पटना हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: बिना शराब बरामदगी ट्रक जब्त करना पड़ा महंगा, बिहार सरकार पर ₹2.15 लाख का जुर्माना

पटना: बिहार में शराबबंदी कानून के तहत की गई कार्रवाई पर पटना हाईकोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए राज्य सरकार पर 2.15 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। मामला गोपालगंज जिले के कुचायकोट थाना क्षेत्र का है, जहां पिछले 10 महीनों से एक ट्रक केवल “शराब की गंध” के संदेह में जब्त कर थाने में खड़ा रखा गया था।

जानकारी के अनुसार, 14 अगस्त 2025 को कुचायकोट थाने के दारोगा सतेंद्र कुमार राय ने राजेश कुमार यादव के ट्रक को शराबबंदी कानून के तहत जब्त किया था। हालांकि ट्रक से एक बूंद भी शराब बरामद नहीं हुई थी। पुलिस ने केवल केबिन से शराब जैसी गंध आने के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर वाहन जब्त कर लिया था। पुलिस का दावा था कि ट्रक से पहले शराब की तस्करी की गई थी और रास्ते में कहीं माल उतार दिया गया।

इस मामले में पटना हाईकोर्ट की जस्टिस राजीव रंजन प्रसाद और जस्टिस कुमार मनीष की खंडपीठ ने राजेश कुमार यादव की याचिका स्वीकार करते हुए राज्य सरकार को 2 लाख रुपये मुआवजा और 15 हजार रुपये मुकदमे के खर्च के रूप में देने का आदेश दिया।

अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि ट्रक की पूरी तकनीकी जांच कराई जाए। यदि वाहन में थाने में खड़े रहने के दौरान कोई खराबी या नुकसान हुआ हो तो उसे ठीक कराकर मालिक को सौंपा जाए।

सुनवाई के दौरान अदालत ने दारोगा सतेंद्र कुमार राय से शराबबंदी कानून के प्रावधानों के बारे में सवाल किया। दारोगा ने स्वीकार किया कि उन्होंने संबंधित कानून का अध्ययन ही नहीं किया है। इस पर अदालत ने कड़ी नाराजगी जताई और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मौजूद गोपालगंज के एसपी से सवाल किया कि 40 मामलों की जांच करने वाले अधिकारी को कानून की जानकारी तक नहीं है।

कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया कि मुआवजे की राशि अंततः इस कार्रवाई के लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों से वसूली जाए। वहीं गोपालगंज के एसपी ने अदालत को भरोसा दिलाया कि दोषी अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

पटना हाईकोर्ट का यह फैसला शराबबंदी कानून के क्रियान्वयन में मनमानी कार्रवाई पर एक महत्वपूर्ण टिप्पणी माना जा रहा है।

  • ये भी पढ़े..

    भरत तिवारी मामले में नया मोड़, न्याय की मांग करने वाले सिपाही आशीष तिवारी सस्पेंड

    Share Add as a preferred…

    भरत तिवारी एनकाउंटर मामला गरमाया, परिजनों ने लगाया धमकी और केस वापस लेने का दबाव बनाने का आरोप

    Share Add as a preferred…