
भोजपुर। चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में अब बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की एंट्री हो गई है। उन्होंने भरत तिवारी के परिजनों से मिलने के लिए भोजपुर जिले के शाहपुर प्रखंड स्थित बिटौली गांव जाने की घोषणा की है। उनके इस बयान के बाद मामला एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।
“अपराधी हो तो भी सजा देने का अधिकार अदालत का”
मुंबई के भिवंडी में आयोजित अपने दरबार के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति अपराधी भी है, तो उसे दंड देने का अधिकार न्यायपालिका के पास है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने सरेंडर किया था, तो उसके बाद उसकी मौत कैसे हुई, इसकी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में कानून से ऊपर कोई नहीं है और पूरे मामले की सच्चाई जनता के सामने आनी चाहिए।
भरत तिवारी को बताया हिंदू समाज के लिए काम करने वाला युवा
धीरेंद्र शास्त्री ने भरत तिवारी को सनातन और हिंदू समाज के लिए सक्रिय रूप से कार्य करने वाला युवा बताते हुए कहा कि उसकी मौत को लेकर जो सवाल उठ रहे हैं, उनका स्पष्ट जवाब मिलना चाहिए। उन्होंने घोषणा की कि वह जल्द ही बिटौली गांव पहुंचकर परिवार से मुलाकात करेंगे और उनका पक्ष जानेंगे।
2023 में बागेश्वर धाम तक की थी पैदल यात्रा
गौरतलब है कि वर्ष 2023 में भरत तिवारी ने हिंदू राष्ट्र के संकल्प के साथ भोजपुर के आरा से बागेश्वर धाम तक पैदल यात्रा की थी। इसी दौरान उनकी मुलाकात धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से हुई थी। बताया जाता है कि दोनों के बीच उस समय लंबी बातचीत भी हुई थी।
अनिरुद्धाचार्य भी उठा चुके हैं सवाल
इससे पहले प्रसिद्ध कथावाचक अनिरुद्धाचार्य भी भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दे चुके हैं। उन्होंने कहा था कि लोकतंत्र में जनता की आवाज सुनी जानी चाहिए और किसी भी मामले में कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग भी की थी।
बढ़ता जा रहा है मामला
भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर लगातार महापंचायत, विरोध प्रदर्शन और न्याय की मांग उठ रही है। अब धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के गांव जाने की घोषणा के बाद इस मामले को और अधिक राजनीतिक व सामाजिक तूल मिलने की संभावना जताई जा रही है। प्रशासन और सरकार की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।


