
मालदा/भागलपुर रेलखंड: पूर्व रेलवे के मालदा मंडल ने बिना टिकट और अनियमित यात्रा पर रोक लगाने के लिए बड़ा अभियान चलाया है। इस विशेष टिकट जांच अभियान के तहत फरक्का एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनों में सघन जांच की गई, जिसमें सैकड़ों यात्रियों को नियमों का उल्लंघन करते हुए पकड़ा गया। रेलवे प्रशासन की इस कार्रवाई से यात्रियों के बीच सख्त संदेश गया है कि नियमों की अनदेखी अब भारी पड़ सकती है।
यह अभियान 29 अप्रैल 2026 को जमालपुर–भागलपुर–कहलगांव–साहिबगंज रेलखंड पर चलाया गया, जो पूर्व रेलवे के लिए एक महत्वपूर्ण रूट माना जाता है। इस दौरान सहित कई ट्रेनों में टिकट जांच की गई।
462 मामलों का खुलासा, लाखों का जुर्माना वसूला
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस विशेष अभियान के दौरान कुल 462 ऐसे मामले सामने आए, जिनमें यात्री बिना टिकट या अनियमित टिकट के साथ यात्रा करते पाए गए। इन सभी मामलों में मौके पर ही कार्रवाई करते हुए कुल ₹2,93,715 का जुर्माना वसूला गया।
यह आंकड़ा इस बात का संकेत है कि बड़ी संख्या में लोग नियमों का उल्लंघन करते हुए यात्रा कर रहे थे। रेलवे ने साफ किया है कि इस तरह की अनियमितताओं पर लगातार नजर रखी जा रही है और आगे भी सख्ती जारी रहेगी।
वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में चला अभियान
यह विशेष अभियान मालदा मंडल के शीर्ष अधिकारियों के मार्गदर्शन में चलाया गया। मंडल रेल प्रबंधक के निर्देशन और वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक के नेतृत्व में पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस तरह के अभियान का उद्देश्य सिर्फ जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि यात्रियों को नियमों के प्रति जागरूक करना भी है।
कई ट्रेनों और स्टेशनों पर एक साथ जांच
अभियान के दौरान केवल एक ट्रेन तक सीमित न रहकर कई ट्रेनों और स्टेशनों पर एक साथ जांच की गई। टिकट जांच कर्मचारियों की टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर तैनात होकर यात्रियों की टिकटों की जांच की।
जमालपुर, भागलपुर, कहलगांव और साहिबगंज जैसे प्रमुख स्टेशनों के बीच यह अभियान विशेष रूप से प्रभावी रहा। इस दौरान कई यात्रियों को बिना टिकट यात्रा करते हुए पकड़ा गया, जबकि कुछ लोग गलत श्रेणी के टिकट के साथ सफर करते पाए गए।
वाणिज्य निरीक्षकों की सक्रिय भूमिका
इस पूरे अभियान में वाणिज्य निरीक्षकों और टिकट जांच कर्मचारियों की भूमिका अहम रही। उन्होंने सघन जांच करते हुए हर संदिग्ध यात्री की टिकट की जांच की और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर तुरंत कार्रवाई की।
रेलवे अधिकारियों ने कर्मचारियों की सक्रियता की सराहना करते हुए कहा कि इसी तरह की सतर्कता से रेलवे राजस्व की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।
रेलवे राजस्व की सुरक्षा पर जोर
रेलवे प्रशासन का कहना है कि इस तरह के अभियान का मुख्य उद्देश्य राजस्व की हानि को रोकना और ईमानदार यात्रियों को बेहतर सुविधा प्रदान करना है। बिना टिकट यात्रा करने से न सिर्फ रेलवे को आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि इससे व्यवस्था भी प्रभावित होती है।
इसलिए रेलवे समय-समय पर इस तरह के विशेष अभियान चलाता रहता है, ताकि नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
यात्रियों के लिए जरूरी संदेश
मालदा मंडल ने सभी यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान हमेशा वैध टिकट लेकर ही सफर करें। बिना टिकट यात्रा करने पर न सिर्फ जुर्माना देना पड़ सकता है, बल्कि कानूनी कार्रवाई का सामना भी करना पड़ सकता है।
अधिकारियों ने यह भी कहा कि टिकट खरीदना यात्रियों की जिम्मेदारी है और इससे उन्हें सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का अधिकार मिलता है।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
रेलवे ने संकेत दिया है कि आने वाले समय में भी इस तरह के अभियान लगातार चलाए जाएंगे। खासकर उन रूट्स पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा, जहां बिना टिकट यात्रा के मामले ज्यादा सामने आते हैं।
इससे न सिर्फ नियमों का पालन सुनिश्चित होगा, बल्कि यात्रियों में जागरूकता भी बढ़ेगी।
यात्रियों में दिखा मिला-जुला असर
इस कार्रवाई के बाद यात्रियों के बीच मिला-जुला असर देखने को मिला। जहां एक ओर नियमों का पालन करने वाले यात्रियों ने इस कदम का स्वागत किया, वहीं कुछ लोगों ने इसे सख्ती के रूप में देखा।
हालांकि अधिकांश लोगों का मानना है कि इस तरह के अभियान से व्यवस्था में सुधार आता है और सभी के लिए यात्रा अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनती है
कुल मिलाकर, मालदा मंडल द्वारा चलाया गया यह विशेष टिकट जांच अभियान रेलवे की सख्ती और अनुशासन को दर्शाता है। 462 मामलों का पकड़ा जाना इस बात का संकेत है कि अभी भी जागरूकता की जरूरत है, लेकिन इस तरह की कार्रवाई से निश्चित रूप से सुधार की दिशा में कदम बढ़े हैं।


