
पटना: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) आज अपना 30वां स्थापना दिवस मना रहा है। 5 जुलाई 1997 को लालू प्रसाद यादव ने पार्टी की स्थापना की थी। इस अवसर पर उन्होंने बिहार की जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं के नाम एक भावनात्मक संदेश जारी करते हुए सामाजिक न्याय, लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया।
कार्यकर्ताओं के संघर्ष को किया नमन
लालू प्रसाद यादव ने कहा कि 5 जुलाई का दिन उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी दिन उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर गरीबों, शोषितों, दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की लड़ाई शुरू की थी।
उन्होंने कहा कि राजद को मजबूत बनाने में हजारों कार्यकर्ताओं के त्याग, संघर्ष और समर्पण की बड़ी भूमिका रही है और ऐसे सभी साथियों को वह सलाम करते हैं।
विकास का अपना मॉडल बताया
लालू यादव ने कहा कि राजद का विकास मॉडल केवल बड़े हवाई अड्डों, मॉल और आलीशान इमारतों तक सीमित नहीं है। उनका लक्ष्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना और हर वर्ग की समान भागीदारी सुनिश्चित करना है।
सामाजिक न्याय की राजनीति पर जोर
उन्होंने कहा कि पार्टी हमेशा सामाजिक और आर्थिक असमानता के खिलाफ लड़ती रही है। लोहिया, जयप्रकाश नारायण, कर्पूरी ठाकुर और डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों को आगे बढ़ाना राजद की प्रतिबद्धता है।
लोकतांत्रिक संस्थाओं पर चिंता जताई
लालू यादव ने आरोप लगाया कि देश में संवैधानिक संस्थाओं पर दबाव बढ़ रहा है और लोकतांत्रिक मूल्यों को चुनौती मिल रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, रोजगार, पिछड़ों की भागीदारी और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा जैसे मूल मुद्दों को पीछे धकेला जा रहा है।
कार्यकर्ताओं से एकजुट रहने की अपील
राजद अध्यक्ष ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से कहा कि राजद केवल चुनाव लड़ने वाली पार्टी नहीं, बल्कि जनता के अधिकारों की लड़ाई लड़ने वाला संगठन है। उन्होंने सभी से जनता के बीच लगातार सक्रिय रहने और संविधान तथा लोकतंत्र की रक्षा के लिए संगठित होकर संघर्ष करने का आह्वान किया।
उन्होंने अपने संदेश के अंत में कहा कि सामाजिक न्याय, लोकतंत्र और वंचित वर्गों के सम्मान की लड़ाई को पूरी मजबूती के साथ आगे बढ़ाना ही राजद का मूल उद्देश्य है।


