लालू–तेजस्वी की जोड़ी आज लगाएगी प्रत्याशियों की लिस्ट पर मुहर, दो दर्जन विधायकों का कट सकता है टिकट

पटना: बिहार विधानसभा चुनाव का शंखनाद हो चुका है। राज्य में दो चरणों में मतदान होगा – पहला चरण 6 नवंबर और दूसरा चरण 11 नवंबर को होगा। वहीं 14 नवंबर को मतगणना की जाएगी। हालांकि, चुनावी तारीखों की घोषणा के तीन दिन बाद भी एनडीए और महागठबंधन दोनों गठबंधन में सीट बंटवारे पर सहमति नहीं बन पाई है।

दोनों ही गठबंधन अपने-अपने आंतरिक समीकरणों में उलझे हुए हैं। इसी बीच राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने आज 10 अक्टूबर को संसदीय बोर्ड की बैठक बुलाई है, जिसमें उम्मीदवारों के नाम पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी।


राजद की संसदीय बोर्ड की बैठक आज

राजद की संसदीय बोर्ड की बैठक में राज्य और केंद्रीय संसदीय बोर्ड के सदस्य शामिल होंगे। बैठक में आगामी चुनाव के लिए उम्मीदवारों की सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, प्रत्याशियों की अंतिम सूची राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को भेजी जाएगी, और वही उम्मीदवारों की आधिकारिक घोषणा करेंगे।

जानकारी के अनुसार, बैठक में तेजस्वी यादव कई सीटिंग विधायकों का टिकट काट सकते हैं। बताया जा रहा है कि करीब दो दर्जन विधायकों का टिकट इस बार नहीं मिल पाएगा। साथ ही, तेजस्वी यादव यादव समाज के बजाय भूमिहार और राजपूत समुदायों को भी अधिक टिकट देने पर जोर दे रहे हैं ताकि सामाजिक संतुलन कायम रहे।


महागठबंधन में सीट शेयरिंग का समीकरण

सूत्रों की मानें तो राजद ने महागठबंधन में तीन उपमुख्यमंत्री बनाए जाने का प्रस्ताव रखा है। सीट बंटवारे का जो प्रारंभिक फॉर्मूला सामने आया है, उसके अनुसार –

  • राजद: लगभग 125 सीटों पर चुनाव लड़ेगी
  • कांग्रेस: 50 से 55 सीटें मिलने की संभावना
  • वाम दल (लेफ्ट पार्टियां): लगभग 25 सीटें
  • बची हुई 38 सीटें अन्य सहयोगी दलों — पशुपति पारस की रालोजपा, मुकेश सहनी की वीआईपी, और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) को दी जा सकती हैं।

एनडीए में भी सीट बंटवारे पर खींचतान जारी

उधर एनडीए (भाजपा-जदयू गठबंधन) में भी सीट शेयरिंग को लेकर गतिरोध जारी है। अब तक आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन सूत्रों के अनुसार, भाजपा और जदयू के बीच सीटों के अनुपात को लेकर मतभेद बने हुए हैं। लोजपा (रामविलास) और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) की भूमिका को लेकर भी चर्चा जारी है।


लालू यादव की भूमिका अहम

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राजद की उम्मीदवार सूची को अंतिम रूप देने में लालू यादव की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि लालू यादव ही प्रत्याशियों की अंतिम स्वीकृति देंगे और महागठबंधन के साथ सीट शेयरिंग पर अंतिम निर्णय भी उन्हीं की सहमति से तय होगा।


राजनीतिक माहौल गर्म

बिहार की राजनीति में इन दिनों चुनावी सरगर्मी चरम पर है। एक ओर एनडीए गठबंधन सीटों को लेकर रणनीति बना रहा है, तो दूसरी ओर महागठबंधन में उम्मीदवार चयन और सामाजिक समीकरणों को साधने की कवायद जारी है। 10 अक्टूबर की राजद बैठक को आगामी चुनावी समीकरणों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।


 

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