बिहार में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: स्वास्थ्य, ऊर्जा, वित्त समेत कई विभागों में बदले गए सचिव, सरकार ने जारी की नई जिम्मेदारियां

पटना: बिहार सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक सक्रिय और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से बड़े स्तर पर आईएएस अधिकारियों का तबादला और विभागीय फेरबदल किया है। राज्य सरकार द्वारा जारी नई अधिसूचना के तहत कई वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इस प्रशासनिक बदलाव का असर स्वास्थ्य, वित्त, समाज कल्याण, ऊर्जा, पर्यटन, भवन निर्माण, जल संसाधन और आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विभागों पर देखने को मिलेगा।

सरकार का मानना है कि बदलती प्रशासनिक जरूरतों और विभागीय कार्यों में तेजी लाने के लिए अनुभवी अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां देना जरूरी था। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी आदेश के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में इस फेरबदल की चर्चा तेज हो गई है।

आनंद किशोर को अतिरिक्त प्रभार से मिली राहत

1996 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी आनंद किशोर को वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया गया है। फिलहाल वे बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष पद पर बने रहेंगे।

आनंद किशोर लंबे समय से शिक्षा और प्रशासनिक क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। बोर्ड परीक्षाओं की व्यवस्था और शिक्षा सुधार से जुड़े कई फैसलों में उनकी अहम भूमिका रही है। सरकार ने अब उन्हें केवल उनके मूल दायित्वों पर फोकस करने का अवसर दिया है।

एच.आर. श्रीनिवास को समाज कल्याण विभाग की जिम्मेदारी

1996 बैच के आईएएस अधिकारी एच.आर. श्रीनिवास को समाज कल्याण विभाग का नया अपर मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही वे पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग और सामान्य प्रशासन विभाग में जांच आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार भी संभालते रहेंगे।

समाज कल्याण विभाग बिहार सरकार के सबसे महत्वपूर्ण विभागों में शामिल है, जहां महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर वर्गों से जुड़ी कई योजनाओं का संचालन किया जाता है। ऐसे में अनुभवी अधिकारी की नियुक्ति को अहम माना जा रहा है।

आपदा प्रबंधन विभाग में संतोष कुमार मल्ल

1997 बैच के वरिष्ठ अधिकारी संतोष कुमार मल्ल को जल संसाधन विभाग से हटाकर आपदा प्रबंधन विभाग का प्रधान सचिव बनाया गया है। बिहार हर साल बाढ़ और प्राकृतिक आपदाओं की चुनौती से जूझता है, इसलिए इस विभाग की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।

सरकार को उम्मीद है कि संतोष कुमार मल्ल का अनुभव आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों को और प्रभावी बनाने में मदद करेगा। मानसून से पहले इस विभाग में बदलाव को रणनीतिक कदम माना जा रहा है।

कुमार रवि बने स्वास्थ्य विभाग के नए सचिव

इस फेरबदल में सबसे ज्यादा चर्चा स्वास्थ्य विभाग में हुए बदलाव को लेकर हो रही है। 2005 बैच के आईएएस अधिकारी कुमार रवि को स्वास्थ्य विभाग का नया सचिव बनाया गया है।

कुमार रवि इससे पहले मुख्यमंत्री सचिवालय में सचिव के रूप में कार्यरत थे। प्रशासनिक गलियारों में उन्हें तेज निर्णय लेने वाले अधिकारी के तौर पर देखा जाता है। स्वास्थ्य विभाग में उनकी नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब बिहार सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए कई योजनाओं पर काम कर रही है।

राज्य में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। अस्पतालों में सुविधाओं का विस्तार, डॉक्टरों की नियुक्ति और ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना आने वाले समय में विभाग के लिए बड़ी चुनौती होगी।

पर्यटन विभाग की जिम्मेदारी संभालेंगे लोकेश कुमार सिंह

2003 बैच के आईएएस अधिकारी लोकेश कुमार सिंह को पर्यटन विभाग का सचिव बनाया गया है। इसके साथ ही उन्हें विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।

