
पटना: बिहार के चर्चित टेंडर घोटाले में जांच एजेंसियों का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन वरिष्ठ अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया। इन अधिकारियों पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने और भ्रष्टाचार के जरिए करोड़ों रुपये की अवैध कमाई करने का आरोप है।
गिरफ्तार अधिकारियों में भवन निर्माण विभाग के पूर्व चीफ इंजीनियर तारिणी दास, वित्त विभाग के पूर्व संयुक्त सचिव मुमुक्षु चौधरी और बुडको के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर उमेश कुमार सिंह शामिल हैं।
SVU का बड़ा खुलासा, जांच के घेरे में कई और चेहरे
स्पेशल विजिलेंस यूनिट के एडीजी पंकज कुमार दराद ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए कहा कि टेंडर घोटाले की जांच अभी जारी है और जिन लोगों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलेंगे, उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार के मामले में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
अब तक 5 गिरफ्तार, रिशु श्री बना जांच का केंद्र
इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब तक कुल पांच लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। सबसे पहले कथित मास्टरमाइंड रिशु श्री को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उसके सहयोगी संतोष को हिरासत में लिया गया। अब तीन वरिष्ठ अधिकारियों की गिरफ्तारी के बाद मामला और बड़ा हो गया है।
11.53 करोड़ की अवैध संपत्ति का खुलासा
जांच एजेंसियों के अनुसार गिरफ्तार अधिकारियों के पास से कुल 11.53 करोड़ रुपये की संदिग्ध और अवैध संपत्ति का पता चला है।
- तारिणी दास के ठिकानों से 8.53 करोड़ रुपये नकद
- मुमुक्षु चौधरी के यहां से करीब 2 करोड़ रुपये नकद
- उमेश कुमार सिंह के यहां से लगभग 1 करोड़ रुपये नकद
बरामद होने की बात सामने आई है।
ED की छापेमारी के बाद खुली परतें
इस पूरे मामले की शुरुआती जांच प्रवर्तन निदेशालय> (ED) ने की थी। छापेमारी के दौरान कई इंजीनियरों और अधिकारियों के नाम सामने आए, जिसके बाद SVU ने अलग-अलग एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की।
पटना स्थित स्पेशल विजिलेंस यूनिट थाने में तारिणी दास और मुमुक्षु चौधरी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामले दर्ज किए गए हैं।
रिटायरमेंट के बाद मिला था एक्सटेंशन, फिर रद्द हुई सेवा
तारिणी दास अक्टूबर 2024 में सेवानिवृत्त हुए थे। रिटायरमेंट के कुछ ही दिनों बाद उन्हें दो वर्षों का सेवा विस्तार दिया गया था। लेकिन ED की कार्रवाई और करोड़ों रुपये नकद बरामद होने के बाद सरकार ने उनका संविदा विस्तार रद्द कर दिया था।
राजनीतिक हलकों में भी बढ़ी हलचल
मामले में कार्रवाई तेज होने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि भ्रष्टाचार में शामिल अधिकारियों की संपत्तियां जब्त की जानी चाहिए और दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
आगे क्या?
SVU और अन्य जांच एजेंसियां अब टेंडर आवंटन, वित्तीय लेन-देन और अधिकारियों के बीच कथित सांठगांठ की कड़ियों को खंगाल रही हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
बिहार के बहुचर्चित टेंडर घोटाले में हुई इन गिरफ्तारियों ने नौकरशाही और सरकारी विभागों में हड़कंप मचा दिया है। अब सबकी नजर जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर टिकी है।


