मालदा, 20 मार्च 2026: पूर्व रेलवे के मालदा मंडल ने रेल परिचालन को और अधिक सुचारू, सुरक्षित और तेज बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। मंडल के अंतर्गत न्यू फरक्का–आज़िमगंज सेक्शन में स्थित नवपाड़ा महिषासुर हॉल्ट पर डबल लाइन इंटरमीडिएट ब्लॉक सिग्नलिंग (IBS) प्रणाली का सफलतापूर्वक कमीशनिंग कर दिया गया है।
यह महत्वपूर्ण कार्य मंडल रेल प्रबंधक मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन और वरिष्ठ मंडलीय सिग्नल एवं दूरसंचार अभियंता राजेंद्र कुमार की देखरेख में पूरा किया गया।
बिना किसी बाधा के हुआ सफल संचालन
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, IBS प्रणाली का कमीशनिंग पूरी तरह सुचारू ढंग से किया गया और इस दौरान ट्रेन परिचालन पर किसी प्रकार का असर नहीं पड़ा। यह विभिन्न विभागों के बीच बेहतर योजना, समन्वय और तकनीकी निष्पादन का उदाहरण माना जा रहा है।
क्या है IBS और कैसे होगा फायदा
इंटरमीडिएट ब्लॉक सिग्नलिंग (IBS) एक उन्नत सिग्नलिंग प्रणाली है, जिसका उद्देश्य एक लंबे रेल खंड को छोटे-छोटे हिस्सों में विभाजित करना होता है।
इस परियोजना के तहत लगभग 12 किलोमीटर लंबे ब्लॉक सेक्शन को दो हिस्सों (लगभग 6-6 किमी) में बांट दिया गया है।
इस बदलाव से:
- ट्रेनों के बीच की दूरी कम होगी
- एक ही ट्रैक पर अधिक ट्रेनों का संचालन संभव होगा
- ट्रेनों की समयबद्धता और गति में सुधार होगा
- सुरक्षा मानकों में वृद्धि होगी
सिग्नलिंग सिस्टम में किए गए अहम बदलाव
इस अपग्रेड के तहत कई तकनीकी सुधार भी किए गए हैं:
- मणिग्राम स्टेशन:
यहां इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (EI) प्रणाली में इंटरमीडिएट ब्लॉक के अनुरूप बदलाव किए गए - महिपाल रोड स्टेशन:
यहां पैनल इंटरलॉकिंग (PI) सिस्टम में आवश्यक संशोधन किया गया - लेवल क्रॉसिंग गेट:
एक गैर-इंटरलॉक्ड मध्य-खंड गेट को IBS सिग्नलों के साथ सफलतापूर्वक इंटरलॉक किया गया
कर्मचारियों को दिया जा रहा प्रशिक्षण
नई प्रणाली के प्रभावी संचालन के लिए रेलवे द्वारा ऑपरेशन स्टाफ को विशेष प्रशिक्षण और काउंसलिंग दी जा रही है।
यह प्रशिक्षण अभियान अगले एक सप्ताह तक जारी रहेगा, जिसमें अधिकारियों और सुपरवाइजरों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है।
रेलवे की प्रतिबद्धता का संकेत
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह कदम केवल तकनीकी अपग्रेड नहीं, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा और बेहतर सेवा की दिशा में एक मजबूत पहल है।
IBS प्रणाली के लागू होने से न सिर्फ लाइन क्षमता बढ़ेगी, बल्कि भविष्य में बढ़ती ट्रेनों की संख्या को भी आसानी से संभाला जा सकेगा।
निष्कर्ष
नवपाड़ा महिषासुर हॉल्ट पर IBS प्रणाली की शुरुआत मालदा मंडल के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। यह पहल दर्शाती है कि पूर्व रेलवे लगातार अपनी सिग्नलिंग अवसंरचना को आधुनिक बना रहा है और यात्रियों को सुरक्षित, तेज और विश्वसनीय सेवा देने के लिए प्रतिबद्ध है।