बिहार सरकार पर्यटन क्षेत्र को राज्य की अर्थव्यवस्था का बड़ा आधार बनाने की दिशा में काम कर रही है। बोधगया, राजगीर, नालंदा और विक्रमशिला जैसे ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। ऐसे में पर्यटन विभाग में यह बदलाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

ऊर्जा विभाग की कमान अजय यादव के हाथों में

2005 बैच के अधिकारी अजय यादव को ऊर्जा विभाग का सचिव बनाया गया है। इसके अलावा उनके पास मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग और बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त प्रभार भी रहेगा।

ऊर्जा विभाग बिहार के विकास से सीधे जुड़ा हुआ माना जाता है। राज्य में बिजली आपूर्ति, नई ऊर्जा परियोजनाएं और ग्रामीण क्षेत्रों तक बिजली पहुंचाने जैसे कार्य इस विभाग के तहत आते हैं। ऐसे में अजय यादव की भूमिका काफी अहम रहने वाली है।

वित्त विभाग में संजय कुमार सिंह की एंट्री

2007 बैच के आईएएस अधिकारी संजय कुमार सिंह को वित्त विभाग का सचिव बनाया गया है। उन्हें विभाग का पूरा प्रभार सौंपा गया है।

वित्त विभाग राज्य सरकार की योजनाओं और बजट प्रबंधन का केंद्र माना जाता है। आर्थिक नीतियों और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में इस विभाग की बड़ी भूमिका होती है। ऐसे में वित्त विभाग में नए सचिव की नियुक्ति को महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।

भवन निर्माण विभाग में प्रणव कुमार

2008 बैच के अधिकारी प्रणव कुमार को भवन निर्माण विभाग का नया सचिव बनाया गया है। राज्य में सरकारी भवनों, कार्यालयों और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के निर्माण की जिम्मेदारी इसी विभाग के पास होती है।

सरकार का फोकस वर्तमान में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर है। ऐसे में भवन निर्माण विभाग की जिम्मेदारी और भी बढ़ गई है।

जल संसाधन विभाग में चंद्रशेखर सिंह

2010 बैच के आईएएस अधिकारी चंद्रशेखर सिंह को जल संसाधन विभाग का नया सचिव बनाया गया है। बिहार में बाढ़ नियंत्रण, सिंचाई व्यवस्था और जल प्रबंधन से जुड़े कार्यों के कारण यह विभाग बेहद अहम माना जाता है।

राज्य सरकार को उम्मीद है कि नए सचिव के नेतृत्व में विभाग की योजनाओं को और बेहतर तरीके से लागू किया जाएगा।

मनोज कुमार सिंह को बिहार भवन नई दिल्ली की जिम्मेदारी

मनोज कुमार सिंह को नई दिल्ली स्थित बिहार भवन का स्थानिक आयुक्त नियुक्त किया गया है। इसके अलावा वे निवेश और समन्वय से जुड़े कार्यों में भी भूमिका निभाएंगे।

नई दिल्ली में बिहार भवन राज्य सरकार और केंद्र के बीच समन्वय का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। यहां राज्य से जुड़े प्रशासनिक और निवेश मामलों पर काम होता है।

रजनीश कुमार सिंह को कारा एवं सुधार सेवाएं विभाग

2014 बैच के अधिकारी रजनीश कुमार सिंह को कारा एवं सुधार सेवाएं विभाग में आईजी की जिम्मेदारी दी गई है। यह विभाग जेल प्रशासन और सुधारात्मक गतिविधियों से जुड़ा हुआ है।

सरकार का कहना है कि प्रशासनिक फेरबदल का उद्देश्य विभागों की कार्यक्षमता बढ़ाना और योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाना है।

प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज

बिहार सरकार के इस बड़े फेरबदल को आगामी प्रशासनिक रणनीति और विकास योजनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है। राजनीतिक और प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार अब विभागीय कार्यों में तेजी और बेहतर समन्वय चाहती है।

स्वास्थ्य, ऊर्जा, पर्यटन और आपदा प्रबंधन जैसे विभागों में हुए बदलाव को विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले दिनों में इन विभागों की कार्यशैली और प्राथमिकताओं में बदलाव देखने को मिल सकता है।

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