
मालदा, 21 मई 2026। पूर्व रेलवे के मालदा मंडल ने रेलवे राजस्व की सुरक्षा और ट्रेनों में अनुशासित यात्रा व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक व्यापक टिकट जांच अभियान चलाया। इस विशेष अभियान के दौरान विभिन्न एक्सप्रेस और इंटरसिटी ट्रेनों में बिना टिकट यात्रा करने वाले तथा अनियमित तरीके से सफर कर रहे यात्रियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई। जांच अभियान के दौरान कुल 608 मामले सामने आए, जिनसे रेलवे प्रशासन ने ₹5,52,165 का जुर्माना वसूला। रेलवे अधिकारियों ने इसे मंडल की बड़ी उपलब्धि बताया है।
रेल प्रशासन के अनुसार यह अभियान मालदा मंडल के मंडल रेल प्रबंधक मनीष कुमार गुप्ता के निर्देशन में संचालित किया गया। अभियान का मुख्य उद्देश्य रेलवे की आय की सुरक्षा करना, ट्रेनों में भीड़ नियंत्रण बनाए रखना और वास्तविक यात्रियों को सुरक्षित एवं आरामदायक यात्रा उपलब्ध कराना था। रेलवे का कहना है कि लगातार बढ़ती बिना टिकट यात्रा की घटनाएं न केवल राजस्व को नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि आम यात्रियों को भी असुविधा का सामना करना पड़ता है।
मालदा मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक कार्तिक सिंह की निगरानी में 20 मई 2026 को यह विशेष जांच अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान टिकट जांच दलों को अलग-अलग ट्रेनों और रूटों पर तैनात किया गया था। रेलवे सुरक्षा बल यानी आरपीएफ के जवानों ने भी इस अभियान में सक्रिय सहयोग दिया। संयुक्त कार्रवाई के कारण जांच प्रक्रिया को तेज और प्रभावी तरीके से अंजाम दिया जा सका।
रेलवे सूत्रों के अनुसार जिन ट्रेनों में विशेष जांच की गई उनमें 13419 भागलपुर–मुजफ्फरपुर जनसेवा एक्सप्रेस, 13241 राजेंद्र नगर टर्मिनल इंटरसिटी एक्सप्रेस, 12367 विक्रमशिला एक्सप्रेस, 13409 मालदा–किउल इंटरसिटी एक्सप्रेस और 12254 अंग एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनें शामिल थीं। इसके अलावा कई अन्य ट्रेनों में भी टिकट जांच की गई। जांच दलों ने कोच दर कोच यात्रियों के टिकटों की जांच की और बिना टिकट यात्रा करने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की।
अभियान के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे यात्री पाए गए जो बिना टिकट यात्रा कर रहे थे या फिर गलत श्रेणी के टिकट पर सफर कर रहे थे। कई मामलों में यात्रियों के पास प्लेटफॉर्म टिकट तो था, लेकिन वे ट्रेन में यात्रा करते पाए गए। कुछ यात्री रिजर्वेशन कोच में सामान्य टिकट लेकर यात्रा करते मिले। रेलवे अधिकारियों ने ऐसे सभी मामलों में नियमानुसार जुर्माना लगाया।
रेल प्रशासन का कहना है कि बिना टिकट यात्रा से रेलवे को हर साल करोड़ों रुपये का नुकसान होता है। इसे रोकने के लिए समय-समय पर विशेष अभियान चलाए जाते हैं। अधिकारियों के मुताबिक इस तरह के अभियान यात्रियों के बीच जागरूकता भी बढ़ाते हैं और नियमों का पालन सुनिश्चित करने में मदद करते हैं। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
मालदा मंडल द्वारा चलाया गया यह अभियान इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि गर्मी के मौसम और छुट्टियों के दौरान ट्रेनों में यात्रियों की संख्या तेजी से बढ़ जाती है। इस दौरान बिना टिकट यात्रा और अनियमित यात्रा के मामले भी अधिक सामने आते हैं। रेलवे प्रशासन ने कहा कि भीड़भाड़ के बीच वास्तविक टिकटधारी यात्रियों को परेशानी न हो, इसके लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि अभियान के दौरान यात्रियों को नियमों की जानकारी भी दी गई। टिकट जांच कर्मचारियों ने लोगों से अपील की कि वे हमेशा वैध टिकट लेकर ही यात्रा करें। बिना टिकट यात्रा करने पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है और कई मामलों में कानूनी कार्रवाई भी संभव है। यात्रियों को ऑनलाइन टिकट बुकिंग, मोबाइल टिकटिंग और स्टेशन काउंटरों से टिकट लेने के विकल्पों के बारे में भी जागरूक किया गया।
मालदा मंडल ने यह भी स्पष्ट किया कि रेलवे केवल जुर्माना वसूलने तक सीमित नहीं है, बल्कि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में भी लगातार काम कर रहा है। ट्रेनों और स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जा रही है। साफ-सफाई, समयपालन और यात्री सुविधाओं में सुधार के लिए भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि सभी यात्री नियमों का पालन करें तो यात्रा व्यवस्था और अधिक सुगम एवं सुरक्षित बनाई जा सकती है।
रेलवे सुरक्षा बल के अधिकारियों ने बताया कि टिकट जांच अभियान के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या विरोध की स्थिति से निपटने के लिए विशेष तैयारी की गई थी। हालांकि अधिकांश यात्रियों ने जांच में सहयोग किया। कुछ यात्रियों ने मौके पर ही जुर्माना भरकर अपनी यात्रा जारी रखी, जबकि कई मामलों में नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की गई।
मालदा मंडल की इस कार्रवाई को रेलवे प्रशासन की सख्त नीति का हिस्सा माना जा रहा है। हाल के महीनों में रेलवे ने देशभर के विभिन्न मंडलों में टिकट जांच अभियान तेज किए हैं। इसका उद्देश्य रेलवे की आय बढ़ाना और ट्रेनों में अनुशासन बनाए रखना है। रेलवे बोर्ड के निर्देश पर अलग-अलग जोन और मंडलों में विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं ताकि बिना टिकट यात्रा पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
रेल प्रशासन ने अंत में सभी यात्रियों से फिर अपील की कि वे यात्रा से पहले उचित टिकट अवश्य लें और यात्रा नियमों का पालन करें। रेलवे ने कहा कि वैध टिकट के साथ यात्रा करने से न केवल यात्रियों को परेशानी से बचाव होता है, बल्कि रेलवे व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने में भी मदद मिलती है। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में भी मालदा मंडल के विभिन्न रूटों और ट्रेनों में इसी तरह के सघन टिकट जांच अभियान जारी रहेंगे।


