
खजौली/मधुबनी। बिहार के मधुबनी जिले के खजौली थाना क्षेत्र में रिश्तों के खून से सनी एक ऐसी खौफनाक वारदात सामने आई है, जिसने पूरे इलाके के सामाजिक ढांचे और मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। अक्सर हम सुनते हैं कि घर सुरक्षा का सबसे बड़ा केंद्र होता है, लेकिन खजौली के सुक्की घाट टोल इलाके में गुरुवार, 07 मई 2026 की दोपहर एक घर के भीतर ही ‘मौत का तांडव’ खेला गया。 एक मासूम बहू, जिसने शायद कभी कल्पना भी नहीं की होगी कि उसके अपने ही लोग उसकी जान के दुश्मन बन जाएंगे, उसे कुल्हाड़ी से काटकर मौत के घाट उतार दिया गया。 इस हत्याकांड की क्रूरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हत्यारों ने किसी धारदार हथियार का नहीं, बल्कि लकड़ियां फाड़ने वाली भारी कुल्हाड़ी का इस्तेमाल कर महिला के शरीर को क्षत-विक्षत कर दिया。 इस सनसनीखेज वारदात के बाद गाँव में मातम और आक्रोश का मिला-जुला माहौल है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की है और मृतका के पति समेत ससुराल पक्ष के तीन मुख्य आरोपितों को सलाखों के पीछे भेज दिया है। हालांकि, इस खूनी साजिश का एक और किरदार फिलहाल पुलिस की पकड़ से बाहर है, जिसकी तलाश में मधुबनी पुलिस संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
दोपहर का सन्नाटा और मौत की चीख: सुक्की घाट टोल में मची अफरा-तफरी
गुरुवार की दोपहर जब सुक्की घाट टोल के अधिकांश लोग अपने घरों में भोजन के बाद विश्राम कर रहे थे, तभी एक घर से निकलने वाली चीख ने पूरे मोहल्ले के सन्नाटे को चीर दिया। जानकारी के अनुसार, कृष्णदेव सिंह की 25 वर्षीय पुत्री पूजा कुमारी, जो ससुराल में अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रही थी, वह अचानक एक सोची-समझी साजिश का शिकार हो गई。 प्रत्यक्षदर्शियों और पड़ोसियों के अनुसार, घर के भीतर से बहस की आवाजें काफी समय से आ रही थीं, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि यह मामूली झगड़ा एक निर्मम हत्या में तब्दील हो जाएगा।
आरोप है कि पारिवारिक कलह और आपसी विवाद इस कदर बढ़ गया कि ससुराल पक्ष के लोगों ने अपना आपा खो दिया। घर के भीतर मौजूद पति, ससुर, सास और देवर ने मिलकर पूजा को चारों तरफ से घेर लिया। विरोध करने पर उन लोगों ने उस पर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ प्रहार करना शुरू कर दिया。 पूजा ने खुद को बचाने की भरपूर कोशिश की होगी, लेकिन वह उन चार लोगों के हिंसक उन्माद के सामने बेबस साबित हुई। हमले की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कुछ ही पलों में पूजा का शरीर लहूलुहान होकर फर्श पर गिर पड़ा और उसकी घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई。
मृतका का प्रोफाइल: कसमा मरार की बेटी ने ससुराल में गंवाई जान
इस हृदयविदारक घटना की शिकार हुई पूजा कुमारी महज 25 वर्ष की थी。 वह मूल रूप से कसमा मरार गांव की रहने वाली थी。 पूजा के पिता कृष्णदेव सिंह ने अपनी बेटी के सुनहरे भविष्य के सपने संजोकर उसकी शादी सुक्की घाट टोल निवासी राजू कुमार सिंह के साथ की थी。 शादी के बाद पूजा एक नए परिवेश में अपनी गृहस्थी बसाने की कोशिश कर रही थी, लेकिन पारिवारिक विवादों की काली छाया ने उसके जीवन को असमय ही लील लिया।
