्हें इसके चलते 20 मिनट का समय गंवाना पड़ा। उनकी पिस्टल का कॉकिंग लीवर खराब हो गया था। इस वजह से उन्हें 55 मिनट में 44 शॉट लगाने पड़े। हालांकि जब उनकी पिस्टल ठीक हुई तो वह फायरिंग पॉइंट पर वापस आईं, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। मनु को सिर्फ 36 मिनट में बाकी शॉट पूरे करने पड़े। जोकि लगभग असंभव काम था। आखिरकार उन्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ी और मेडल से चूक गईं। इस सेटबैक की वजह से मनु का दिल टूट गया। जिस लय से वह परफॉर्म कर रही थीं। उससे आसानी से मेडल जीत सकती थीं, लेकिन इस हार ने उनका सपना चकनाचूर कर दिया। उस वक्त वह महज 18 साल की थीं।

पेरिस में पूरा किया सपना

अब हरियाणा के झज्जर की रहने वाली मनु भाकर ने पेरिस में शूटिंग प्रतियोगिता के फाइनल में मेडल पर निशाना लगाकर देश को गौरवान्वित किया है। उन्हें देशवासियों से बधाई मिल रही है। मनु भाकर पेरिस ओलंपिक्स में कई प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले रही हैं। उन्होंने 10 मीटर एयर पिस्टल के साथ ही 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम और 25 मीटर पिस्टल में भी हिस्सा लिया है। वह कई प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने वाली भारतीय दल में पहली एथलीट हैं। मनु भाकर इससे पहले ISSF वर्ल्ड कप में गोल्ड पर निशाना लगा चुकी हैं। वह ऐसा करने वाली सबसे कम उम्र की भारतीय एथलीट हैं। वह 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स चैंपियन भी हैं।

पीएम मोदी ने दी बधाई

मनु भाकर को उनकी इस उपलब्धि के लिए पीएम मोदी ने बधाई दी है। पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा- भारत का पहला पदक जीतने के लिए मनु भाकर को बधाई। यह सफलता और भी खास है क्योंकि वह भारत के लिए निशानेबाजी में पदक जीतने वाली पहली महिला बन गई हैं।

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