आधार सुधार के नाम पर करोड़ों की ठगी, 15 महिलाएं और 7 पुरुष दबोचे गए
पटना।बिहार की राजधानी पटना में साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है।
आधार कार्ड में सुधार के नाम पर लोगों से ठगी कर रहे तीन फर्जी कॉल सेंटरों पर साइबर पुलिस और आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की संयुक्त टीम ने एक साथ छापेमारी की।
इस कार्रवाई में 22 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं, जिनमें 15 महिलाएं और 7 पुरुष शामिल हैं।
कहां-कहां हुई रेड?
गुप्त सूचना के आधार पर टीम ने
- सगुना मोड़
- रूपसपुर इलाके
के तीन ठिकानों पर एक साथ रेड की।
छापेमारी लखन कुटीर, वेद नगर और सौभाग्य शर्मा पथ में की गई।
क्या-क्या बरामद हुआ?
रेड के दौरान भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए—
- 19 लैपटॉप
- 1 डेस्कटॉप
- 53 मोबाइल फोन
- 12 एटीएम कार्ड
- कई फर्जी दस्तावेज और डाटा फाइलें
कैसे चलता था ठगी का खेल?
साइबर डीएसपी संगीता ने बताया कि यह गिरोह—
- IRCTC से डाटा डाउनलोड करता था
- साइबर कैफे और आम लोगों को टारगेट बनाता था
- कॉल करके खुद को आधार सेंटर का कर्मचारी बताता था
- आधार सुधार के नाम पर लिंक और ओटीपी लेकर अकाउंट खाली करता था
कॉल करने का काम लड़कियां करती थीं, जिन्हें 8 से 10 हजार रुपये सैलरी दी जाती थी।
पीछे बैठे अन्य लोग बैंक डिटेल्स और ट्रांजेक्शन संभालते थे।
डेढ़ साल से चल रहा था गिरोह
पुलिस के मुताबिक यह फर्जी कॉल सेंटर पिछले डेढ़ साल से सक्रिय था।
इन्होंने अब तक कई लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी की है।
हालांकि, मुख्य सरगना अभी फरार है।
उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
पुलिस का साफ संदेश
“साइबर अपराध करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
नेटवर्क कितना भी बड़ा क्यों न हो, कानून की पकड़ से नहीं बच पाएगा।”


