पटना, 18 जुलाई 2025।बिहार में मानसूनी बादलों के साथ वज्रपात (ठनका) का कहर जारी है। गुरुवार को राज्य के विभिन्न जिलों में आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं में 14 लोगों की मौत हो गई, जबकि 15 अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं। मृतकों में सबसे अधिक चार मौतें शेखपुरा जिले में हुई हैं। वहीं, भागलपुर व वैशाली में दो-दो और नालंदा, भोजपुर (आरा), जमुई, बांका और गया जिलों में एक-एक व्यक्ति की जान गई है।
जिलावार विवरण:
भागलपुर: तीन मौतें
- नाथनगर (शंकरपुर पंचायत, वार्ड-3) में खेत में परवल तोड़ने गए इंद्रदेव मंडल (50 वर्ष) की ठनका से मौत। तीन अन्य गंभीर रूप से घायल।
- रंगरा प्रखंड (भीमदास टोला तीन टंगा) निवासी किसान लखन मंडल (60 वर्ष) की भैंस चराने के दौरान वज्रपात से मौत।
शेखपुरा: चार मौतें
- जिले के अलग-अलग इलाकों में चार लोगों की मौत की पुष्टि प्रशासन ने की है। पीड़ितों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।
बक्सर (बाथ थाना क्षेत्र):
- बड़हरा बहियार (करहरिया पंचायत) में टुसी कुमारी (18 वर्ष) पर वज्रपात गिरा। मौके पर ही मौत हो गई। वह बिन्देश्वरी प्रसाद सिंह की पुत्री थीं।
मधेपुरा (घैलाढ़, जीवछपुर):
- खेत में धान का बिचड़ा उखाड़ रहे 12 मजदूर ठनका से घायल हो गए। सभी का इलाज जारी है।
जमुई:
- लछुआड़, जगदीशपुर गांव में खेत में काम कर रहे किसान सचित कुमार (35 वर्ष) की मौत हो गई।
बांका:
- सन्हौला गांव (ककवारा) निवासी राजेश यादव की खेत में काम के दौरान मौत।
अन्य जिलों:
- वैशाली, नालंदा, आरा व गया जिलों में एक-एक मौतें हुईं, जिनकी पुष्टि प्रशासनिक सूत्रों से हुई है।
राज्य आपदा विभाग का अलर्ट और चेतावनी
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने आमजन से बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने, पेड़ों के नीचे शरण न लेने, तथा मौसम ऐप और अलर्ट्स पर नजर बनाए रखने की अपील की है।
सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को अनुग्रह अनुदान और घायलों को मुफ्त इलाज की व्यवस्था का भरोसा दिलाया गया है।


