
रेलवे राजस्व की सुरक्षा और बिना टिकट यात्रा पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से भागलपुर–जमालपुर रेल खंड में व्यापक टिकट जांच अभियान चलाया गया। इस विशेष अभियान के दौरान विभिन्न ट्रेनों में सघन जांच करते हुए बिना टिकट और अनियमित यात्रा करने वाले यात्रियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। अभियान में कुल 313 मामले दर्ज किए गए, जिनसे ₹3,32,395 की दंड राशि वसूल की गई।
मालदा, 28 जून 2026। भारतीय रेल में यात्रा के दौरान वैध रेल टिकट रखना केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि हर यात्री की कानूनी और नैतिक जिम्मेदारी है। वैध टिकट यात्री को सुरक्षित, सुगम और परेशानी मुक्त यात्रा सुनिश्चित करता है। साथ ही यह रेलवे की आय का प्रमुख स्रोत भी है, जिसके माध्यम से यात्री सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था और रेल सेवाओं के विस्तार में मदद मिलती है।
इसी सोच के तहत पूर्व रेलवे के मालदा मंडल द्वारा लगातार टिकट जांच अभियान संचालित किए जा रहे हैं। मंडल रेल प्रबंधक श्री मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे इन अभियानों का उद्देश्य बिना टिकट यात्रा पर रोक लगाना, रेलवे राजस्व की सुरक्षा करना तथा वास्तविक यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव प्रदान करना है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार बिना टिकट यात्रा न केवल रेलवे नियमों का उल्लंघन है, बल्कि इससे उन यात्रियों को भी असुविधा होती है जिन्होंने विधिवत टिकट खरीदकर यात्रा की है। कई बार अनधिकृत यात्रियों के कारण भीड़ बढ़ती है, जिससे सुरक्षा और सुविधा दोनों प्रभावित होती हैं। इसी कारण टिकट जांच को रेलवे प्रशासन ने और अधिक सख्ती से लागू करना शुरू किया है।
इसी क्रम में वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री कार्तिक सिंह के नेतृत्व में भागलपुर–जमालपुर रेल खंड में विशेष सघन टिकट जांच अभियान चलाया गया। यह अभियान केवल एक ट्रेन तक सीमित नहीं था, बल्कि इस रेलखंड से गुजरने वाली कई महत्वपूर्ण ट्रेनों में एक साथ जांच की गई।
अभियान के दौरान गाड़ी संख्या 22311 , गाड़ी संख्या 12367 , गाड़ी संख्या 13334 तथा गाड़ी संख्या 13424 समेत अन्य ट्रेनों में जांच की गई। इन ट्रेनों में यात्रियों के टिकट, आरक्षण स्थिति तथा यात्रा नियमों की गहन जांच की गई।
टिकट जांच अभियान में वाणिज्य निरीक्षकों, टिकट जांच कर्मियों तथा के जवानों ने सक्रिय भूमिका निभाई। टीमों ने विभिन्न कोचों में जाकर यात्रियों के टिकटों की जांच की और बिना टिकट यात्रा करने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की। इसके अलावा उन यात्रियों पर भी कार्रवाई की गई जो गलत श्रेणी में यात्रा कर रहे थे या जिनके पास उचित यात्रा प्राधिकरण नहीं था।
अभियान के दौरान कई ऐसे यात्री पाए गए जो बिना टिकट यात्रा कर रहे थे, जबकि कुछ यात्री सामान्य टिकट लेकर आरक्षित कोच में यात्रा करते हुए मिले। कुछ मामलों में यात्रा नियमों का उल्लंघन करने वाले यात्रियों से नियमानुसार दंड वसूला गया। कुल मिलाकर 313 मामले दर्ज किए गए, जो यह दर्शाता है कि बिना टिकट यात्रा की समस्या अभी भी गंभीर बनी हुई है।
रेलवे प्रशासन ने बताया कि इस अभियान से कुल ₹3,32,395 की दंड राशि प्राप्त हुई। अधिकारियों के अनुसार यह केवल जुर्माना वसूली का मामला नहीं है, बल्कि यात्रियों में नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी इसका प्रमुख उद्देश्य है। नियमित जांच से लोगों में यह संदेश जाता है कि बिना टिकट यात्रा पर रेलवे अब कोई ढिलाई बरतने वाला नहीं है।
रेलवे अधिकारियों ने यह भी कहा कि टिकट जांच अभियान भविष्य में और अधिक सघन रूप से जारी रहेगा। विशेषकर व्यस्त रूटों, सुपरफास्ट ट्रेनों और त्योहारों के दौरान जांच को और तेज किया जाएगा ताकि वास्तविक यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सके। रेलवे का मानना है कि बिना टिकट यात्रा पर नियंत्रण से न केवल राजस्व बढ़ेगा बल्कि ट्रेनों में अनुशासन भी कायम रहेगा।
यात्रियों से अपील करते हुए अधिकारियों ने कहा कि यात्रा शुरू करने से पहले वैध टिकट अवश्य खरीदें। यदि आरक्षित कोच में यात्रा करनी है तो उचित आरक्षण कराना आवश्यक है। डिजिटल टिकटिंग और ऑनलाइन बुकिंग जैसी सुविधाओं ने टिकट खरीदना पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान बना दिया है। ऐसे में बिना टिकट यात्रा के लिए कोई उचित कारण नहीं बचता।
रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया कि बिना वैध टिकट यात्रा करना रेलवे अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है। पकड़े जाने पर यात्रियों को जुर्माना देना पड़ सकता है और गंभीर मामलों में कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है। इसलिए यात्रियों को नियमों का पालन करते हुए जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभानी चाहिए।
मालदा मंडल का यह अभियान यात्रियों के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि रेलवे सुरक्षा, अनुशासन और राजस्व संरक्षण को लेकर पूरी तरह गंभीर है। भागलपुर–जमालपुर रेलखंड में चलाया गया यह विशेष अभियान न केवल राजस्व सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ, बल्कि इससे यात्रियों में भी जागरूकता बढ़ी है। रेलवे को उम्मीद है कि लगातार चलने वाले ऐसे अभियानों से बिना टिकट यात्रा की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आएगी और यात्रियों को अधिक सुरक्षित, आरामदायक तथा सुव्यवस्थित रेल यात्रा का अनुभव मिलेगा।


