
रोहतास/पटना: बिहार के रोहतास जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। डेहरी पुलिस लाइन में प्रशिक्षण के दौरान 16 किलोमीटर की दौड़ लगाते समय हीट वेव की चपेट में आए प्रशिक्षु सिपाही की इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना ने पुलिस महकमे के साथ-साथ पूरे राज्य को झकझोर दिया है।
मृतक प्रशिक्षु सिपाही की पहचान समस्तीपुर जिले के पटोरी थाना क्षेत्र के चांदपुर गांव निवासी श्रीराम कुमार के रूप में हुई है। वह बिहार पुलिस में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे थे और अपने परिवार के दो भाइयों में सबसे छोटे थे।
ट्रेनिंग के दौरान अचानक बिगड़ी हालत
जानकारी के अनुसार, मंगलवार को डेहरी पुलिस लाइन में प्रशिक्षु सिपाहियों की 16 किलोमीटर दौड़ आयोजित की गई थी। दौड़ के दौरान भीषण गर्मी और हीट वेव के कारण कई जवानों की तबीयत बिगड़ गई। इनमें श्रीराम कुमार की हालत सबसे ज्यादा गंभीर हो गई।
उन्हें पहले स्थानीय स्तर पर उपचार दिया गया, लेकिन स्थिति नाजुक होने पर पटना एम्स रेफर किया गया। जहां इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।
पांच प्रशिक्षु सिपाही हुए थे बेहोश
बताया जा रहा है कि प्रशिक्षण के दौरान कुल पांच प्रशिक्षु सिपाही हीट वेव की चपेट में आकर बेहोश हो गए थे। सभी को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई, लेकिन श्रीराम कुमार की जान नहीं बचाई जा सकी।
पुलिस लाइन में नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई
पटना से शव को सासाराम लाया गया, जहां सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद रोहतास पुलिस लाइन में पूरे राजकीय सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई।
शाहाबाद रेंज के डीआईजी सत्यप्रकाश, रोहतास एसपी रौशन कुमार, एएसपी अतुलेश झा समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की और गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इस दौरान पुलिस लाइन का माहौल भावुक हो गया।
हीट वेव को बताया गया मौत का कारण
रोहतास एसपी रौशन कुमार ने कहा कि प्रथम दृष्टया हीट वेव के कारण जवान की मौत हुई है। वहीं जिला आपदा पदाधिकारी कुमारी प्रेरणा ने बताया कि घटना की जानकारी आपदा विभाग को भी दे दी गई है और विभाग आवश्यक कार्रवाई की प्रक्रिया में जुट गया है।
बढ़ती गर्मी के बीच ट्रेनिंग व्यवस्था पर सवाल
इस घटना के बाद भीषण गर्मी और हीट वेव के दौरान पुलिस प्रशिक्षण की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि अत्यधिक तापमान में लंबे शारीरिक प्रशिक्षण के दौरान अतिरिक्त सावधानी और सुरक्षा उपायों की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।
श्रीराम कुमार की असमय मौत ने उनके परिवार के सपनों को तोड़ दिया है। घरवालों को उम्मीद थी कि बेटा पुलिस सेवा में जाकर परिवार का सहारा बनेगा, लेकिन अब गांव में सिर्फ मातम और उनकी यादें बची हैं।