गाँव वालों के अनुसार, पूजा एक शांत स्वभाव की महिला थी, लेकिन पिछले कुछ समय से ससुराल में उसके साथ होने वाले व्यवहार को लेकर वह तनाव में रहती थी। उसके पिता कृष्णदेव सिंह ने पुलिस को दिए अपने बयान में स्पष्ट किया है कि उनकी बेटी को लंबे समय से प्रताड़ित किया जा रहा था, और अंततः गुरुवार को इन लोगों ने उसे हमेशा के लिए रास्ते से हटा दिया。 एक जवान बेटी के शव को देखकर कृष्णदेव सिंह और उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनका रो-रोकर बुरा हाल है और वे बार-बार अपनी बेटी को न्याय दिलाने की गुहार लगा रहे हैं।
खूनी साजिश के चार किरदार: तीन गिरफ्तार, एक अब भी फरार
खजौली थाना पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए प्राथमिकी दर्ज होने के कुछ ही घंटों के भीतर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य संकलित करने के बाद उन लोगों को दबोच लिया है जिन पर हत्या का सीधा आरोप है।
पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपित:
- राजू कुमार सिंह (पति): जिसके कंधों पर पत्नी की सुरक्षा की जिम्मेदारी थी, वही इस हत्याकांड के मुख्य आरोपियों में शामिल है。
- रामदयाल सिंह (ससुर): परिवार के मुखिया होने के नाते जिसने विवाद को सुलझाने के बजाय हथियार उठाने और हत्या में सहयोग करने का आरोप झेला है。
- फूलो देवी (सास): पूजा की सास, जिस पर भी इस निर्मम हत्या में शामिल होने का गंभीर आरोप लगा है。
फरार आरोपी:
- राहुल सिंह (देवर): वारदात के बाद से ही राहुल सिंह फरार होने में सफल रहा है。 पुलिस की एक विशेष टीम उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। पुलिस का मानना है कि राहुल की गिरफ्तारी के बाद यह भी साफ हो पाएगा कि हत्या में उसकी कितनी सक्रिय भूमिका थी और हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी वह कहाँ से लेकर आया था।
पुलिसिया कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया
वारदात की सूचना मिलते ही खजौली थाना पुलिस दलबल के साथ मौके पर पहुँची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। घटनास्थल पर बिखरा खून और वहां की स्थिति यह बताने के लिए काफी थी कि हत्या कितनी बेरहमी से की गई है। पुलिस ने उस कुल्हाड़ी को भी बरामद करने की कोशिश की है जिससे पूजा पर प्रहार किया गया था。
पूजा के पिता कृष्णदेव सिंह के लिखित आवेदन के आधार पर खजौली थाना में हत्या की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है。 थाना अध्यक्ष के अनुसार, गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों से कड़ी पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि विवाद की मुख्य वजह क्या थी और क्या यह अचानक हुआ हमला था या इसके पीछे लंबे समय से कोई योजना बनाई गई थी। पुलिस इस मामले में स्पीडी ट्रायल चलाने की अनुशंसा करेगी ताकि पीड़िता के परिवार को जल्द न्याय मिल सके।
गाँव में पसरा सन्नाटा और बढ़ता आक्रोश
सुक्की घाट टोल में इस घटना के बाद से ही सन्नाटा पसरा हुआ है। लोग डरे हुए हैं कि कैसे एक परिवार के सदस्य मिलकर अपनी ही बहू की इतनी क्रूरता से जान ले सकते हैं। गाँव की महिलाओं में विशेष रूप से गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पारिवारिक विवाद हर घर में होते हैं, लेकिन किसी की जान ले लेना जघन्य अपराध है और दोषियों को ऐसी सजा मिलनी चाहिए जो समाज के लिए एक नजीर बने।
प्रशासन ने गाँव में एहतियातन गश्त बढ़ा दी है ताकि कोई अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। कसमा मरार गांव से भी भारी संख्या में लोग पूजा के ससुराल पहुँचे हुए हैं, जिसके कारण वहां तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने और कानून पर भरोसा रखने की अपील की है। फिलहाल, सभी की नजरें फरार देवर राहुल सिंह की गिरफ्तारी पर टिकी हैं।


