मालदा मंडल में सेवानिवृत्त रेलकर्मियों को सम्मानित किया गया, विदाई समारोह में 16 कर्मचारियों को दी गई भावभीनी विदाई

पूर्व रेलवे के मालदा मंडल में जून 2026 के दौरान रेल सेवा से सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों के सम्मान में एक गरिमामय विदाई समारोह का आयोजन किया गया। यह समारोह मालदा स्थित डीआरएम कार्यालय के मंदार कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित हुआ, जहां विभिन्न विभागों से सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को उनकी लंबी, समर्पित और उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का माहौल भावनात्मक होने के साथ-साथ प्रेरणादायक भी रहा, क्योंकि वर्षों तक भारतीय रेल की सेवा करने वाले कर्मचारियों को उनके योगदान के लिए विशेष रूप से सराहा गया।

भारतीय रेल केवल देश की परिवहन व्यवस्था की रीढ़ नहीं है, बल्कि लाखों कर्मचारियों के समर्पण और मेहनत का परिणाम भी है। ऐसे में सेवा निवृत्ति केवल नौकरी का अंत नहीं, बल्कि एक लंबे पेशेवर सफर की उपलब्धियों को सम्मान देने का अवसर भी होती है। मालदा मंडल द्वारा आयोजित यह समारोह इसी भावना को मजबूत करता नजर आया।

डीआरएम कार्यालय में आयोजित हुआ सम्मान समारोह

यह विदाई समारोह 1 जुलाई 2026 को डीआरएम कार्यालय, मालदा के मंदार कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित किया गया। समारोह में जून 2026 के दौरान सेवा से सेवानिवृत्त हुए विभिन्न विभागों के कुल 16 कर्मचारियों को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य उन कर्मचारियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना था, जिन्होंने वर्षों तक अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए भारतीय रेल की सेवा की। समारोह के दौरान अधिकारियों ने कहा कि किसी भी संस्था की सफलता उसके कर्मचारियों की निष्ठा, अनुशासन और निरंतर योगदान पर आधारित होती है।

मालदा मंडल के अधिकारियों ने यह भी रेखांकित किया कि रेल सेवा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि जनसेवा का महत्वपूर्ण माध्यम है, जिसमें हर कर्मचारी की भूमिका अत्यंत अहम होती है।

वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ आयोजन

कार्यक्रम मंडल रेल प्रबंधक के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। वहीं अपर मंडल रेल प्रबंधक के नेतृत्व में समारोह को सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया।

कार्यक्रम के समन्वय की जिम्मेदारी वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी के पर्यवेक्षण में कार्मिक विभाग ने संभाली। आयोजन में शाखा अधिकारी, पर्यवेक्षक और बड़ी संख्या में कर्मचारी भी मौजूद रहे।

अधिकारियों की उपस्थिति ने समारोह की गरिमा को और बढ़ाया। इस दौरान सभी ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों के साथ अपने अनुभव साझा किए और उनके योगदान को याद किया।

16 कर्मचारियों को किया गया सम्मानित

समारोह में वाणिज्य, विद्युत, चिकित्सा, परिचालन और अन्य विभागों से सेवानिवृत्त हुए कुल 16 कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। प्रत्येक कर्मचारी ने अपने-अपने विभाग में वर्षों तक सेवा देकर रेलवे के संचालन को सुचारू बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इन कर्मचारियों की सेवाएं यात्रियों की सुविधा, रेल संचालन की दक्षता, सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी संचालन जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़ी रहीं। अधिकारियों ने कहा कि रेलवे जैसी विशाल व्यवस्था में हर कर्मचारी एक महत्वपूर्ण कड़ी होता है।

सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सम्मानित करते हुए उनके समर्पण, अनुशासन और संस्थान के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना की गई। यह सम्मान उनके वर्षों के परिश्रम का प्रतीक माना गया।

