लखीसराय के सूर्यगढ़ा में इंसानियत शर्मसार: बकरी चराने गई आठ वर्षीय मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म, परिचित पर आरोप, सदर अस्पताल में मेडिकल जांच जारी

लखीसराय, 24 मई 2026। लखीसराय जिले के सूर्यगढ़ा थाना प्रक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक ग्रामीण इलाके से बाल सुरक्षा ग्रिड और सामाजिक चेतना को झकझोर देने वाली एक अत्यंत मर्मान्तिक और विसंगतिपूर्ण वारदात सामने आई है। शनिवार की दोपहर खेत के भीतरी प्रक्षेप में मवेशी (बकरी) चराने गई एक आठ वर्षीय अबोध नाबालिग बच्ची को एक परिचित व्यक्ति ने अपनी आपराधिक और पाशविक सनक का शिकार विनिर्मित किया है।

​इस जघन्य कृत्य के पटल पर आते ही संपूर्ण लखीसराय संभाग के भीतर गहरा नागरिक आक्रोश, मानसिक अवसाद और तीव्र रोष परिलक्षित हो रहा है। घटना के उपरांत पीड़िता के शारीरिक स्वास्थ्य में आई गंभीर गिरावट और पेट में असहनीय दर्द की शिकायत के बाद परिजनों के बीच अफरा-तफरी का माहौल लाइव हो गया, जिसके बाद त्वरित रूप से उसे चिकित्सकीय आपातकालीन विन्यास से एकीकृत कराया गया। वर्तमान समय में जिला पुलिस प्रशासन और स्वास्थ्य महकमा विधिक और फॉरेंसिक साक्ष्यों को कलेक्ट करने की अग्रिम कड़ियों में पूरी मुस्तैदी के साथ जुटा हुआ है।

खेत के भीतरी प्रक्षेप में बहला-फुसलाकर मासूम को बनाया हवस का शिकार

​इस दर्दनाक और शर्मनाक प्रकरण के धरातलीय विन्यासों और प्राथमिक केस डायरी के इनपुट्स की स्क्रूटनी करने पर यह प्रामाणिक सत्य पटल पर आता है कि शनिवार के दिन यह आठ वर्षीय मासूम बच्ची हमेशा की भांति अपने घर के समीपवर्ती खेतों की दिशा में बकरियों को चराने के वास्ते प्रस्थान की थी। दोपहर के समयांतराल में जब खेत के विस्तृत प्रक्षेप में लोगों की सामान्य आवाजाही म्यूट संधारित थी, ठीक उसी समय उस अंचल का ही एक पूर्व परिचित व्यक्ति वहां लाइव मोड पर प्रविष्ट हुआ।

​सूत्रों से संकलित विलेखों के अनुसार, आरोपी ने बच्ची के साथ अपनी पूर्व की जान-पहचान और अबोध उम्र का अनुचित सांगठनिक लाभ उठाते हुए उसे कूटनीतिक रूप से बहलाया-फुसलाया और एकांत स्थान की ओर डाइवर्ट कर दिया। वहां ले जाकर आरोपी ने मर्यादाओं को पूरी तरह से मलबे में तब्दील करते हुए उस मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म की वीभत्स घटना को अंजाम दिया। वारदात मुकम्मल करने के उपरांत आरोपी ने बच्ची को इस विसंगति के संबंध में किसी को भी जानकारी न देने का कड़ा विनिर्देश हस्तगत कराया और स्वयं प्रक्षेत्र से बाहर फरार हो गया।

​मासूम बच्ची लहूलुहान और गहरे मानसिक आघात के चक्रव्यूह में फंसी अवस्थिति में किसी तरह रोते-बिलखते हुए अपने घर के केबिन में वापस प्रविष्ट हुई। शुरुआती कतिपय घंटों तक लोक-लाज और खौफ के कारण उसने इस खौफनाक दास्तान को म्यूट मोड पर रखा।

