
बिहार के अररिया जिले में पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन थानेदार समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। यह कदम कर्तव्य में लापरवाही, अनुशासनहीनता और संदिग्ध गतिविधियों के आरोपों के बाद उठाया गया है। इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
मादक पदार्थ मामले में मिलीभगत का आरोप
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जोगबनी थाना के थानाध्यक्ष राजीव कुमार आजाद और अपर थानाध्यक्ष गोरख कुमार पर मादक पदार्थों के कारोबारियों से मिलीभगत के गंभीर आरोप लगे हैं। इसके अलावा दोनों अधिकारियों पर अनुसंधान कार्य, वारंट निष्पादन और कुर्की की प्रक्रिया में भी लापरवाही बरतने का आरोप है।
इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक ने दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
फारबिसगंज थाना प्रभारी पर भी गिरी गाज
फारबिसगंज थाना के थानाध्यक्ष राघवेन्द्र सिंह को भी निलंबन का सामना करना पड़ा है। उन पर एक आपराधिक मामले में विपक्षी पक्ष से मिलीभगत करने और जांच प्रक्रिया में लापरवाही बरतने का आरोप है।
बताया जा रहा है कि संबंधित केस की जांच में कई अनियमितताएं सामने आई थीं, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।
आपत्तिजनक तस्वीर बना कारण
कुआड़ी थाना के थानाध्यक्ष प्रेम कुमार को भी निलंबित किया गया है। उनके खिलाफ एक आपत्तिजनक तस्वीर सामने आने के बाद विभाग ने सख्त रुख अपनाया और उन्हें पद से हटा दिया।
पुलिस अधीक्षक का सख्त संदेश
अररिया के पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार ने स्पष्ट कहा है कि ड्यूटी में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि विभाग की छवि को नुकसान पहुंचाने वाले कर्मियों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
विभाग में मचा हड़कंप
इस कार्रवाई के बाद जिले के पुलिस विभाग में हड़कंप का माहौल है। अधिकारियों और कर्मियों के बीच यह संदेश साफ तौर पर गया है कि अब कार्य में ढिलाई या गलत आचरण पर तुरंत सख्त कदम उठाए जाएंगे।
अररिया में हुई यह कार्रवाई न केवल पुलिस विभाग में अनुशासन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि प्रशासन अब जवाबदेही को लेकर अधिक सख्त हो चुका है। आने वाले दिनों में ऐसी और कार्रवाइयों की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।


