भागलपुर, 16 जुलाई 2025 | भागलपुर शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में से एक कचहरी चौक बुधवार को एक गंभीर सड़क हादसे का गवाह बना, जब कोर्ट की ओर जा रहा एक सरकारी कैदी वाहन अचानक अनियंत्रित हो गया और राजपूत करनी सेना के जिला अध्यक्ष रणजीत सोलंकी की कार में जोरदार टक्कर मार दी।
हादसा कैसे हुआ?
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर करीब 12:45 बजे के आसपास कोर्ट लेन की ओर से आ रहा कैदी वाहन अचानक तेज गति से आया और भीड़भाड़ वाले चौराहे पर नियंत्रण खो बैठा। उसी समय रणजीत सोलंकी अपनी निजी कार से एक बैठक में शामिल होने जा रहे थे। तभी सरकारी वाहन ने उनकी कार को बायीं ओर से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि सोलंकी की कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
कोई घायल नहीं, लेकिन बड़ा खतरा टल गया
घटना के समय रणजीत सोलंकी स्वयं कार में मौजूद थे। उनके साथ दो अन्य सहयोगी भी वाहन में बैठे थे। हालांकि, सभी लोग सुरक्षित बच गए, किसी को कोई शारीरिक चोट नहीं आई। आसपास मौजूद राहगीरों ने राहत की सांस ली कि यह हादसा किसी बड़े नुकसान में नहीं बदला।
रणजीत सोलंकी ने जताया आक्रोश
घटना के बाद रणजीत सोलंकी ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा:
“यह घटना प्रशासन की घोर लापरवाही का परिणाम है। सरकार के वाहन जिनमें कैदी लाए जाते हैं, वे वर्षों पुराने हैं। उनकी समय पर न सर्विस होती है, न तकनीकी जांच। अगर वाहन की ब्रेक फेल हो जाती, तो बड़ी जनहानि हो सकती थी।”
उन्होंने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा कि यह केवल संयोग था कि कोई जान नहीं गई।
घटनास्थल पर मची अफरा-तफरी
इस दुर्घटना के बाद कुछ देर तक कचहरी चौक पर अफरा-तफरी और जाम की स्थिति बन गई। बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल के पास जमा हो गए। पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और दोनों वाहनों को किनारे कर यातायात सामान्य कराया।
पुलिस का बयान
भागलपुर नगर थाने की पुलिस ने पुष्टि की कि घटना में कोई घायल नहीं हुआ है। प्रारंभिक जांच में वाहन चालक की लापरवाही और संभावित तकनीकी खराबी की बात सामने आ रही है। वाहन को जब्त कर तकनीकी परीक्षण के लिए भेजा गया है।
पुलिस के अनुसार, प्रशासनिक रिपोर्ट तैयार कर संबंधित विभाग को भेजी जाएगी, ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
भागलपुर के इस संवेदनशील चौराहे पर हुआ यह हादसा एक चेतावनी है कि सरकारी वाहनों की तकनीकी स्थिति पर गंभीरता से ध्यान देना होगा। राजपूत करनी सेना के जिला अध्यक्ष रणजीत सोलंकी की कार को क्षति पहुंची, लेकिन किसी व्यक्ति को नुकसान नहीं हुआ — यह केवल किस्मत का खेल था। अगर स्थिति थोड़ी भी अलग होती, तो परिणाम गंभीर हो सकते थे।


