मालदा मंडल का बड़ा एक्शन: ट्रेनों में चला सघन टिकट जांच अभियान, एक दिन में वसूला गया ₹6.08 लाख जुर्माना

मालदा, 21 मई 2026। पूर्व रेलवे के मालदा मंडल ने बिना टिकट और अनियमित यात्रा के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए एक बार फिर बड़े स्तर पर टिकट जांच अभियान चलाया। भागलपुर–किउल रेलखंड समेत कई महत्वपूर्ण ट्रेनों में किए गए इस विशेष अभियान के दौरान रेलवे प्रशासन ने 739 मामलों का पता लगाया और कुल ₹6,08,955 का जुर्माना वसूला। रेलवे अधिकारियों ने इसे राजस्व सुरक्षा और यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्रवाई बताया है।

रेलवे प्रशासन के अनुसार यह अभियान मंडल रेल प्रबंधक मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में चलाया गया। अभियान का मुख्य उद्देश्य रेलवे राजस्व की सुरक्षा करना, अनधिकृत यात्रा पर रोक लगाना और वास्तविक यात्रियों को सुरक्षित तथा आरामदायक यात्रा अनुभव उपलब्ध कराना था। अधिकारियों का कहना है कि लगातार बढ़ती बिना टिकट यात्रा की घटनाएं रेलवे व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव डालती हैं और इससे ईमानदारी से टिकट खरीदने वाले यात्रियों को भी परेशानी होती है।

मालदा मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक कार्तिक सिंह की निगरानी में भागलपुर–किउल खंड में नियमित रूप से टिकट जांच अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी क्रम में 21 मई 2026 को व्यापक स्तर पर सघन जांच अभियान संचालित किया गया। अभियान के दौरान रेलवे के टिकट जांच दलों ने अलग-अलग ट्रेनों में कोच दर कोच यात्रियों के टिकटों की जांच की और बिना टिकट यात्रा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की।

जिन प्रमुख ट्रेनों में विशेष जांच की गई उनमें 22948 भागलपुर–सूरत सुपरफास्ट एक्सप्रेस, 13241 राजेंद्र नगर टर्मिनल इंटरसिटी एक्सप्रेस, 12367 विक्रमशिला एक्सप्रेस, 13409 मालदा–किउल इंटरसिटी एक्सप्रेस और 12254 अंग एक्सप्रेस शामिल थीं। इसके अलावा कई अन्य महत्वपूर्ण ट्रेनों में भी जांच अभियान चलाया गया। रेलवे अधिकारियों के अनुसार इन ट्रेनों में बड़ी संख्या में यात्रियों की आवाजाही होती है, इसलिए यहां नियमित निगरानी आवश्यक है।

यह अभियान सहायक वाणिज्य प्रबंधक तापस कुमार विश्वास के नेतृत्व में संचालित किया गया। वाणिज्य विभाग के कर्मचारियों ने रेलवे सुरक्षा बल यानी आरपीएफ के साथ समन्वय बनाकर अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। रेलवे प्रशासन का कहना है कि संयुक्त कार्रवाई के कारण जांच प्रक्रिया अधिक प्रभावी रही और बिना टिकट यात्रा करने वालों की पहचान तेजी से की जा सकी।

अभियान के दौरान ऐसे कई यात्री पाए गए जो बिना टिकट यात्रा कर रहे थे। कुछ मामलों में यात्रियों के पास सामान्य टिकट था लेकिन वे आरक्षित श्रेणी के कोच में सफर कर रहे थे। कई यात्री ऐसे भी मिले जो प्लेटफॉर्म टिकट लेकर ट्रेन में यात्रा करते पाए गए। रेलवे अधिकारियों ने सभी मामलों में नियमों के अनुसार जुर्माना लगाया।

