न्यू फरक्का स्टेशन पर 11 किलो मादक पदार्थ के साथ महिला तस्कर गिरफ्तार, 5.50 लाख की खेप बरामद

मालदा/फरक्का। भारतीय रेलवे के नेटवर्क का इस्तेमाल मादक पदार्थों की तस्करी के लिए करने वाले तस्करों के खिलाफ रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने अपनी कमर कस ली है। इसी कड़ी में पूर्व रेलवे के मालदा मंडल अंतर्गत न्यू फरक्का रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। 14 अप्रैल 2026 को मालदा मंडल द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, ‘ऑपरेशन नारकोस’ के तहत चलाए गए एक सघन तलाशी अभियान में आरपीएफ की टीम ने एक महिला तस्कर को धर दबोचा है, जिसके पास से भारी मात्रा में मादक पदार्थ (गांजा) बरामद किया गया है। बरामद किए गए इस प्रतिबंधित पदार्थ की कुल मात्रा लगभग 11 किलोग्राम बताई जा रही है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 5,50,000 रुपये के करीब आंकी गई है। यह कार्रवाई मालदा मंडल के रेल सुरक्षा बल की सजगता का प्रमाण है, जो ट्रेनों और स्टेशन परिसरों को अपराध मुक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

न्यू फरक्का स्टेशन पर संदेह और सतर्कता का मेल

​यह सफल कार्रवाई सोमवार, 13 अप्रैल 2026 को उस समय हुई जब न्यू फरक्का रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या 1/2 (मालदा छोर) पर आरपीएफ पोस्ट न्यू फरक्का के अधिकारी और कर्मचारी नियमित गश्ती और जांच अभियान चला रहे थे। ‘ऑपरेशन नारकोस’ के तहत इन दिनों मादक पदार्थों के परिवहन को रोकने के लिए विशेष सतर्कता बरती जा रही है। गश्ती के दौरान आरपीएफ की टीम की नजर एक संदिग्ध महिला यात्री पर पड़ी, जो प्लेटफॉर्म पर काफी असहज दिख रही थी।

​महिला की संदिग्ध गतिविधियों और सुरक्षा बलों को देखकर उसके चेहरे पर आए तनाव ने आरपीएफ कर्मियों के संदेह को पुख्ता कर दिया। टीम ने तुरंत उसे रोककर पूछताछ शुरू की। महिला के पास एक बड़ा ट्रॉली बैग था। जब आरपीएफ के अधिकारियों ने उस बैग की तलाशी लेने की बात कही, तो महिला ने टालमटोल करने की कोशिश की, लेकिन सुरक्षाकर्मियों की कड़ाई के आगे उसे झुकना पड़ा। जैसे ही ट्रॉली बैग खोला गया, सुरक्षा बलों के होश उड़ गए।

11 किलो गांजा और 5.50 लाख की कीमत: बरामदगी का पूरा विवरण

​बैग के भीतर कपड़ों के नीचे छिपाकर रखे गए पैकेटों से एक तीव्र और विशिष्ट गंध आ रही थी। गहनता से जांच करने पर उनमें हरे रंग का फूलनुमा पदार्थ बरामद हुआ, जो प्रथम दृष्टया उच्च गुणवत्ता वाला गांजा प्रतीत हुआ। आरपीएफ की टीम ने तुरंत मौके पर जरूरी कानूनी प्रक्रिया शुरू की और बरामद सामग्री का वजन कराया। तौल के दौरान पाया गया कि मादक पदार्थ की कुल मात्रा 11 किलोग्राम है।

​रेलवे सुरक्षा बल के विशेषज्ञों के अनुसार, इस खेप की गुणवत्ता को देखते हुए इसकी बाजार कीमत लगभग 5.50 लाख रुपये है। इतनी बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ के साथ महिला का पकड़ा जाना यह संकेत देता है कि यह किसी बड़े गिरोह का हिस्सा हो सकती है जो ट्रेनों के जरिए सीमावर्ती इलाकों से मादक पदार्थों की सप्लाई देश के अन्य हिस्सों में करते हैं। आरपीएफ ने बरामद गांजा और गिरफ्तार महिला को आगे की विधिक कार्यवाही और जांच के लिए जीआरपी (GRP) को सौंप दिया है। अब जीआरपी इस बात की पड़ताल कर रही है कि यह खेप कहाँ से लाई गई थी और इसका अंतिम गंतव्य कहाँ था।

ऑपरेशन नारकोस: तस्करी के खिलाफ रेलवे का ‘अभय कवच’

