CJP प्रदर्शन पर ममता बनर्जी का केंद्र पर बड़ा हमला, बोलीं- ‘लोकतंत्र में लाठी और आंसू गैस नहीं, संवाद होना चाहिए’

नई दिल्ली: दिल्ली में CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने छात्रों और युवाओं पर हुई पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि लोकतंत्र में सवालों का जवाब लाठी और आंसू गैस से नहीं दिया जा सकता।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी अपने बयान में ममता बनर्जी ने कहा कि सरकार को अपने ही छात्रों से डरना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में असहमति व्यक्त करना अपराध नहीं है और किसी भी आंदोलन का समाधान बल प्रयोग नहीं, बल्कि संवाद के जरिए होना चाहिए।

ममता बनर्जी ने कहा कि भारत छात्रों, किसानों, महिलाओं, मजदूरों और हर नागरिक का देश है। उन्होंने प्रदर्शन में शामिल युवाओं के साहस की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने निडर होकर अपनी बात रखने का प्रयास किया है।

सोनम वांगचुक की सेहत पर हाई कोर्ट की नजर

इसी बीच, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई जारी रही। अदालत ने उन्हें दूसरे अस्पताल में स्थानांतरित करने की मांग से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करते हुए उनकी ताजा मेडिकल रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया।

कोर्ट ने सफदरजंग अस्पताल से AIIMS और निजी लैब की रिपोर्ट सहित सभी पैथोलॉजिकल रिपोर्ट हलफनामे के साथ दाखिल करने को कहा है। साथ ही इलाज कर रहे डॉक्टरों और AIIMS के अधिकारियों को अगली सुनवाई में उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है। अदालत ने यह भी कहा कि उसकी प्राथमिक चिंता वांगचुक की सुरक्षा और स्वास्थ्य है।

प्रदर्शन के दौरान तनाव, कई हिरासत में

दिल्ली में CJP के प्रदर्शन के दौरान कई स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच नोकझोंक हुई। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया और कई लोगों को हिरासत में लिया। बाद में जंतर-मंतर क्षेत्र को खाली करा दिया गया।

जेपी नड्डा से मिला CJP का प्रतिनिधिमंडल

प्रदर्शन के बीच CJP के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। संगठन ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे समेत विभिन्न मांगें सरकार के समक्ष रखीं।

नोट: इस पूरे घटनाक्रम को लेकर विभिन्न पक्षों के अपने-अपने दावे और बयान सामने आए हैं। पुलिस, सरकार और प्रदर्शनकारी संगठनों के अलग-अलग पक्ष हैं, जिन पर संबंधित एजेंसियों की आधिकारिक जानकारी और न्यायिक प्रक्रिया जारी है।

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