
भागलपुर जिले के नवस्थापित राजकीय डिग्री महाविद्यालय, इस्माईलपुर में शैक्षणिक सत्र 2026-2030 के लिए यूजी (CBCS) सेमेस्टर-1 के नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं के स्वागत हेतु दीक्षा आरंभ इंडक्शन प्रोग्राम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम महाविद्यालय परिसर के प्रशाल में उत्साहपूर्ण वातावरण के बीच संपन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य नए विद्यार्थियों को महाविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण, शिक्षण प्रणाली, पाठ्यक्रम संरचना और संस्थान की कार्यप्रणाली से परिचित कराना था, ताकि वे अपने उच्च शिक्षा के सफर की शुरुआत आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के साथ कर सकें।
कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय प्रशासन ने नए छात्रों का गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें शिक्षा के महत्व, अनुशासन, आत्मनिर्भरता तथा करियर निर्माण के प्रति प्रेरित किया। महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. आबिद अंसारी ने सभी नवागंतुक विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि कॉलेज जीवन किसी भी छात्र के व्यक्तित्व विकास का सबसे महत्वपूर्ण चरण होता है। यह केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं बल्कि सोच, दृष्टिकोण और भविष्य निर्माण की मजबूत नींव भी है।
नए छात्रों के लिए नई शुरुआत
इंडक्शन प्रोग्राम को छात्रों के लिए एक नई शुरुआत के रूप में देखा गया। कॉलेज प्रशासन का मानना है कि विद्यालय स्तर से उच्च शिक्षा की ओर बढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए शुरुआती मार्गदर्शन अत्यंत आवश्यक होता है। इसी उद्देश्य से यह कार्यक्रम आयोजित किया गया ताकि छात्र अपने नए शैक्षणिक परिवेश को बेहतर तरीके से समझ सकें।
कार्यक्रम में छात्रों को CBCS यानी चॉइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि इस प्रणाली के अंतर्गत विद्यार्थियों को विषय चयन में अधिक लचीलापन मिलता है, जिससे वे अपनी रुचि और करियर लक्ष्य के अनुसार बेहतर शैक्षणिक विकल्प चुन सकते हैं।
शिक्षकों ने छात्रों को यह भी समझाया कि नई शिक्षा प्रणाली केवल परीक्षा केंद्रित नहीं है, बल्कि कौशल विकास, विश्लेषणात्मक सोच और व्यावहारिक ज्ञान पर भी समान रूप से जोर देती है।
प्रधानाचार्य ने दिया प्रेरणादायक संदेश
महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. आबिद अंसारी ने अपने संबोधन में छात्रों को नियमित अध्ययन, समय प्रबंधन और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सफलता केवल प्रतिभा से नहीं, बल्कि निरंतर प्रयास, अनुशासन और मेहनत से मिलती है।
उन्होंने छात्रों से कहा कि कॉलेज का हर दिन सीखने का अवसर है। कक्षा में पढ़ाई के साथ-साथ सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में भागीदारी भी व्यक्तित्व विकास के लिए आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को यह भी प्रेरित किया कि वे केवल अंक प्राप्त करने तक सीमित न रहें, बल्कि ज्ञान अर्जित करने और समाज के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने का लक्ष्य रखें।
प्रधानाचार्य ने आश्वस्त किया कि महाविद्यालय प्रशासन छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है।
शिक्षकों ने साझा किए अनुभव
कार्यक्रम में उपस्थित विभिन्न विभागों के सहायक प्राध्यापकों ने भी छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने महाविद्यालय की शैक्षणिक संस्कृति, परीक्षा प्रणाली और अध्ययन के व्यावहारिक पहलुओं पर प्रकाश डाला।
डॉ. राजेश कुमार सुमन ने छात्रों से कहा कि उच्च शिक्षा का उद्देश्य केवल विषय ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि तार्किक क्षमता और समस्या समाधान कौशल विकसित करना भी है। डॉ. सोमेश आनंद ने विद्यार्थियों को नियमित कक्षाओं में उपस्थिति सुनिश्चित करने और शंकाओं को खुलकर पूछने की सलाह दी।
डॉ. अंजनी कुमार, डॉ. नीरज कुमार सिन्हा और डॉ. चंद्रमनी ने भी विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि कॉलेज जीवन अवसरों से भरा होता है। जो छात्र शुरुआत से ही गंभीरता और समर्पण के साथ पढ़ाई करते हैं, उनके लिए भविष्य में बेहतर संभावनाएं खुलती हैं।
शिक्षकों ने छात्रों को पुस्तकालय, शैक्षणिक संसाधनों और डिजिटल लर्निंग टूल्स का अधिकतम उपयोग करने की भी सलाह दी।
शिक्षा के साथ व्यक्तित्व विकास पर जोर
इंडक्शन प्रोग्राम के दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल डिग्री पर्याप्त नहीं है। छात्रों को संचार कौशल, नेतृत्व क्षमता, टीमवर्क और तकनीकी समझ भी विकसित करनी होगी।
महाविद्यालय प्रशासन ने छात्रों को बताया कि आने वाले वर्षों में उन्हें ऐसे अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे, जिनसे वे अकादमिक विकास के साथ-साथ अपने व्यक्तित्व को भी मजबूत कर सकें। विभिन्न कार्यशालाएं, सेमिनार और शैक्षणिक गतिविधियां इसी दिशा में सहायक होंगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रारंभिक स्तर पर दिया गया सही मार्गदर्शन छात्रों के आत्मविश्वास को मजबूत करता है और उनकी सीखने की क्षमता को बेहतर बनाता है।
छात्र-छात्राओं ने दिखाई उत्साहपूर्ण भागीदारी
कार्यक्रम में नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों के बीच नए कॉलेज जीवन को लेकर उत्सुकता साफ दिखाई दी। कई छात्रों ने अपनी उम्मीदों और भविष्य की योजनाओं को साझा किया।
कार्यक्रम में छात्राओं में सुनैना कुमारी, अंशु कुमारी, लक्ष्मी कुमारी, ज्ञानी कुमारी, आरती कुमारी, पाचो कुमारी, निभा कुमारी, जुली कुमारी, रितु कुमारी और शीला कुमारी शामिल रहीं। वहीं छात्रों में मनीष कुमार, बिट्टू कुमार, सौरभ कुमार, कपिलदेव कुमार और कुंदन कुमार ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
विद्यार्थियों ने शिक्षकों से संवाद कर कॉलेज की शैक्षणिक गतिविधियों और भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। इससे उनके मन में मौजूद कई सवालों का समाधान हुआ।
नवस्थापित महाविद्यालय के लिए महत्वपूर्ण कदम
राजकीय डिग्री महाविद्यालय, इस्माईलपुर अभी नवस्थापित संस्थान है और ऐसे में इस प्रकार के कार्यक्रम संस्थान की पहचान मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। स्थानीय स्तर पर उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्थापित यह महाविद्यालय क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए नई उम्मीद बनकर उभरा है।
इस्माईलपुर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र अब उच्च शिक्षा के लिए दूर-दराज के शहरों पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहेंगे। इससे शिक्षा की पहुंच बढ़ेगी और अधिक छात्र उच्च अध्ययन की ओर आकर्षित होंगे।
महाविद्यालय में आयोजित दीक्षा आरंभ कार्यक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया कि संस्थान न केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध है, बल्कि छात्रों के सर्वांगीण विकास को भी प्राथमिकता दे रहा है। सत्र 2026-2030 के नवप्रवेशी विद्यार्थियों के लिए यह कार्यक्रम उनके शैक्षणिक सफर की मजबूत और प्रेरणादायक शुरुआत साबित हुआ।


