पटना।बिहार में शराबबंदी के बाद भी तस्कर बाज नहीं आ रहे हैं। अब माफियाओं ने तस्करी का नया तरीका अपनाया है—महिलाओं के जरिए शराब की सप्लाई। साधारण दिखने वाली ये महिलाएं ट्रेन से शराब लाकर बिहार के अलग-अलग जिलों में पहुंचा रही थीं। लेकिन दानापुर रेल पुलिस की सतर्कता ने इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया।
रेल पुलिस ने एक साथ 11 महिला तस्करों, एक कोच अटेंडेंट और दो पुरुष सहयोगियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 95 लीटर से ज्यादा विदेशी शराब, 40 हजार रुपये नकद और कई मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
ट्रेन में चल रहा था ‘हुस्न का खेल’
पुलिस जांच में सामने आया कि माफिया जानबूझकर महिलाओं को आगे कर रहे थे, ताकि किसी को उन पर शक न हो। ये महिलाएं साधारण कपड़ों में सफर करती थीं और बैग, ट्रॉली व कपड़ों के अंदर शराब छुपाकर रखती थीं। ट्रेन में देखकर कोई अंदाजा भी नहीं लगा सकता था कि यही महिलाएं शराब की खेप लेकर चल रही हैं।
रात में चली बड़ी कार्रवाई
रेल पुलिस अधीक्षक अनंत कुमार राय के निर्देश पर मुगलसराय–दानापुर रेलखंड पर विशेष चेकिंग अभियान शुरू किया गया।
दानापुर रेल डीएसपी कंचन राज के नेतृत्व में पाटलिपुत्र रेल थाना और विशेष टीम ने संदिग्ध ट्रेनों की तलाशी ली। जैसे ही टीम ने जांच शुरू की, कई महिलाएं घबरा गईं। बैग खुलते ही शराब की बोतलें मिलने लगीं।
क्या-क्या बरामद हुआ
- 95.01 लीटर विदेशी शराब
- ₹40,000 नकद
- 6 स्मार्टफोन
- 5 की-पैड मोबाइल
पुरानी खिलाड़ी निकलीं महिलाएं
गिरफ्तार महिलाओं में से 7 पहले भी शराब तस्करी के मामलों में जेल जा चुकी हैं। इससे साफ है कि यह कोई छोटा गिरोह नहीं, बल्कि संगठित नेटवर्क है, जो लंबे समय से सक्रिय था।
बड़े नेटवर्क की आशंका
पुलिस का कहना है कि पूछताछ में कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं। तस्करी का यह तरीका पूरे बिहार में फैलाने की तैयारी थी, लेकिन समय रहते गिरोह को पकड़ लिया गया।
निष्कर्ष:
शराबबंदी के बावजूद माफिया नए हथकंडे अपना रहे हैं, लेकिन दानापुर रेल पुलिस की कार्रवाई ने यह साबित कर दिया है कि अब चेहरे की मासूमियत भी कानून से नहीं बचा सकती।


