मधेपुरा: शिक्षा व्यवस्था की खुली पोल; 10 बजे तक स्कूल में लटका रहा ताला, जान जोखिम में डालकर बाउंड्री फांदते दिखे बच्चे

  • सदर प्रखंड के मठाही स्थित नवसृजित प्राथमिक विद्यालय (मुस्लिम टोला) का मामला; 9:30 बजे का स्कूल, 9:56 तक बाहर खड़े रहे शिक्षक
  • बदइंतजामी का वीडियो वायरल: गेट नहीं खुला तो दीवार कूदकर भीतर गए छात्र; बिना सफाई के ही करा दी गई प्रार्थना
  • मेंटेनेंस राशि उठ गई, पर स्कूल जर्जर: फर्श टूटा, दरवाजे गायब; रसोइया के नहीं आने से MDM व्यवस्था भी ठप

द वॉयस ऑफ बिहार (मधेपुरा)

​मधेपुरा जिले के सदर प्रखंड में सरकारी शिक्षा व्यवस्था की बदहाली की एक शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। मामला मठाही स्थित नवसृजित प्राथमिक विद्यालय, मुस्लिम टोला का है। शुक्रवार को जब पंचायत समिति प्रतिनिधि अशोक कुमार ने औचक निरीक्षण किया, तो स्कूल की अव्यवस्था देखकर वे दंग रह गए।

बाउंड्री फांदने को मजबूर नौनिहाल

​स्कूल खुलने का निर्धारित समय सुबह 9:30 बजे है, लेकिन मौके पर 9:56 बजे तक मुख्य गेट पर ताला लटका मिला।

  • शिक्षकों का इंतजार: गेट के बाहर तीन शिक्षक और बच्चे खड़े इंतजार कर रहे थे। चाबी नहीं होने के कारण वे अंदर नहीं जा सके।
  • जोखिम: गेट बंद देख छोटे-बच्चे बाउंड्री वॉल कूदकर स्कूल में घुसते नजर आए, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता था।
  • प्रधानाध्यापक की लेटलतीफी: सफाईकर्मी ने 9:57 बजे ताला खोला और प्रधानाध्यापक प्रशांत प्रभाकर 10:04 बजे स्कूल पहुंचे।

कहां गया मेंटेनेंस का पैसा?

​निरीक्षण के दौरान भवन की जर्जर स्थिति ने भ्रष्टाचार की ओर इशारा किया।

  • बदहाल भवन: स्कूल में फर्श टूटा हुआ है, दरवाजे और खिड़कियां नदारद हैं। जबकि प्रतिनिधि अशोक कुमार का दावा है कि स्कूल को मेंटेनेंस राशि मिल चुकी है।
  • रसोई में गंदगी: मध्याह्न भोजन (MDM) की स्थिति भी दयनीय थी। रसोई में गंदगी का अंबार और जंग लगी थालियां मिलीं। 10:40 बजे तक तीन में से कोई भी रसोइया नहीं पहुंची थी।

उपस्थिति बेहद कम

​रजिस्टर में 171 छात्र नामांकित हैं, लेकिन निरीक्षण के वक्त (10:15 बजे) सिर्फ 25 छात्र मौजूद थे, वह भी बिना ड्रेस के। यह मधेपुरा शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर एक बड़ा सवालिया निशान है।

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