
हाजीपुर। बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच निगरानी विभाग ने हाजीपुर में बड़ी कार्रवाई करते हुए खनन विभाग के दो कर्मचारियों को रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद सरकारी विभागों में हड़कंप मच गया है।
लाइसेंस के नाम पर मांगी जा रही थी घूस
मिली जानकारी के अनुसार, खनन विभाग में कार्यरत एक डाटा एंट्री ऑपरेटर और एक परिचारी पर आरोप है कि वे खनन लाइसेंस जारी करने के नाम पर एक व्यक्ति से 50 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहे थे। पीड़ित ने इसकी शिकायत निगरानी विभाग से की थी, जिसके बाद टीम ने योजना बनाकर ट्रैप किया।
रंगेहाथ दबोचे गए आरोपी
निगरानी की टीम ने पूरी तैयारी के साथ जाल बिछाया और जैसे ही आरोपियों ने रिश्वत की रकम ली, उन्हें मौके पर ही पकड़ लिया गया। कार्रवाई के दौरान टीम ने रिश्वत की पूरी रकम भी बरामद कर ली। गिरफ्तारी के बाद दोनों कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है।
लंबे समय से चल रहा था खेल
सूत्रों के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि विभाग में इस तरह की अवैध वसूली का खेल काफी समय से चल रहा था। लाइसेंस और अन्य कार्यों के नाम पर लोगों से पैसे लिए जाते थे। हालांकि, विस्तृत जांच के बाद ही पूरे नेटवर्क का खुलासा हो पाएगा।
आगे की कार्रवाई जारी
निगरानी विभाग अब इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रहा है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस घूसखोरी में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
भ्रष्टाचार पर सख्त संदेश
इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ा संदेश माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि आम लोगों को परेशान करने वाले ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
निगरानी विभाग ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी किसी काम के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो तुरंत इसकी सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।