रेलवे प्रशासन का कहना है कि बिना टिकट यात्रा रेलवे को हर साल भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाती है। इससे न केवल राजस्व प्रभावित होता है बल्कि ट्रेनों में भीड़ और अव्यवस्था भी बढ़ती है। ऐसे में नियमित टिकट जांच अभियान चलाना आवश्यक हो जाता है ताकि रेलवे व्यवस्था को व्यवस्थित रखा जा सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय रेलवे जैसी विशाल परिवहन व्यवस्था के लिए टिकट राजस्व बेहद महत्वपूर्ण होता है। इसी राजस्व के जरिए रेलवे ट्रैक, स्टेशन, ट्रेन सेवाओं और यात्री सुविधाओं का विकास किया जाता है। यदि बिना टिकट यात्रा पर नियंत्रण नहीं रखा जाए तो इससे रेलवे की वित्तीय व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

रेलवे अधिकारियों ने कहा कि टिकट जांच अभियान केवल जुर्माना वसूली तक सीमित नहीं है बल्कि इसका उद्देश्य यात्रियों के बीच जागरूकता बढ़ाना भी है। यात्रियों को यह समझाना जरूरी है कि वैध टिकट के साथ यात्रा करना उनकी जिम्मेदारी है। रेलवे ने यात्रियों से अपील की कि वे हमेशा उचित टिकट लेकर ही यात्रा करें ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा या दंड का सामना न करना पड़े।

मालदा मंडल ने यह भी स्पष्ट किया कि आने वाले समय में ऐसे सघन अभियान लगातार जारी रहेंगे। रेलवे अब संवेदनशील रूटों और भीड़भाड़ वाले ट्रेनों में जांच व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जहां भी बिना टिकट यात्रा की शिकायतें अधिक मिलती हैं, वहां विशेष अभियान चलाए जाएंगे।

रेलवे सुरक्षा बल के अधिकारियों ने बताया कि जांच अभियान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था का भी पूरा ध्यान रखा गया। यात्रियों से शालीनता के साथ पूछताछ की गई और किसी प्रकार की अव्यवस्था नहीं होने दी गई। अधिकांश यात्रियों ने जांच में सहयोग किया और मौके पर ही जुर्माना भरकर अपनी यात्रा जारी रखी।

रेलवे प्रशासन ने यह भी कहा कि टिकट जांच अभियान के साथ-साथ यात्री सुविधाओं में सुधार के लिए भी लगातार काम किया जा रहा है। स्टेशनों पर साफ-सफाई, बेहतर खानपान व्यवस्था, सुरक्षा और समयपालन को लेकर कई पहलें की जा रही हैं। रेलवे का उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और आरामदायक यात्रा अनुभव उपलब्ध कराना है।

रेल विशेषज्ञों का मानना है कि गर्मी की छुट्टियों और त्योहारों के मौसम में ट्रेनों में यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है। इस दौरान बिना टिकट यात्रा और अनियमित यात्रा के मामलों में भी वृद्धि होती है। इसलिए रेलवे प्रशासन ऐसे समय में जांच अभियानों को और तेज कर देता है।

मालदा मंडल द्वारा चलाया गया यह अभियान रेलवे प्रशासन की सख्त नीति को दर्शाता है। रेलवे अब तकनीकी निगरानी, नियमित जांच और आरपीएफ के सहयोग से अनधिकृत यात्रा पर प्रभावी नियंत्रण की दिशा में काम कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यदि यात्री नियमों का पालन करें और वैध टिकट लेकर यात्रा करें तो रेलवे सेवाओं को और बेहतर बनाया जा सकता है।

अभियान के अंत में मालदा मंडल ने सभी यात्रियों से अपील की कि वे यात्रा के दौरान नियमों का पालन करें और रेलवे प्रशासन का सहयोग करें। रेलवे ने कहा कि टिकट लेकर यात्रा करना केवल कानूनी जिम्मेदारी नहीं बल्कि बेहतर और व्यवस्थित यात्रा व्यवस्था बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण योगदान है।

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