
रेलवे भर्ती की तैयारी कर रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। केंद्रीय रेल मंत्री Ashwini Vaishnaw ने रेलवे भर्ती प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और तकनीक आधारित बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं।
सभी विभागीय परीक्षाएं होंगी CBT मोड में
रेल मंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में निर्देश दिया कि भारतीय रेलवे की सभी विभागीय परीक्षाएं अब Computer-Based Test (CBT) के माध्यम से आयोजित की जाएंगी। इसका उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, तेज और निष्पक्ष बनाना है।
इसके साथ ही जहां संभव होगा, वहां Tablet-Based Test (TBT) प्रणाली का भी विस्तार किया जाएगा, ताकि परीक्षा आयोजन को और अधिक आधुनिक बनाया जा सके।
CBT और TBT में क्या अंतर है?
CBT (Computer-Based Test)
- परीक्षा डेस्कटॉप कंप्यूटर पर आयोजित होती है।
- बड़े परीक्षा केंद्र और मजबूत तकनीकी ढांचे की आवश्यकता होती है।
- वर्तमान में अधिकांश रेलवे भर्ती परीक्षाएं इसी माध्यम से आयोजित की जाती हैं।
TBT (Tablet-Based Test)
- परीक्षा टैबलेट डिवाइस पर आयोजित होती है।
- कम इंफ्रास्ट्रक्चर में भी परीक्षा संभव।
- दूरदराज क्षेत्रों तक परीक्षा सुविधाएं पहुंचाने में मददगार।
- परीक्षा आयोजन की लागत और समय कम हो सकता है।
भर्ती प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाने पर जोर
बैठक में भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता, सटीकता और समयबद्धता पर विशेष चर्चा हुई। रेलवे का लक्ष्य है कि अभ्यर्थियों को बेहतर परीक्षा अनुभव मिले और तकनीक के माध्यम से चयन प्रक्रिया को और मजबूत बनाया जा सके।
वार्षिक भर्ती कैलेंडर से मिली सुविधा
रेल मंत्री ने कहा कि रेलवे का वार्षिक भर्ती कैलेंडर उम्मीदवारों के लिए काफी उपयोगी साबित हुआ है। इससे अभ्यर्थियों को रिक्तियों और परीक्षाओं की जानकारी पहले से मिल जाती है, जिससे तैयारी करना आसान हो जाता है।
2025-26 में 43 हजार से अधिक नियुक्तियां
रेल मंत्री के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में भारतीय रेलवे ने कुल 43,781 उम्मीदवारों को नियुक्ति दी है। इनमें प्रमुख रूप से:
- 18,799 असिस्टेंट लोको पायलट (ALP)
- 14,298 टेक्नीशियन
- 1,376 पैरामेडिकल स्टाफ
- अन्य विभिन्न श्रेणियों के पद शामिल हैं।
देश की सबसे बड़ी भर्ती प्रक्रियाओं में शामिल
Railway Recruitment Board की परीक्षाएं देश की सबसे बड़ी भर्ती प्रक्रियाओं में गिनी जाती हैं। लाखों अभ्यर्थियों की भागीदारी के कारण परीक्षाएं देशभर के सैकड़ों शहरों और हजारों परीक्षा केंद्रों पर कई शिफ्टों में आयोजित की जाती हैं।
रेलवे ने यह भी सुनिश्चित किया है कि परीक्षाएं 15 भाषाओं में उपलब्ध हों, ताकि विभिन्न राज्यों के अभ्यर्थियों को सुविधा मिल सके।
उम्मीदवारों के लिए क्या है संदेश?
रेलवे के इस फैसले से स्पष्ट है कि आने वाले समय में भर्ती परीक्षाएं पूरी तरह डिजिटल और तकनीक आधारित होंगी। ऐसे में अभ्यर्थियों को कंप्यूटर आधारित परीक्षा पैटर्न, ऑनलाइन मॉक टेस्ट और डिजिटल इंटरफेस की तैयारी पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
नई व्यवस्था का उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया को अधिक तेज, निष्पक्ष और उम्मीदवार-अनुकूल बनाना है, जिससे योग्य अभ्यर्थियों का चयन पारदर्शी तरीके से सुनिश्चित किया जा सके।