​भारतीय रेलवे ने नशीली दवाओं और मादक पदार्थों की तस्करी को जड़ से खत्म करने के लिए ‘ऑपरेशन नारकोस’ (Operation Narcos) की शुरुआत की है। मालदा मंडल के रेल प्रबंधक (DRM) मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन और मंडल सुरक्षा आयुक्त (DSC) आशिम कुमार कुल्लू के प्रभावी पर्यवेक्षण में यह अभियान मालदा मंडल के हर महत्वपूर्ण स्टेशन पर चलाया जा रहा है।

​मालदा मंडल भौगोलिक रूप से काफी संवेदनशील है क्योंकि यह अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय सीमाओं के करीब स्थित है। यहाँ से गुजरने वाली ट्रेनों का इस्तेमाल अक्सर तस्कर सुरक्षित गलियारे के रूप में करने की कोशिश करते हैं। ‘ऑपरेशन नारकोस’ के तहत आरपीएफ ने पिछले कुछ महीनों में करोड़ों रुपये के मादक पदार्थ बरामद किए हैं। न्यू फरक्का में हुई यह कार्रवाई इसी कड़ी का एक हिस्सा है, जिसका उद्देश्य तस्करों के नेटवर्क को तोड़ना और यात्रियों के बीच सुरक्षा का भाव पैदा करना है।

नेतृत्व और टीम वर्क का परिणाम

​न्यू फरक्का स्टेशन पर हुई इस कार्रवाई की सफलता के पीछे आरपीएफ पोस्ट न्यू फरक्का के स्टाफ की कड़ी मेहनत और सटीक इनपुट का बड़ा हाथ है। मनीष कुमार गुप्ता और आशिम कुमार कुल्लू ने इस सफल ऑपरेशन के लिए टीम की सराहना की है। अधिकारियों का मानना है कि जब तक जमीनी स्तर पर तैनात सिपाही और अधिकारी सतर्क नहीं होंगे, तब तक तस्करी के इस संगठित अपराध को रोकना संभव नहीं है।

​आरपीएफ मालदा मंडल ने स्पष्ट किया है कि ट्रेनों और स्टेशनों पर संदिग्धों की पहचान के लिए अब अत्याधुनिक तकनीक और ‘इंटेलिजेंस’ का भी सहारा लिया जा रहा है। पकड़ी गई महिला से पूछताछ के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे होने की उम्मीद है, जिससे पुलिस को तस्करी के मुख्य सरगना तक पहुँचने में मदद मिल सकती है। अक्सर देखा गया है कि तस्करों के गिरोह महिलाओं और बच्चों को ‘कूरियर’ के रूप में इस्तेमाल करते हैं ताकि सुरक्षा एजेंसियों का संदेह उन पर कम रहे, लेकिन न्यू फरक्का की इस घटना ने साबित कर दिया है कि आरपीएफ की नजर हर संदिग्ध पर बनी हुई है।

रेलवे सुरक्षा बल की अपील: सतर्क रहें यात्री

​इस घटना के बाद आरपीएफ मालदा मंडल ने रेल यात्रियों से भी अपील की है कि वे अपनी यात्रा के दौरान सतर्क रहें। यदि उन्हें प्लेटफॉर्म या ट्रेन के भीतर कोई लावारिस सामान, संदिग्ध व्यक्ति या किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि नजर आती है, तो वे तुरंत टोल-फ्री सुरक्षा हेल्पलाइन नंबर या रेल मदद पोर्टल पर इसकी सूचना दें। यात्रियों की सजगता ही रेलवे को अपराध मुक्त बनाने में सबसे बड़ा योगदान दे सकती है।

​न्यू फरक्का रेलवे स्टेशन पर 11 किलो गांजे की बरामदगी केवल एक जब्ती नहीं है, बल्कि यह उन तस्करों के लिए चेतावनी है जो रेलवे को अपनी काली कमाई का जरिया बनाना चाहते हैं। मालदा मंडल की आरपीएफ ने साफ कर दिया है कि ‘ऑपरेशन नारकोस’ के तहत उनकी कार्रवाई आने वाले दिनों में और भी तेज होगी। प्लेटफॉर्म संख्या 1/2 पर हुई इस छापेमारी ने एक बार फिर यह साबित किया है कि खाकी वर्दी की चौकसी के बीच अपराध को छिपाना मुमकिन नहीं है।

​अब जीआरपी की तफ्तीश का केंद्र वह ‘सप्लाई चेन’ होगी जिसके जरिए यह मादक पदार्थ न्यू फरक्का तक पहुँचा। क्या यह किसी बड़ी खेप का हिस्सा था जिसे टुकड़ों में भेजा जा रहा था? या फिर इसके पीछे कोई स्थानीय नेटवर्क सक्रिय है? इन सभी सवालों के जवाब जल्द ही पुलिस की जांच में सामने आएंगे। फिलहाल, मालदा मंडल की आरपीएफ अपनी इस सफलता से उत्साहित है और सुरक्षा के घेरे को और भी पुख्ता करने में जुट गई है।

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