किशनगंज में दर्दनाक सड़क हादसा: खड़े डंपर से टकराई बाइक, दो सगे भाइयों की मौके पर मौत

किशनगंज: बिहार के किशनगंज जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। बहादुरगंज थाना क्षेत्र में देर रात तेज रफ्तार बाइक सड़क किनारे खड़े डंपर से टकरा गई, जिससे बाइक सवार दो सगे भाइयों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में शोक और मातम का माहौल है। जैसे ही हादसे की खबर परिवार तक पहुंची, घर में चीख-पुकार मच गई।

यह हादसा बहादुरगंज थाना क्षेत्र के अजीम नेशनल स्कूल के समीप हुआ। स्थानीय लोगों के अनुसार रात के अंधेरे में सड़क किनारे खड़ा डंपर दिखाई नहीं देने के कारण बाइक सीधे उससे जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों युवकों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।

मृतकों की पहचान दो सगे भाइयों के रूप में

हादसे में जान गंवाने वाले युवकों की पहचान सकोर वार्ड नंबर 3 निवासी मुंतज़िर आलम और उनके छोटे भाई दानिश आलम के रूप में हुई है। दोनों भाई शुक्रवार रात किसी जरूरी काम से बाहर गए हुए थे और देर रात घर लौट रहे थे। इसी दौरान यह हादसा हो गया।

स्थानीय लोगों ने बताया कि दोनों भाइयों का परिवार इलाके में काफी जाना-पहचाना है। हादसे की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में लोग उनके घर पहुंचने लगे। पूरे मोहल्ले में मातम का माहौल बन गया।

तेज रफ्तार और अंधेरा बना हादसे की वजह

प्राथमिक जानकारी के अनुसार बाइक काफी तेज गति में थी। वहीं सड़क किनारे खड़ा डंपर अंधेरे के कारण स्पष्ट दिखाई नहीं दे रहा था। स्थानीय लोगों का कहना है कि उस इलाके में रात के समय पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था नहीं रहती, जिसके कारण पहले भी छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बाइक सवार युवकों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और बाइक सीधे डंपर से जा भिड़ी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।

मौके पर पहुंची पुलिस

घटना की सूचना मिलते ही बहादुरगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से दोनों शवों को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि डंपर सड़क किनारे किस परिस्थिति में खड़ा था और उसमें सुरक्षा संबंधी संकेतक लगे थे या नहीं।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

एक ही परिवार के दो बेटों की मौत से घर में मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। आसपास के लोग लगातार परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार दोनों भाई काफी मिलनसार स्वभाव के थे और परिवार की जिम्मेदारियों में हाथ बंटाते थे। एक साथ दो बेटों की मौत ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है।

मोहल्ले के लोगों ने बताया कि देर रात जैसे ही हादसे की जानकारी मिली, लोग घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। लेकिन तब तक दोनों युवकों की मौत हो चुकी थी।

सड़क सुरक्षा को लेकर उठे सवाल

इस हादसे के बाद इलाके में सड़क सुरक्षा को लेकर फिर सवाल खड़े हो गए हैं। लोगों का कहना है कि रात के समय भारी वाहनों को सड़क किनारे लापरवाही से खड़ा कर दिया जाता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।

स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाए और रात में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

लोगों का कहना है कि यदि सड़क पर पर्याप्त लाइटिंग होती या डंपर पर रिफ्लेक्टर और चेतावनी संकेत लगे होते, तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था।

इलाके में शोक की लहर

घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। शनिवार सुबह से ही मृतकों के घर पर लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। रिश्तेदार, पड़ोसी और स्थानीय लोग परिवार को ढांढस बंधाने पहुंचे।

कई लोगों ने इस हादसे को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि एक ही परिवार के दो जवान बेटों का यूं अचानक चले जाना पूरे समाज के लिए बड़ी क्षति है।

पुलिस कर रही मामले की जांच

पुलिस ने बताया कि हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। डंपर चालक और वाहन मालिक की जानकारी भी जुटाई जा रही है। यदि लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि डंपर सड़क किनारे नियमों के अनुसार खड़ा था या नहीं। कई बार बिना किसी चेतावनी संकेत के भारी वाहन सड़क किनारे खड़े कर दिए जाते हैं, जिससे रात में हादसे का खतरा बढ़ जाता है।

बढ़ते सड़क हादसों से चिंता

बिहार में हाल के दिनों में सड़क हादसों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। तेज रफ्तार, लापरवाही और खराब सड़क सुरक्षा व्यवस्था के कारण आए दिन लोगों की जान जा रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि सड़क सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन और जागरूकता अभियान बेहद जरूरी है। खासकर रात के समय सड़क किनारे खड़े वाहनों पर विशेष निगरानी होनी चाहिए।

प्रशासन से कार्रवाई की मांग

हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाया जाए। लोगों का कहना है कि दुर्घटना संभावित इलाकों में स्ट्रीट लाइट, चेतावनी बोर्ड और ट्रैफिक निगरानी बढ़ाई जानी चाहिए।

स्थानीय नागरिकों ने कहा कि अगर समय रहते सुरक्षा उपाय नहीं किए गए तो ऐसे हादसे आगे भी होते रहेंगे।

पूरे इलाके को झकझोर गई घटना

मुंतज़िर आलम और दानिश आलम की मौत ने पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया है। लोगों के बीच सिर्फ इसी हादसे की चर्चा हो रही है।

दो भाइयों की एक साथ मौत ने हर किसी को भावुक कर दिया है। परिजनों की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे और पूरा गांव इस दर्दनाक हादसे से स्तब्ध है।

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