मोतिहारी में आर्म्स लाइसेंस फर्जीवाड़े का बड़ा खुलासा, चौकीदार गिरफ्तार, मुख्य आरोपी पर इनाम घोषित

मोतिहारी, बिहार | पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी में आर्म्स लाइसेंस से जुड़े एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए एक चौकीदार को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य आरोपी अब भी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 15 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।

फर्जी हस्ताक्षर से दिलाने की थी लाइसेंस की साजिश

जांच में सामने आया है कि आर्म्स लाइसेंस हासिल करने के लिए थानेदार और इंस्पेक्टर के फर्जी हस्ताक्षर किए गए थे। इस साजिश के तहत एक कुख्यात अपराधी के आपराधिक रिकॉर्ड को छिपाते हुए उसे क्लीन चिट दिखाने की कोशिश की गई।

पुलिस ने इस पूरे मामले में चौकीदार मनोज सिंह को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अधिकारियों के नकली हस्ताक्षर कर रिपोर्ट तैयार की और उसे जिला मुख्यालय भेज दिया।

कुख्यात अपराधी से जुड़ा है मामला

यह पूरा मामला केसरिया प्रखंड की प्रमुख के पति नाज अहमद खान से जुड़ा हुआ है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, नाज अहमद खान पर पहले से ही एक दर्जन से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसके बावजूद उसे दूसरा आर्म्स लाइसेंस दिलाने की साजिश रची जा रही थी।

जांच में खुला राज, DM के निर्देश पर कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर दस्तावेजों की गहन जांच कराई गई। जब अधिकारियों के हस्ताक्षरों का मिलान किया गया, तो फर्जीवाड़ा सामने आ गया। इसके बाद संबंधित पदाधिकारी के आवेदन पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी चौकीदार को गिरफ्तार कर लिया।

मुख्य आरोपी फरार, SIT गठित

मोतिहारी एसपी स्वर्ण प्रभात ने बताया कि मुख्य आरोपी नाज अहमद खान की गिरफ्तारी के लिए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है। पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।

15 हजार का इनाम घोषित

पुलिस ने फरार आरोपी पर 15 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस घटना ने आर्म्स लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अगर समय रहते इस फर्जीवाड़े का खुलासा नहीं होता, तो एक आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति को कानूनी हथियार मिल सकता था।

आगे की जांच जारी

पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस पूरे फर्जीवाड़े में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या पहले भी इसी तरह फर्जी हस्ताक्षर कर लाइसेंस जारी किए गए हैं।

प्रशासन सख्त, नहीं मिलेगी किसी को छूट

पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कानून से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, चाहे वह सरकारी कर्मचारी हो या कोई प्रभावशाली व्यक्ति।

इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ा है और प्रशासन की मुस्तैदी की सराहना की जा रही है।

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