
पटना: बिहार सरकार ने NEET-UG परीक्षा को लेकर हुए छात्र आंदोलनों के संबंध में बड़ा फैसला लिया है। सोमवार को सरकार ने घोषणा की कि प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी प्राथमिकी (FIR) वापस ली जाएंगी।
सरकार ने स्पष्ट किया कि NEET-UG परीक्षा के विरोध में आंदोलन के दौरान छात्रों पर दर्ज मामलों को वापस लेने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। साथ ही यह भी कहा गया है कि इन आंदोलनों से जुड़े छात्रों के खिलाफ भविष्य में किसी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।
छात्रों को बड़ी राहत
सरकार के इस फैसले को छात्र हित में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार का कहना है कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने वाले छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है, ताकि उनके करियर पर किसी तरह का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
परिवारों को भी मिलेगी राहत
इस घोषणा के बाद उन छात्रों और उनके परिजनों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जिनके खिलाफ आंदोलन के दौरान राज्य के विभिन्न थानों में मामले दर्ज किए गए थे। अब सरकार इन मामलों को वापस लेने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू करेगी।
सरकार के इस फैसले के बाद छात्र आंदोलन से जुड़े घटनाक्रम में नया मोड़ आ गया है और अब सभी की नजरें इस निर्णय के क्रियान्वयन की प्रक्रिया पर टिकी हैं।


