स्पेस, रोबोटिक्स, 4D थिएटर, सेल्फी पॉइंट और बहुत कुछ… अब पटना में मिलेगा विज्ञान का रोमांच!
पटना, 07 अगस्त।पटना अब केवल शिक्षा का नहीं, बल्कि विज्ञान और नवाचार का भी केंद्र बनने जा रहा है। इस महीने के अंत तक बहुप्रतीक्षित डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम साइंस सिटी का भव्य उद्घाटन होने जा रहा है। राजधानी के मोइन-उल-हक स्टेडियम के पास 20.5 एकड़ में फैले इस आधुनिक साइंस सिटी को भविष्य की पीढ़ियों को वैज्ञानिक सोच और टेक्नोलॉजी से जोड़ने के उद्देश्य से विकसित किया गया है।
क्या है खास — एक नज़र में
- कुल 5 थीम गैलरियां — स्पेस, माइंड-बॉडी, साइंटिस्ट्स गैलरी, बेसिक साइंस, और सस्टेनेबल प्लैनेट
- 269 इंटरैक्टिव साइंस प्रदर्श, जिनमें 47 प्रदर्श पहले चरण में स्थापित
- 4D थिएटर, डिजिटल पैनल, सेल्फी पॉइंट और आर्टिस्टिक म्यूरल्स
- 500 सीटों वाला अल्ट्रा-मॉडर्न ऑडिटोरियम
- डोरमेटरी, कैफेटेरिया, पार्किंग, वॉशरूम, ड्रिंकिंग वॉटर जैसी सभी सुविधाएं
गैलरियों में विज्ञान का जादू
साइंस सिटी की पांच गैलरियों में से फिलहाल दो – बी ए साइंटिस्ट्स गैलरी और बेसिक साइंस गैलरी – में 47 प्रदर्श तेजी से लगाए जा रहे हैं।
बी ए साइंटिस्ट्स गैलरी में हार्मोनिक स्ट्रिंग्स, स्टैंडिंग वेव्स, और रिपल टैंक जैसे जीवंत और बच्चों को रोमांचित करने वाले मॉडल तैयार हो चुके हैं।
वहीं बेसिक साइंस गैलरी में डेसिमल सिस्टम, बाइनरी लॉजिक, गोल्डन रेशियो से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और डेटा एनालिसिस जैसे आधुनिक विषयों को रोचक ढंग से पेश किया जा रहा है।
एट्रियम में मिलेगा Insta-Perfect Experience!
साइंस सिटी का एट्रियम एरिया भी एक बड़ा आकर्षण बनने वाला है, जहां बन रहा है शानदार सेल्फी पॉइंट। इसके साथ ही डिजिटल डिस्प्ले पैनल और भित्ति चित्र (म्यूरल्स) की स्थापना से यह क्षेत्र बेहद आकर्षक नजर आएगा।
भवन निर्माण विभाग की बड़ी उपलब्धि
भवन निर्माण विभाग के सचिव कुमार रवि ने जानकारी दी कि साइंस सिटी का सिविल वर्क पूरा हो चुका है। अब प्रदर्श अधिष्ठापन और इंटीरियर वर्क अंतिम चरण में है। परियोजना की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। उद्घाटन इसी अगस्त माह के अंत तक संभावित है।
नवाचार का केंद्र बनेगा पटना
डॉ. कलाम साइंस सिटी न केवल विद्यार्थियों के लिए बल्कि आम जनता के लिए भी विज्ञान से जुड़ने और सीखने का बेहतरीन अवसर होगा।
यह केंद्र नवाचार, खोज और तकनीक को बढ़ावा देगा, जिससे बिहार और खासकर पटना को एक नई वैज्ञानिक पहचान मिलेगी।


