
पटना | बिहार न्यूज़: बिहार में अंचलाधिकारियों (CO) की जारी हड़ताल के बीच राज्य सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को पटरी पर बनाए रखने के लिए बड़ा कदम उठाया है। ने पटना जिले के 11 अंचलों में नए प्रभारी अंचलाधिकारी (CO) की प्रतिनियुक्ति कर दी है, ताकि सरकारी कामकाज प्रभावित न हो।
1 अप्रैल से सभी अंचलों में तैनाती का आदेश
विभाग द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि 1 अप्रैल 2026 से राज्य के सभी अंचलों में राजस्व अधिकारियों की अनिवार्य तैनाती सुनिश्चित की जाएगी। सरकार का मकसद है कि हड़ताल के बावजूद आम जनता को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
पटना से हुई शुरुआत, पूरे राज्य में लागू होगा मॉडल
इस पहल की शुरुआत राजधानी से की गई है, जहां 11 अंचलों में नए CO की जिम्मेदारी तय कर दी गई है। सूत्रों के मुताबिक, इसी मॉडल को जल्द ही अन्य जिलों में भी लागू किया जाएगा, ताकि पूरे राज्य में प्रशासनिक कार्य सुचारु रूप से चलता रहे।
हड़ताल के बीच सरकार का ‘डैमेज कंट्रोल’ प्लान
अंचलाधिकारियों की हड़ताल के कारण कई जरूरी राजस्व सेवाएं प्रभावित हो रही थीं, जैसे—
- दाखिल-खारिज (Mutation)
- भूमि मापी और परिमार्जन
- प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया
- भूमि विवादों का निपटारा
सरकार ने इन सेवाओं को बाधित होने से बचाने के लिए वैकल्पिक अधिकारियों की तैनाती का फैसला लिया है।
आम जनता को राहत देने की कोशिश
सरकार का मानना है कि जमीन से जुड़े मामलों में देरी से आम लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। इसलिए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि—
- अंचल स्तर पर अधिकारी उपलब्ध रहें
- लंबित मामलों का जल्द निपटारा हो
- ऑनलाइन सेवाएं और प्रमाण पत्र निर्गत होते रहें
हड़ताल पर सख्त रुख जारी
राज्य सरकार पहले ही हड़ताली अधिकारियों को चेतावनी दे चुकी है कि तय समयसीमा तक काम पर नहीं लौटने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में नए CO की तैनाती को सरकार के सख्त रुख का संकेत माना जा रहा है।
पटना के 11 अंचलों में नए अंचलाधिकारियों की तैनाती यह दर्शाती है कि सरकार प्रशासनिक कामकाज को किसी भी हाल में बाधित नहीं होने देना चाहती। आने वाले दिनों में यह मॉडल पूरे बिहार में लागू हो सकता है, जिससे हड़ताल के असर को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।