पेट में असहनीय दर्द के बाद खुला राज: सूर्यगढ़ा सीएचसी में प्राथमिक प्रविष्टि

​शनिवार की ढलती शाम के समय जब मासूम बच्ची के भीतरी अंगों में असहनीय शारीरिक पीड़ा और पेट में तीव्र दर्द का संचरण लाउड मोड पर सक्रिय हुआ, तब उसने रोते हुए अपनी माता और परिजनों के समक्ष इस पूरी अमानवीय हैवानियत का विलेख सार्वजनिक किया। बच्ची के मुंह से परिचित व्यक्ति की इस घिनौनी करतूत का कच्चा चिट्ठा सुनते ही परिजनों के पैरों तले की जमीन पूरी तरह खिसक गई।

​परिजनों ने बिना कोई लिपिकीय ढिलाई या समय गंवाए, रात्रि के समय ही पीड़िता को लेकर सूर्यगढ़ा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के आपातकालीन वार्ड में प्रविष्टि कराई। सूर्यगढ़ा सीएचसी के ड्यूटी पर तैनात चिकित्सा कप्तानों ने मामले की संवेदनशीलता और पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के कड़े प्रोटोकॉल को भांपते हुए तुरंत पीड़िता का प्राथमिक उपचार मुकम्मल किया।

​चूंकि मामला एक कनिष्ठ नाबालिग बच्ची से जुड़ा हुआ था और भीतरी अंगों में गंभीर चोटों की सांख्यिकी परिलक्षित हो रही थी, इसलिए प्राथमिक डॉक्टरों ने दुष्कर्म की विधिक स्थिति को पूर्णतः स्पष्ट करने, आंतरिक घावों की विस्तृत फॉरेंसिक जांच और बेहतर शल्य चिकित्सा विन्यास हस्तगत कराने के वास्ते पीड़िता को लखीसराय सदर अस्पताल के मुख्य कमान केंद्र के लिए विधिक रूप से रेफर (स्थानांतरित) कर दिया।

लखीसराय सदर अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञों का विशेष मेडिकल बोर्ड सक्रिय

​सूर्यगढ़ा अंचल से एम्बुलेंस प्रणालियों के माध्यम से स्थानांतरित किए जाने के उपरांत, देर रात पीड़िता को लखीसराय सदर अस्पताल के मुख्य केबिन में प्रविष्ट कराया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए सदर अस्पताल के सिविल सर्जन के निर्देश पर स्त्री रोग विशेषज्ञों (Gynaecologists) और फॉरेंसिक पैथोलॉजिस्ट्स की एक विशेष संयुक्त टीम का गठन लाइव मोड पर मुकम्मल किया गया।

​विशेषज्ञ डॉक्टरों की यह टीम रातभर पीड़िता के स्वास्थ्य मानकों को स्थिर बनाए रखने के वास्ते लाइफ-सपोर्ट दवाओं के संचरण में मुस्तैद देखी गई। स्त्री रोग विशेषज्ञों के समन्वय से बच्ची के निजी अंगों में आई अंदरूनी चोटों, कंक्रीट घर्षणों और दुष्कर्म के विधिक साक्ष्यों को केस डायरी के लिए कलेक्ट करने की फॉरेंसिक प्रक्रिया निरंतर गति से संचालित की जा रही है।

​चिकित्सकीय सूत्रों का कहना है कि स्वाब के नमूनों और डीएनए (DNA) प्रोफाइलिंग के डिजिटल डेटा डंप को भी सीलबंद संचिका में सुरक्षित लॉक किया जा रहा है, ताकि न्यायालय के पटल पर आरोपी के झूठ के विन्यासों को पूरी कड़ाई के साथ ब्लॉक किया जा सके। फिलहाल बच्ची को डॉक्टरों की पैनी निगरानी के तहत वार्ड में रखा गया है, जहां उसका मानसिक और शारीरिक उपचार समानांतर रूप से गतिशील संधारित है।

थानाध्यक्ष रोहित कुमार का आधिकारिक बयान: मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर कसेगा शिकंजा

