NEET छात्रा मौत केस में बड़ा फैसला.. CM नीतीश ने CBI जांच की सिफारिश की, परिजनों का अल्टीमेटम— “न्याय नहीं मिला तो पूरा परिवार करेगा आत्महत्या”

पटना।पटना में गर्ल्स हॉस्टल में रहकर NEET की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले ने अब राष्ट्रीय स्तर की जांच का रास्ता पकड़ लिया है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भारत सरकार को पत्र लिखकर कांड संख्या-14/26 की CBI जांच की सिफारिश की है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि—

“इस मामले का पारदर्शी, निष्पक्ष और न्यायपूर्ण तरीके से उद्भेदन होना चाहिए, ताकि किसी भी स्तर पर संदेह की गुंजाइश न रहे।”

सरकार के इस कदम से पीड़ित परिवार को उम्मीद जगी है, लेकिन साथ ही उनका दर्द और आक्रोश भी चरम पर पहुंच गया है।


गर्ल्स हॉस्टल में रहकर कर रही थी NEET की तैयारी

मृत छात्रा जहानाबाद जिले की रहने वाली थी और पटना के एक गर्ल्स हॉस्टल में रहकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET की तैयारी कर रही थी।
शुरुआत से ही उसकी मौत पर सवाल उठते रहे—

  • परिजनों का आरोप: यह आत्महत्या नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या है
  • पुलिस का दावा: यह आत्महत्या का मामला है

इसी विरोधाभास ने केस को और संवेदनशील बना दिया।


DGP से मुलाकात के बाद टूटा परिवार

शुक्रवार को छात्रा के माता-पिता और परिजन डीजीपी से मिलने पटना पहुंचे। उन्हें उम्मीद थी कि शीर्ष अधिकारी से बातचीत के बाद न्याय मिलेगा, लेकिन बाहर निकलते समय उनका आक्रोश फूट पड़ा।

परिजनों का आरोप है कि—

  • उन्हें समझौता करने और
  • आत्महत्या की थ्योरी मानने का दबाव दिया गया।

“आत्महत्या मान लीजिए”—डायरी दिखाकर दबाव का आरोप

छात्रा की मां ने दावा किया कि—

“हमें एक डायरी दिखाई गई और कहा गया कि इसमें आत्महत्या के संकेत हैं। लेकिन उसमें ऐसा कुछ नहीं है। पुलिस जबरन इसे आत्महत्या का रूप देना चाहती है।”


नहीं माने तो CBI की धमकी!

परिजनों का यह भी आरोप है कि जब उन्होंने आत्महत्या मानने से इनकार किया, तो कहा गया—

“अगर नहीं मानेंगे तो CBI जांच होगी और दो-तीन साल तक भटकना पड़ेगा।”

इतना ही नहीं, परिवार के ब्लड सैंपल लेकर उन्हें मानसिक रूप से डराने की कोशिश का भी आरोप लगाया गया है।


पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर भी सवाल

परिजनों का कहना है कि पोस्टमार्टम से जुड़े कई अहम सवालों के जवाब उन्हें नहीं मिले हैं।
उनका दावा है कि—

“किसी बड़े और प्रभावशाली व्यक्ति को बचाने की कोशिश हो रही है।”


“न्याय नहीं मिला तो पूरा परिवार करेगा आत्महत्या”

परिजनों का यह बयान पूरे बिहार को झकझोर देने वाला है—

“हमने अपनी बेटी खो दी है, अब अगर न्याय नहीं मिला तो पूरा परिवार आत्महत्या कर लेगा।”


सरकार ने की उच्चस्तरीय समीक्षा

DGP से मुलाकात के बाद परिवार डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी से नहीं मिला।
हालांकि सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए—

  • मुख्य सचिव
  • डीजीपी
  • पटना SSP

के साथ समीक्षा बैठक की है।


SIT रिपोर्ट से परिवार असंतुष्ट

SIT की रिपोर्ट में किसी आपराधिक घटना से इनकार किया गया है, लेकिन परिवार ने इसे एकतरफा बताते हुए खारिज कर दिया है।


सड़क पर उतरा छात्राओं का गुस्सा

पटना यूनिवर्सिटी समेत कई कॉलेजों की छात्राओं ने
‘बेटी बचाओ न्याय मार्च’ निकाला और CBI जांच की मांग की।


DNA और डिजिटल साक्ष्य बने केस की सबसे बड़ी कड़ी

अब तक—

  • 25 लोगों के DNA सैंपल
  • मोबाइल डेटा
  • CCTV फुटेज
  • स्नैपचैट चैट

की जांच की जा चुकी है।
FSL रिपोर्ट में कपड़ों से स्पर्म मिलने के बाद DNA मिलान केस की सबसे अहम कड़ी बन गया है।


हाईकोर्ट पहुंचा मामला

निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर पटना हाईकोर्ट में जनहित याचिका भी दाखिल की गई है।
अब पूरे बिहार की नजर CBI जांच और कोर्ट के अगले फैसले पर टिकी है।

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