बिहार की सियासत में बड़ा बदलाव तय? नीतीश कुमार के इस्तीफे की अटकलें तेज, अगले मुख्यमंत्री को लेकर मंथन जारी

पटना, 7 अप्रैल 2026: बिहार की राजनीति में अगले 72 घंटे बेहद अहम माने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के संभावित इस्तीफे और केंद्र की राजनीति में उनकी भूमिका को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। इसी बीच एनडीए खेमे में नई सरकार के गठन को लेकर हलचल भी बढ़ गई है।

8 अप्रैल की कैबिनेट बैठक हो सकती है आखिरी
सूत्रों के मुताबिक, 8 अप्रैल को होने वाली कैबिनेट बैठक नीतीश कुमार की अध्यक्षता में अंतिम बैठक हो सकती है। बताया जा रहा है कि इस बैठक में वे अपनी ‘समृद्धि यात्रा’ के दौरान घोषित योजनाओं को अंतिम मंजूरी और बजट आवंटन दिला सकते हैं।

यह बैठक सरकार के मौजूदा कार्यकाल की दिशा तय करने के साथ-साथ एक बड़े राजनीतिक बदलाव का संकेत भी मानी जा रही है।

दिल्ली दौरा और राज्यसभा की तैयारी
मिली जानकारी के अनुसार, नीतीश कुमार 9 अप्रैल को दिल्ली रवाना हो सकते हैं और 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने की संभावना जताई जा रही है।

इसके बाद 11 अप्रैल को उनके पटना लौटने का कार्यक्रम है। एनडीए ने अपने सभी विधायकों को 11 अप्रैल तक पटना में मौजूद रहने का निर्देश दिया है, जिससे साफ संकेत मिलता है कि कोई बड़ा राजनीतिक फैसला लिया जा सकता है।

12-13 अप्रैल को हो सकता है बड़ा ऐलान
सूत्रों की मानें तो 12 या 13 अप्रैल को एनडीए विधानमंडल दल की बैठक बुलाई जा सकती है। इस बैठक में नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने का औपचारिक ऐलान कर सकते हैं।

इसके बाद राज्यपाल को इस्तीफा सौंपा जाएगा और नए नेता का चयन कर नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू होगी।

कौन बनेगा अगला मुख्यमंत्री? सस्पेंस बरकरार
नीतीश कुमार के संभावित इस्तीफे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि बिहार की कमान किसके हाथ में जाएगी।

राजनीतिक गलियारों में कई नाम चर्चा में हैं:

  • निशांत कुमार (नीतीश कुमार के पुत्र)
  • विजय कुमार चौधरी (वरिष्ठ जदयू नेता)
  • सम्राट चौधरी (भाजपा)
  • संजीव चौरसिया
  • प्रेम कुमार

बताया जा रहा है कि एनडीए के भीतर जातीय समीकरण और आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए नए चेहरे पर सहमति बनाई जा सकती है।

बीजेपी की भूमिका हो सकती है और मजबूत
नई राजनीतिक स्थिति में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की भूमिका पहले से अधिक मजबूत हो सकती है। सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री पद को लेकर भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं के नामों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।

क्या केंद्र की राजनीति में नई भूमिका निभाएंगे नीतीश?
चर्चा है कि नीतीश कुमार भविष्य में राज्यसभा सदस्य के रूप में दिल्ली की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि संवैधानिक रूप से वे सांसद रहते हुए भी मुख्यमंत्री बने रह सकते हैं, लेकिन माना जा रहा है कि वे स्वेच्छा से नए नेतृत्व को मौका देना चाहते हैं

बिहार की राजनीति इस समय बड़े बदलाव के मुहाने पर खड़ी है। आने वाले कुछ दिन यह तय करेंगे कि राज्य की कमान किसके हाथ में जाएगी और नीतीश कुमार की नई राजनीतिक भूमिका क्या होगी। फिलहाल सस्पेंस बरकरार है, लेकिन सियासी हलचल अपने चरम पर है।

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