
पटना: दिल्ली के मालवीय नगर स्थित हौज रानी इलाके में भीषण अग्निकांड और मुजफ्फरपुर के प्रसाद हॉस्पिटल हादसे के बाद बिहार अग्निशमन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। राज्यभर में फायर सेफ्टी व्यवस्था की जांच तेज कर दी गई है और नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों पर कार्रवाई शुरू हो गई है।
दो दिन में 70 अस्पतालों और होटलों की जांच
अग्निशमन विभाग ने पटना में बीते दो दिनों के दौरान करीब 70 अस्पतालों और होटलों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई प्रतिष्ठानों में गंभीर खामियां सामने आईं। इसके बाद विभाग ने पांच संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का फैसला लिया है।
4 अस्पताल और 1 होटल पर गिरी गाज
डीआईजी अग्निशमन मनोज नट ने बताया कि पटना के पांच प्रतिष्ठानों में फायर सेफ्टी मानकों का गंभीर उल्लंघन पाया गया है। इन संस्थानों को सील करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
सील किए जाने वाले प्रतिष्ठानों में शामिल हैं:
- कुणाल होटल
- एडवांस पटना सेंट्रल हॉस्पिटल
- आरोग्यवर्धन हॉस्पिटल
- पिनेकल हॉस्पिटल
- श्याम ट्रस्ट रिसर्च हॉस्पिटल
- अपेक्स हॉस्पिटल
खान ग्लोबल इंस्टीट्यूट को भी चेतावनी
डीआईजी मनोज नट ने बताया कि Khan Global Institute के निरीक्षण के दौरान भी कुछ कमियां पाई गई हैं। संस्थान को निर्धारित समय के भीतर खामियां दूर करने का निर्देश दिया गया है। यदि नियमों का पालन नहीं किया गया तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
‘लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी’
अग्निशमन विभाग ने स्पष्ट किया है कि आम लोगों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। विभाग ने सभी अस्पताल, होटल, कोचिंग संस्थान और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से फायर सेफ्टी नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील की है।
डीआईजी मनोज नट ने कहा कि कई संस्थानों ने कार्रवाई के डर से अपनी कमियां दूर करनी शुरू कर दी हैं, लेकिन जो लोग कानून का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुजफ्फरपुर और दिल्ली हादसों के बाद बढ़ी सख्ती
गौरतलब है कि हाल ही में मुजफ्फरपुर के Prasad Hospital में आग लगने से अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं दिल्ली के हौज रानी इलाके में स्थित Flourish Stay B&B में हुए भीषण अग्निकांड में 21 लोगों की जान चली गई थी। इन घटनाओं के बाद बिहार में फायर सेफ्टी व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की जा रही है।


