बिहार में मखाना खेती को बढ़ावा, 17 करोड़ की योजना को मिली स्वीकृति

पटना, 27 अगस्त।उप मुख्यमंत्री सह कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने घोषणा की है कि बिहार सरकार ने एकीकृत बागवानी विकास मिशन के अंतर्गत मखाना अवयवों की योजना को स्वीकृति प्रदान की है। योजना का क्रियान्वयन वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2026-27 तक किया जाएगा, जिसके लिए कुल 16 करोड़ 99 लाख 11 हजार 930 रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

योजना का वित्तीय प्रावधान

  • 2025-26 के लिए 11 करोड़ 53 लाख 49 हजार 430 रुपये की स्वीकृति
  • 2026-27 के लिए 5 करोड़ 45 लाख 62 हजार 500 रुपये का प्रावधान

योजना का मुख्य उद्देश्य

इस योजना का मकसद बिहार के 16 जिलों (कटिहार, पूर्णिया, दरभंगा, मधुबनी, किशनगंज, सुपौल, अररिया, मधेपुरा, सहरसा, खगड़िया, समस्तीपुर, भागलपुर, सीतामढ़ी, पूर्वी चम्पारण, पश्चिमी चम्पारण और मुजफ्फरपुर) में मखाना खेती का क्षेत्र विस्तार करना है।

इसके तहत:

  • किसानों को उन्नत प्रभेदों ‘स्वर्ण वैदेही’ और ‘सबौर मखाना-1’ का बीज उपलब्ध कराया जाएगा।
  • बीज उत्पादन एवं वितरण को प्रोत्साहित किया जाएगा।
  • किसानों को परंपरागत उपकरण किट उपलब्ध कराई जाएगी।

किसानों को मिलेगा लाभ

  • मखाना खेती की इकाई लागत 0.97 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर तय की गई है।
  • किसानों को 75% यानी 72,750 रुपये प्रति हेक्टेयर सहायतानुदान दो किस्तों में दिया जाएगा।
  • प्रत्येक किसान को न्यूनतम 0.25 एकड़ (0.1 हेक्टेयर) और अधिकतम 5 एकड़ (2 हेक्टेयर) तक का लाभ मिलेगा।

उपकरण किट

योजना अंतर्गत किसानों को पारंपरिक उपकरण जैसे – औका/गाँज, कारा, खैंचि, चटाई, अफरा और थापी उपलब्ध कराए जाएंगे।

  • प्रति किट लागत: 22,100 रुपये
  • किसानों को अनुदान: 16,575 रुपये (75%)

महिला कृषकों की भागीदारी

उप मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना में महिला सहभागिता पर विशेष जोर दिया गया है। लाभार्थी किसानों में 30 प्रतिशत महिलाएं होंगी।

बिहार को मखाना उत्पादन में मिलेगी मजबूती

विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि यह योजना न केवल किसानों की आय दोगुनी करने में सहायक होगी बल्कि बिहार को मखाना उत्पादन में और मजबूती प्रदान करेगी। इससे राज्य की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।


 

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