मालदा मंडल ने कबाड़ निपटान में बनाया नया रिकॉर्ड, एक दिन में ₹6.65 करोड़ की बिक्री

ई-नीलामी के जरिए वित्तीय वर्ष के लक्ष्य को किया पार, “मिशन जीरो स्क्रैप” अभियान को मिला बढ़ावा

मालदा: पूर्व रेलवे के मालदा मंडल ने कबाड़ निपटान और राजस्व सृजन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। सुनियोजित परिसंपत्ति प्रबंधन और पारदर्शी ई-नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से मंडल ने न केवल बड़ी मात्रा में अनुपयोगी सामग्री का निपटान किया है, बल्कि निर्धारित लक्ष्य से अधिक राजस्व भी अर्जित किया है।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार मालदा मंडल के मंडल रेल प्रबंधक मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन और वरिष्ठ मंडल सामग्री प्रबंधक मोसेस नाग की देखरेख में सामग्री प्रबंधन विभाग द्वारा यह सफलता हासिल की गई है। विभाग की टीम लगातार रेलवे परिसरों में जमा अनुपयोगी और अप्रचलित सामग्रियों के वैज्ञानिक निपटान के लिए काम कर रही है।

एक ही दिन में ₹6.65 करोड़ की बिक्री

दिनांक 10 मार्च 2026 को आयोजित ई-नीलामी के दौरान मालदा मंडल ने एक ही दिन में करीब ₹6.65 करोड़ की कबाड़ सामग्री की बिक्री दर्ज की। इस नीलामी में रेलवे के विभिन्न विभागों से प्राप्त पुराने और निष्प्रयुक्त उपकरणों तथा अन्य सामग्रियों को पारदर्शी प्रक्रिया के तहत बेचा गया।

अधिकारियों के मुताबिक यह बिक्री रेलवे के संसाधनों के बेहतर उपयोग और राजस्व बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

लक्ष्य से अधिक राजस्व प्राप्त

मालदा मंडल को वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए कबाड़ निपटान के माध्यम से ₹23 करोड़ राजस्व प्राप्त करने का लक्ष्य दिया गया था। लेकिन मंडल ने इस लक्ष्य को निर्धारित समय से पहले ही पार कर लिया।

10 मार्च 2026 तक मंडल ने कुल ₹25.37 करोड़ की कबाड़ बिक्री दर्ज की है, जो कि तय लक्ष्य का लगभग 110 प्रतिशत है। यह उपलब्धि मंडल की प्रभावी योजना और पारदर्शी कार्यप्रणाली को दर्शाती है।

“मिशन जीरो स्क्रैप” अभियान को मिल रहा बल

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि कबाड़ सामग्री के समय पर निपटान से न केवल अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हो रहा है, बल्कि रेलवे परिसरों में स्वच्छता और सुरक्षा भी बेहतर हो रही है।

यह पहल भारतीय रेल के “मिशन जीरो स्क्रैप” अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत अनुपयोगी सामग्री को हटाकर परिसरों को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

सतत विकास की दिशा में कदम

मालदा मंडल का कहना है कि भविष्य में भी पारदर्शी और त्वरित निपटान प्रक्रिया के माध्यम से कबाड़ प्रबंधन को और मजबूत किया जाएगा। इससे रेलवे की परिचालन क्षमता में सुधार होगा और संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा।

रेलवे प्रशासन का मानना है कि इस तरह की पहलें भारतीय रेल के सतत और संसाधन-कुशल विकास की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

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