भागलपुर | 26 फरवरी, 2026: बिहार में शराबबंदी कानून को प्रभावी ढंग से लागू करने की दिशा में भागलपुर की एक अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है。 अदालत ने करीब साढ़े चार साल पुराने एक शराब तस्करी के मामले में आरोपी को दोषी पाते हुए उसे जेल और भारी जुर्माने की सजा सुनाई है。
न्यायालय का फैसला: 5 साल की कैद और जुर्माना
भागलपुर के विशेष उत्पाद न्यायालय-II के न्यायाधीश शिव कुमार शर्मा ने इस मामले में अहम फैसला सुनाया:
- सजा: अभियुक्त गोलू कुमार को 5 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है。
- जुर्माना: दोषी पर ₹1,00,000 (एक लाख रुपये) का आर्थिक दंड भी लगाया गया है。
- अतिरिक्त सजा: यदि दोषी जुर्माने की राशि जमा नहीं करता है, तो उसे 6 माह की अतिरिक्त जेल काटनी होगी。
- अभियोजन: मामले की जानकारी विशेष लोक अभियोजक भोला कुमार मंडल ने साझा की。
घटना का घटनाक्रम: झारखंड से आ रही थी खेप
यह मामला 18 सितंबर, 2021 का है, जब पिरपैंती पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की थी:
- गुप्त सूचना: पुलिस को खबर मिली थी कि झारखंड के रास्ते एक काले रंग की हुंडई कार में शराब की बड़ी खेप बिहार लाई जा रही है。
- नाकाबंदी: पिरपैंती थाना क्षेत्र के कंगाली चौक पर सघन वाहन जांच अभियान चलाया गया。
- पकड़-धकड़: चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध काले रंग की कार ने भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने पीछा कर उसे दबोच लिया。
- बरामदगी: कार की तलाशी लेने पर उसमें से 140 बोतल विदेशी शराब बरामद हुई。
- गिरफ्तारी: मौके से कार का चालक अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया, जबकि कार में सवार गोलू कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया था。
VOB का नजरिया: कानून का बढ़ता शिकंजा
पिरपैंती के इस मामले में आया फैसला यह स्पष्ट संदेश देता है कि शराबबंदी कानून के उल्लंघन पर न्यायालय का रुख बेहद सख्त है। 2021 के इस मामले में गोलू कुमार को मिली सजा अन्य तस्करों के लिए एक चेतावनी की तरह है। झारखंड सीमा से सटे इलाकों में पुलिस की मुस्तैदी और अदालती फैसलों की तेजी बिहार में अवैध शराब कारोबार पर लगाम लगाने में महत्वपूर्ण साबित हो रही है।
ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।