​इस जघन्य सामाजिक अपराध की खुफिया इनपुट जैसे ही लखीसराय जिला पुलिस नियंत्रण कक्ष और सूर्यगढ़ा थाने के विधिक पटल पर फ्लैश हुई, वैसे ही पुलिस महकमे के आला कप्तानों के विनिर्देश पर पुलिस डायरी एक्टिव हो गई। सूर्यगढ़ा थानाध्यक्ष रोहित कुमार स्वयं दल-बल के साथ मामले की तफ्तीश और साक्ष्यों के संकलन हेतु सक्रिय मोड पर लाइव हो चुके हैं। पुलिस की एक विशेष जासूसी विंग ने घटना स्थल यानी उस चिन्हित खेत के प्रक्षेप का भौतिक और फॉरेंसिक निरीक्षण संधारित किया है, जहां इस वारदात को अंजाम दिए जाने की सांख्यिकी दर्ज की गई थी।

सूर्यगढ़ा थानाध्यक्ष रोहित कुमार का आधिकारिक विधिक बयान:

​”एक आठ वर्षीय नाबालिग बच्ची के साथ खेत में बकरी चराने के दौरान दुष्कर्म किए जाने का एक अत्यंत गंभीर और संवेदनशील मामला हमारे संज्ञान में आया है। पीड़िता के परिजनों के फर्दबयान और प्राथमिक विलेखों के आधार पर केस दर्ज करने की विधिक प्रक्रिया को लाइन-अप कर दिया गया है। पीड़िता वर्तमान समय में लखीसराय सदर अस्पताल के चिकित्सा संभाग में विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में सुरक्षित संधारित है, जहां उसकी आवश्यक मेडिकल जांच और फॉरेंसिक स्क्रूटनी मुकम्मल की जा रही है। अस्पताल प्रशासन से विधिक मेडिकल जांच रिपोर्ट (Medical Examination Report) के प्राप्त होते ही, उसके आधार पर मामले की अग्रिम कड़क कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। आरोपी की पहचान के विन्यासों को गुप्त रखते हुए उसकी भौतिक अवस्थिति को लोकेट करने के वास्ते पुलिस की दो जासूसी टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर प्रखर छापेमारी ग्रिड सक्रिय किए हुए हैं। कानून को हाथ में लेकर इस प्रकार की हैवानियत रचने वाले नामजद अभियुक्त को न्यूनतम समय-सीमा के भीतर गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे ब्लॉक किया जाएगा।”

 

पॉक्सो और पॉक्सो एक्ट की विशेष धाराओं के तहत चार्जशीट तैयार करने की रूपरेखा

​लखीसराय पुलिस की टेक्निकल सेल और जिला खुफिया इकाई (DIU) ने इस मामले के मुख्य आरोपी के मोबाइल फोन के कॉल डिटेल्स रिकॉर्ड (CDR) और उसके हालिया भौगोलिक लोकेशंस को ट्रैकिंग पर ले लिया है। पुलिस कप्तानों ने स्पष्ट किया है कि चूंकि यह मामला एक आठ वर्षीय अबोध बच्ची से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की अत्यंत कड़क धाराओं के साथ-साथ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (POCSO Act) की विशेष और गैर-जमानती धाराओं को विधिक प्राथमिकी का मुख्य आधार विनिर्मित किया जा रहा है।

​अंचल के प्रबुद्ध नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिला मजिस्ट्रेट से यह कड़क मांग की है कि इस संवेदनशील मुकदमे के अनुसंधान को स्पीडी ट्रायल (त्वरित विधिक सुनवाई) के विन्यास से एकीकृत कराया जाए। पुलिस ने आश्वस्त किया है कि मेडिकल बोर्ड की फॉरेंसिक रिपोर्ट के हस्तांतरित होते ही बिना किसी लिपिकीय ढिलाई के माननीय अदालत के समक्ष एक अभेद्य और अकाट्य आरोप पत्र (Charge Sheet) ससमय दाखिल किया जाएगा, ताकि पीड़िता को त्वरित और पारदर्शी न्याय सुलभ कराया जा सके और ग्रामीण अंचलों के भीतर बच्चों की सुरक्षा ग्रिड पूरी कड़ाई के साथ संधारित बनी रहे।

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