
राज्य सरकार ने जनगणना कार्य में लापरवाही और असहयोग बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं। इस कार्रवाई के तहत 600 से अधिक राजस्व अधिकारियों पर एक-एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है, जिसे उनके वेतन से वसूला जाएगा। इस सूची में मुजफ्फरपुर जिले के पांच अधिकारी भी शामिल हैं।
विभागीय आदेश के अनुसार, इन अधिकारियों पर जनगणना कार्य में अपेक्षित सहयोग नहीं देने का आरोप है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सह राज्य नोडल पदाधिकारी सी.के. अनिल ने स्पष्ट किया है कि जनगणना कार्य में बाधा डालना या असहयोग करना नियमों का उल्लंघन है और इसके लिए जनगणना अधिनियम (Census Act) के तहत दंड का प्रावधान है।
जानकारी के अनुसार, कई अधिकारी सामूहिक अवकाश या हड़ताल पर चले गए थे, जिससे जनगणना कार्य प्रभावित हुआ। स्थिति को गंभीर मानते हुए विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए यह कार्रवाई की है।
गौरतलब है कि जनगणना का पहला चरण 17 अप्रैल से 1 मई तक चल रहा है, जिसमें सूचीकरण का कार्य किया जा रहा है। वहीं दूसरा चरण 2 मई से 31 मई तक निर्धारित है। ऐसे महत्वपूर्ण समय में कार्य बाधित होने पर सरकार ने सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की है।


