लखीसराय में नए डीएम का बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, कई अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी

बिहार के लखीसराय जिले में नए जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार ने पदभार संभालने के बाद प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए कई अधिकारियों के प्रभार में फेरबदल किया है। जिले में यह कार्रवाई प्रशासनिक सक्रियता और कार्य प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है। डीएम के इस फैसले के बाद प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है और विभिन्न विभागों में नई जिम्मेदारियों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।

जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार ने कई महत्वपूर्ण शाखाओं और विभागों के प्रभार बदलते हुए अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। इस फेरबदल में सबसे ज्यादा चर्चा जिला परिवहन पदाधिकारी यानी डीटीओ मुकुल पंकज मणि को जिला खेल पदाधिकारी का अतिरिक्त प्रभार दिए जाने को लेकर हो रही है। पहली बार जिले में किसी डीटीओ को खेल विभाग की जिम्मेदारी सौंपे जाने को प्रशासनिक हलकों में अलग नजरिए से देखा जा रहा है।

जानकारी के अनुसार कला, संस्कृति एवं युवा विभाग से जुड़े अधिकारी मृणाल रंजन 11 जून 2024 से जिला खेल पदाधिकारी का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे। अब इस जिम्मेदारी को बदलते हुए डीटीओ मुकुल पंकज मणि को यह दायित्व सौंपा गया है। खास बात यह है कि उन्हें वित्तीय शक्तियों के साथ यह प्रभार दिया गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि खेल विभाग में कई प्रशासनिक और वित्तीय निर्णय अब उनके माध्यम से लिए जाएंगे।

प्रशासनिक जानकारों का कहना है कि यह बदलाव केवल औपचारिक नहीं बल्कि कार्यशैली में परिवर्तन का संकेत भी माना जा सकता है। डीएम शैलेंद्र कुमार जिले में विभिन्न विभागों के कार्यों को अधिक सक्रिय और जवाबदेह बनाने की दिशा में लगातार कदम उठा रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार नए जिलाधिकारी जिले की प्रशासनिक व्यवस्था को नए तरीके से व्यवस्थित करने पर जोर दे रहे हैं। माना जा रहा है कि विभागीय कार्यों में तेजी लाने और लंबित मामलों को कम करने के उद्देश्य से यह फेरबदल किया गया है।

इसी क्रम में जिला पंचायतीराज पदाधिकारी पम्मी रानी को जिला राजस्व शाखा के प्रभार से मुक्त कर दिया गया है। उनकी जगह अब अपर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी अजीत कुमार को जिला राजस्व शाखा की जिम्मेदारी दी गई है। प्रशासनिक दृष्टि से यह विभाग बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि राजस्व से जुड़े मामलों का सीधा संबंध जमीन, दाखिल-खारिज, सरकारी अभिलेख और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं से होता है।

जिले के जानकारों का कहना है कि राजस्व शाखा में बेहतर समन्वय और कार्यों में तेजी लाने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया हो सकता है। अजीत कुमार को इस शाखा का प्रभार मिलने के बाद अब राजस्व मामलों के निष्पादन पर विशेष नजर रहने की संभावना जताई जा रही है।

इसके अलावा वरीय उप समाहर्ता रवि कुमार को जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग का प्रभार सौंपा गया है। इससे पहले यह जिम्मेदारी वरीय उप समाहर्ता प्राची कुमारी के पास थी। सामाजिक सुरक्षा कोषांग जिले के बुजुर्गों, विधवाओं, दिव्यांगजनों और अन्य सामाजिक योजनाओं से जुड़ा महत्वपूर्ण विभाग माना जाता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस विभाग में समय पर योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में नए प्रभार मिलने के बाद कार्यों में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।

जिलाधिकारी ने आदेश जारी करते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को अविलंब नई जिम्मेदारियों का प्रभार ग्रहण करने का निर्देश दिया है। साथ ही उन्होंने कहा है कि अतिरिक्त आवंटित कार्यालयों और शाखाओं के कार्यों का निष्पादन समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित किया जाए।

लखीसराय में यह प्रशासनिक फेरबदल ऐसे समय में हुआ है जब जिले में विकास योजनाओं, राजस्व कार्यों और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को लेकर प्रशासन पर लगातार दबाव बना हुआ है। माना जा रहा है कि नए डीएम जिले में प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने और विभागीय कार्यों में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए लगातार समीक्षा कर रहे हैं।

राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी इस बदलाव को लेकर चर्चा हो रही है। खासकर खेल विभाग का प्रभार डीटीओ को दिए जाने पर लोग अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग इसे प्रशासनिक प्रयोग मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे विभागीय कार्यशैली में बदलाव का संकेत बता रहे हैं।

जिले के खेल प्रेमियों को उम्मीद है कि नए अधिकारी के नेतृत्व में खेल गतिविधियों को भी नई गति मिल सकती है। लखीसराय में खेल संसाधनों और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग लंबे समय से उठती रही है। ऐसे में अब यह देखना दिलचस्प होगा कि नई जिम्मेदारी संभालने के बाद खेल विभाग किस दिशा में काम करता है।

प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि अधिकारियों के प्रभार में बदलाव किसी भी जिले की कार्य संस्कृति को प्रभावित करते हैं। यदि सही तरीके से जिम्मेदारियां तय की जाएं तो विभागीय कार्यों में तेजी और पारदर्शिता दोनों लाई जा सकती हैं।

सूत्रों के अनुसार डीएम शैलेंद्र कुमार आने वाले दिनों में अन्य विभागों की भी समीक्षा कर सकते हैं। जिले में लंबित योजनाओं, विकास कार्यों और राजस्व मामलों को लेकर लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।

लखीसराय जिला लंबे समय से कई प्रशासनिक चुनौतियों का सामना करता रहा है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक योजनाओं से जुड़े मुद्दों पर प्रशासन को सक्रिय भूमिका निभानी पड़ती है। ऐसे में नए डीएम की कार्यशैली को लेकर लोगों में उत्सुकता बढ़ी हुई है।

जिला प्रशासन के करीबी सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में कार्य संस्कृति में बदलाव और मॉनिटरिंग को और मजबूत किया जा सकता है। अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से काम पूरा करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।

वहीं आम लोगों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि प्रशासनिक फेरबदल का असर जमीनी स्तर पर कितना दिखाई देता है। यदि विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनता है तो विकास योजनाओं और सरकारी सेवाओं का लाभ लोगों तक तेजी से पहुंच सकता है।

फिलहाल लखीसराय में नए डीएम के फैसलों को प्रशासनिक सक्रियता के रूप में देखा जा रहा है। जिले में हुए इस बड़े फेरबदल ने यह संकेत जरूर दे दिया है कि आने वाले समय में प्रशासनिक स्तर पर और भी कई बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

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