
मालदा। पूर्व रेलवे के मालदा मंडल ने रेलवे राजस्व की सुरक्षा और ट्रेनों में अनुशासित यात्रा व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से एक व्यापक टिकट जांच अभियान चलाया। इस विशेष अभियान के दौरान बिना टिकट यात्रा करने वाले और अनियमित तरीके से सफर कर रहे सैकड़ों यात्रियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। अभियान में कुल 503 मामले सामने आए, जिनसे रेलवे को ₹4.29 लाख से अधिक का जुर्माना प्राप्त हुआ। मंडल प्रशासन ने इसे रेलवे की आय सुरक्षा और यात्रियों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, मालदा मंडल लगातार ट्रेनों में बढ़ती भीड़, अनियमित यात्रा और टिकट नियमों के उल्लंघन पर नजर बनाए हुए है। इसी कड़ी में 6 मई 2026 को मंडल के विभिन्न महत्वपूर्ण रूटों पर विशेष टिकट जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान कई प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों को जांच के लिए चुना गया, जिनमें जयनगर–हावड़ा एक्सप्रेस, राजेंद्र नगर टर्मिनल इंटरसिटी एक्सप्रेस, विक्रमशिला एक्सप्रेस और अंग एक्सप्रेस जैसी लोकप्रिय ट्रेनें शामिल थीं।
अभियान का मुख्य उद्देश्य बिना टिकट यात्रा पर रोक लगाना, रिजर्वेशन नियमों का पालन सुनिश्चित करना और वास्तविक यात्रियों को सुगम यात्रा सुविधा उपलब्ध कराना था। रेलवे का मानना है कि बिना टिकट यात्रा न केवल रेलवे के राजस्व को प्रभावित करती है, बल्कि इससे वैध टिकट लेकर यात्रा कर रहे यात्रियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई बार आरक्षित कोचों में अनधिकृत यात्रियों की भीड़ के कारण यात्रियों को अपनी सीट तक पहुंचने में कठिनाई होती है।
मालदा मंडल के अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान पूरी तरह योजनाबद्ध तरीके से चलाया गया। वाणिज्य विभाग के कर्मचारियों और रेलवे सुरक्षा बल की संयुक्त टीम ने विभिन्न ट्रेनों में एक साथ जांच शुरू की। ट्रेन के कोचों में प्रवेश कर यात्रियों के टिकट, आरक्षण और यात्रा श्रेणी की जांच की गई। जिन यात्रियों के पास वैध टिकट नहीं मिला या जो गलत श्रेणी में यात्रा करते पाए गए, उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की गई।
रेलवे सूत्रों के मुताबिक, अभियान के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे यात्री मिले जो सामान्य टिकट लेकर आरक्षित कोचों में सफर कर रहे थे। वहीं कुछ यात्रियों के पास यात्रा टिकट ही नहीं था। कई मामलों में यात्रियों ने प्लेटफॉर्म टिकट या पुराने टिकट के सहारे यात्रा करने की कोशिश की, लेकिन जांच टीम ने ऐसे मामलों को भी गंभीरता से लिया। रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि टिकट नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
रेलवे प्रशासन ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए टिकट जांच कर्मचारियों की सक्रिय भूमिका की सराहना की। वाणिज्य निरीक्षकों के नेतृत्व में टीमों ने अलग-अलग ट्रेनों और स्टेशनों पर लगातार जांच की। इस दौरान रेलवे सुरक्षा बल के जवान भी पूरी तरह सतर्क रहे ताकि जांच के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न फैले। अधिकारियों ने बताया कि अभियान शांतिपूर्ण तरीके से पूरा किया गया और यात्रियों ने भी सहयोग किया।
रेलवे के अनुसार, टिकट जांच अभियान से न केवल राजस्व में वृद्धि होती है बल्कि इससे ट्रेनों में अनुशासन भी कायम रहता है। रेलवे को हर वर्ष बिना टिकट यात्रा के कारण करोड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ता है। ऐसे में समय-समय पर चलाए जाने वाले विशेष अभियान रेलवे की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में मददगार साबित होते हैं। मालदा मंडल ने हाल के महीनों में टिकट जांच व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं।
यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे लगातार नई व्यवस्थाएं लागू कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जब ट्रेनों में केवल वैध टिकट वाले यात्री यात्रा करेंगे तो भीड़ नियंत्रण आसान होगा और यात्रियों को आरामदायक यात्रा अनुभव मिलेगा। विशेष रूप से लंबी दूरी की ट्रेनों में आरक्षित कोचों में अवैध प्रवेश रोकना रेलवे की प्राथमिकताओं में शामिल है।
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे हमेशा उचित टिकट लेकर ही यात्रा करें। साथ ही यात्रा के दौरान टिकट और पहचान पत्र अपने पास रखें ताकि जांच के समय किसी तरह की परेशानी न हो। अधिकारियों ने कहा कि बिना टिकट यात्रा करने पर जुर्माना, अतिरिक्त शुल्क और कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
मालदा मंडल का यह अभियान ऐसे समय में चलाया गया है जब गर्मी की छुट्टियों और त्योहारों के मौसम को देखते हुए ट्रेनों में यात्रियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। भीड़भाड़ वाले समय में बिना टिकट यात्रा के मामले भी बढ़ जाते हैं, जिससे रेलवे को राजस्व हानि के साथ-साथ संचालन संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसे देखते हुए मंडल प्रशासन ने आने वाले दिनों में और अधिक सघन जांच अभियान चलाने के संकेत दिए हैं।
रेलवे अधिकारियों का मानना है कि लगातार टिकट जांच से यात्रियों में जागरूकता बढ़ती है और लोग नियमों का पालन करने के प्रति गंभीर होते हैं। इससे ट्रेनों में व्यवस्था बेहतर होती है और वास्तविक यात्रियों को सुरक्षित एवं आरामदायक यात्रा का लाभ मिलता है। मालदा मंडल ने यह भी कहा कि भविष्य में तकनीकी संसाधनों और डिजिटल मॉनिटरिंग की मदद से टिकट जांच व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जाएगा।
विशेष अभियान के बाद रेलवे प्रशासन ने इसे बड़ी सफलता बताया है। एक ही दिन में 503 मामलों का पकड़ा जाना इस बात का संकेत है कि अभी भी कई यात्री नियमों की अनदेखी कर यात्रा करने की कोशिश करते हैं। हालांकि रेलवे अब ऐसे मामलों को लेकर पूरी तरह सतर्क है और आने वाले समय में जांच व्यवस्था को और सख्त बनाया जाएगा। यात्रियों से सहयोग की अपील करते हुए मंडल प्रशासन ने कहा कि रेलवे की सुविधाओं का लाभ लेने के लिए नियमों का पालन करना सभी की जिम्मेदारी है।


