
किशनगंज: बिहार के किशनगंज जिले में शिक्षा विभाग की डिजिटल उपस्थिति प्रणाली ई-शिक्षाकोष पोर्टल में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। जांच में खुलासा हुआ कि कई शिक्षकों ने विद्यालय पहुंचे बिना ही सैकड़ों किलोमीटर दूर से ‘मार्क ऑन ड्यूटी’ दर्ज कर सरकारी व्यवस्था को धोखा दिया। मामले का खुलासा होते ही शिक्षा विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए पांच शिक्षकों और एक प्रधानाध्यापक सहित कुल छह शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
जांच में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य
14 मई 2026 को जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (समग्र शिक्षा) द्वारा ई-शिक्षाकोष पोर्टल की नियमित जांच के दौरान यह अनियमितता पकड़ी गई।
जांच रिपोर्ट के अनुसार संबंधित शिक्षकों की लोकेशन विद्यालय से काफी दूर पाई गई—
- 1097 किलोमीटर दूर
- 632 किलोमीटर दूर
- 490 किलोमीटर दूर
- 404 किलोमीटर दूर
- 297 किलोमीटर दूर
- 155 किलोमीटर दूर
इसके बावजूद सभी ने पोर्टल पर अपनी उपस्थिति दर्ज कर रखी थी।
इन शिक्षकों पर गिरी कार्रवाई की गाज
शिक्षा विभाग ने जिन शिक्षकों को निलंबित किया है, उनमें शामिल हैं—
- मो. नाहिद रजा – मध्य विद्यालय, भोगडाबर
- सोनम राय – उत्क्रमित मध्य विद्यालय, डांगीबस्ती
- प्रवीण कुमार – नया प्राथमिक विद्यालय, गिधीनगोला पासवान टोला
- महबूब आलम – उत्क्रमित मध्य विद्यालय, दुराघाटी
- लोकेश कुमार – उच्च माध्यमिक विद्यालय, बरचोंदी
- सहादत हुसैन अंसारी – प्रोजेक्ट बालिका उच्च विद्यालय, पोठिया
विभागीय कार्रवाई शुरू, आरोप-पत्र जारी
जिला शिक्षा पदाधिकारी (स्थापना) ने प्रथम दृष्टया इसे गंभीर कदाचार, सरकारी आदेशों की अवहेलना, अनुशासनहीनता और विद्यार्थियों के हितों के साथ खिलवाड़ माना है।
सभी शिक्षकों के खिलाफ बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली के तहत विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। आरोप-पत्र जारी कर विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन-निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
ई-शिक्षाकोष के दुरुपयोग पर सरकार सख्त
ई-शिक्षाकोष पोर्टल राज्य सरकार की डिजिटल उपस्थिति प्रणाली है, जिसका उद्देश्य सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना और पारदर्शिता बनाए रखना है।
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि डिजिटल प्रणाली के दुरुपयोग को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों की लगातार निगरानी की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
अब अन्य शिक्षकों की भी होगी जांच
विभागीय सूत्रों के अनुसार अब ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर दर्ज अन्य शिक्षकों की उपस्थिति का भी सत्यापन किया जाएगा। यदि कहीं भी इसी तरह की गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित शिक्षकों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा विभाग ने दो टूक कहा है कि विद्यार्थियों की पढ़ाई और सरकारी शिक्षा व्यवस्था के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा।


