
समाचार के मुख्य बिंदु: जहानाबाद पुलिस की मुस्तैदी और तस्करी का ‘स्मार्ट’ फेल्योर
- बड़ी कामयाबी: जहानाबाद नगर थाना पुलिस ने एक गुप्त सूचना के आधार पर पटना-डोभी फोरलेन पर बड़ी कार्रवाई करते हुए शराब की एक विशाल खेप पकड़ी है.
- बरामदगी का विवरण: ट्रक की तलाशी के दौरान 511 कार्टून अंग्रेजी शराब और भारी मात्रा में कैन बीयर बरामद की गई है.
- छिपने का अनोखा तरीका: तस्करों ने शराब की बोतलों को पकड़े जाने से बचाने के लिए उन्हें लकड़ी के भूसे के बोरों के पीछे बड़ी सफाई से छिपाया था.
- तस्करों का प्रोफाइल: गिरफ्तार किए गए दोनों तस्कर मुजफ्फरपुर जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं, जिनसे फिलहाल सघन पूछताछ जारी है.
- बाजार मूल्य: बरामद की गई शराब की कुल अनुमानित कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 25 लाख रुपये आंकी गई है.
- सख्त नेतृत्व: यह पूरा ऑपरेशन जहानाबाद के पुलिस अधीक्षक अपराजित लोहान के सीधे निर्देशन में चलाया गया.
- VOB इनसाइट: बिहार में शराबबंदी के बावजूद तस्करों के हौसले पस्त नहीं हो रहे हैं, लेकिन जहानाबाद पुलिस की यह कार्रवाई दर्शाती है कि ‘डिजिटल इंटेलिजेंस’ और ‘ग्राउंड लेवल’ की मुखबिरी का मेल किसी भी बड़े नेटवर्क को ध्वस्त कर सकता है। पटना-डोभी फोरलेन तस्करों के लिए एक प्रमुख ‘ट्रांजिट रूट’ बनता जा रहा है, जिस पर पुलिस की यह सर्जिकल स्ट्राइक एक बड़ी चेतावनी है। मुजफ्फरपुर के तस्करों का जहानाबाद में पकड़ा जाना यह संकेत देता है कि शराब सिंडिकेट के तार उत्तर बिहार से दक्षिण बिहार तक गहराई से जुड़े हुए हैं।
जहानाबाद | 30 मार्च, 2026
बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून को प्रभावी बनाने के लिए पुलिस प्रशासन की ‘शून्य सहिष्णुता’ (Zero Tolerance) की नीति धरातल पर दिखने लगी है। जहानाबाद जिले की पुलिस ने रविवार की देर रात एक ऐसी ही बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया, जो फोरलेन के रास्ते शराब की एक बड़ी खेप खपाने की फिराक में थी। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, जहानाबाद नगर थाना पुलिस को उस समय एक निर्णायक बढ़त मिली जब उन्होंने पटना-डोभी फोरलेन पर मठिया गांव के पास एक संदिग्ध ट्रक को रोककर उसकी ‘एक्स-रे’ जैसी बारीकी से तलाशी ली।
मठिया गांव के पास वाहन जांच: जब ‘भूसे’ ने उगली शराब की बोतलें
जहानाबाद के पुलिस अधीक्षक अपराजित लोहान को रविवार को एक पुख्ता गुप्त सूचना मिली थी कि झारखंड या अन्य सीमावर्ती इलाकों से शराब की एक बड़ी खेप पटना-डोभी फोरलेन के रास्ते मुजफ्फरपुर की ओर या आसपास के जिलों में ले जाई जा रही है. सूचना मिलते ही एसपी ने नगर थाना पुलिस को अलर्ट किया और मठिया गांव के समीप एक विशेष वाहन जांच अभियान शुरू करने का निर्देश दिया.
जांच के दौरान एक ट्रक वहां पहुँचा, जिसकी ऊपर से देखने पर स्थिति सामान्य लग रही थी। ट्रक में लकड़ी का भूसा लदा हुआ था, जो आमतौर पर पशु चारे या औद्योगिक ईंधन के रूप में उपयोग होता है। पुलिस ने जब ट्रक चालक से पूछताछ की, तो उसकी घबराहट ने पुलिस का शक गहरा कर दिया। पुलिस के जवानों ने जब भूसे के बोरों को हटाना शुरू किया, तो उसके पीछे छिपा हुआ ‘काला सच’ सामने आ गया। बोरों की एक मोटी दीवार के पीछे 511 कार्टून अंग्रेजी शराब और कैन बीयर की पेटियां तरतीब से सजाकर रखी गई थीं.
तस्करों का मुजफ्फरपुर कनेक्शन: पुलिस के रडार पर ‘सिंडिकेट’
इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है. प्राथमिक पूछताछ में इन दोनों की पहचान मुजफ्फरपुर जिले के निवासी के रूप में हुई है. पुलिस अधिकारियों का मानना है कि ये दोनों केवल ‘करियर’ (ढोने वाले) हैं, जबकि इस पूरे खेल का असली ‘मास्टरमाइंड’ कोई और है।
जहानाबाद पुलिस अब इन गिरफ्तार तस्करों के मोबाइल कॉल डिटेल्स और पिछले रिकॉर्ड्स को खंगाल रही है ताकि यह पता चल सके कि:
- यह शराब किस राज्य की सीमा से बिहार में दाखिल हुई?
- मुजफ्फरपुर में इसे किसे डिलीवर किया जाना था?
- क्या इस तस्करी में फोरलेन के आसपास के किसी स्थानीय ‘लाइनर’ की भूमिका भी थी?
एसपी अपराजित लोहान ने स्पष्ट किया है कि पूछताछ में जो भी नाम सामने आएंगे, पुलिस उन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करेगी.