स्मृति-चिह्न और दस्तावेज सौंपे गए

समारोह के दौरान अपर मंडल रेल प्रबंधक अमरेन्द्र कुमार मौर्य ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों को स्मृति-चिह्न और सेवा संबंधी दस्तावेज प्रदान किए। यह क्षण समारोह का सबसे भावनात्मक हिस्सा माना गया।

स्मृति-चिह्न के माध्यम से कर्मचारियों को उनके लंबे कार्यकाल की यादगार भेंट दी गई। वहीं सेवा संबंधी दस्तावेजों का वितरण उनके प्रशासनिक कार्यों को सुचारू रूप से पूर्ण करने की प्रक्रिया का हिस्सा था।

अधिकारियों ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों के उज्ज्वल भविष्य, स्वस्थ जीवन और सुखद पारिवारिक जीवन की कामना की। उन्होंने कहा कि सेवा समाप्त हो सकती है, लेकिन किसी कर्मचारी का योगदान हमेशा संस्था की स्मृतियों में जीवित रहता है।

सेवा और समर्पण की मिसाल

समारोह के दौरान यह बात विशेष रूप से सामने आई कि भारतीय रेल जैसे विशाल संगठन में कार्य करना केवल तकनीकी दक्षता का विषय नहीं, बल्कि धैर्य, अनुशासन और सेवा भावना की भी मांग करता है।

सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने अपने लंबे कार्यकाल में कई चुनौतियों का सामना किया होगा, लेकिन उनकी निष्ठा ने उन्हें संगठन के लिए मूल्यवान बनाया। अधिकारियों ने कहा कि नई पीढ़ी के कर्मचारियों को वरिष्ठ कर्मचारियों की कार्यशैली और प्रतिबद्धता से सीख लेनी चाहिए।

सेवा के दौरान अर्जित अनुभव और कार्य संस्कृति आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनती है। यही कारण है कि ऐसे समारोह केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि संस्थागत संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा माने जाते हैं।

कर्मचारियों के सम्मान की परंपरा

मालदा मंडल लंबे समय से अपने कर्मचारियों के सम्मान और कल्याण के प्रति प्रतिबद्ध रहा है। सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए आयोजित ऐसे कार्यक्रम यह संदेश देते हैं कि संस्था अपने कर्मचारियों की सेवाओं को केवल कार्यकाल तक सीमित नहीं मानती।

कर्मचारी कल्याण और सम्मान की यह संस्कृति संगठनात्मक संबंधों को मजबूत बनाती है। इससे कार्यरत कर्मचारियों में भी सकारात्मक ऊर्जा और प्रेरणा का संचार होता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी संस्थान की सफलता उसके मानव संसाधन के सम्मान पर निर्भर करती है। जब कर्मचारियों को उनके योगदान के लिए सार्वजनिक रूप से सराहा जाता है, तो इससे संगठन की कार्य संस्कृति और मजबूत होती है।

मालदा मंडल की प्रतिबद्धता बरकरार

समारोह के अंत में यह संदेश दोहराया गया कि मालदा मंडल कर्मचारी कल्याण, सम्मान और सेवा-संस्कृति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को आगे भी बनाए रखेगा। अधिकारियों ने कहा कि संस्था अपने कर्मचारियों की जरूरतों और सम्मान दोनों को प्राथमिकता देती है।

पूर्व रेलवे के मालदा मंडल द्वारा आयोजित यह विदाई समारोह केवल सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सम्मान देने का अवसर नहीं था, बल्कि यह उस परंपरा का भी प्रतीक बना जिसमें संस्था अपने कर्मचारियों के समर्पण को सार्वजनिक रूप से स्वीकार करती है। जून 2026 में सेवानिवृत्त हुए 16 रेलकर्मियों के लिए यह समारोह उनके लंबे सेवा जीवन की उपलब्धियों को यादगार बनाने वाला विशेष अवसर साबित हुआ।

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