
किशनगंज/पोठिया। रिश्तों की मर्यादा और मानवता को शर्मसार करने वाली एक दिल दहला देने वाली घटना किशनगंज जिले के पोठिया थाना क्षेत्र से सामने आई है। यहाँ एक पति ने अपनी ही जीवनसंगिनी की बेरहमी से पिटाई कर उसे मौत के घाट उतार दिया। सोमवार, 20 अप्रैल 2026 की रात हाई स्कूल आदिवासी टोला में इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया गया। घरेलू विवाद के हिंसक मोड़ लेने के कारण 42 वर्षीय महिला की जान चली गई। सबसे दुखद पहलू यह है कि इस जघन्य कांड के बाद घर के मुखिया के खिलाफ खुद उसकी बेटी ने पुलिस का दरवाजा खटखटाया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्यारोपी पति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जिससे पूरे इलाके में सन्नाटा और दहशत का माहौल है।
सोमवार की काली रात: जब रक्षक ही बना भक्षक
पोठिया थाना क्षेत्र के हाई स्कूल आदिवासी टोला में सोमवार की रात एक सामान्य रात नहीं थी। आरोपी पति कुंदन मरांडी ने अपनी पत्नी ललिता सोरेन (42 वर्ष) पर अचानक हमला कर दिया और उसे तब तक पीटा जब तक उसकी सांसें नहीं थम गईं।
घटना के मुख्य विवरण इस प्रकार हैं:
- मृतका की पहचान: ललिता सोरेन, उम्र 42 वर्ष।
- वारदात का समय: सोमवार की रात।
- आरोपी: कुंदन मरांडी (पति)।
- स्थान: हाई स्कूल आदिवासी टोला, पोठिया।
बेटी ने निभाई जिम्मेदारी: पिता के खिलाफ दर्ज कराया मुकदमा
इस पूरे मामले में मृतका की बेटी ममता मरांडी ने साहस दिखाते हुए कानून का साथ दिया। अपनी माँ की निर्मम हत्या को देखने के बाद उसने अपने ही पिता कुंदन मरांडी के खिलाफ पोठिया थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने ममता के आवेदन के आधार पर तुरंत प्राथमिकी दर्ज की और हत्यारोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया। एक बेटी द्वारा अपने पिता के खिलाफ उठाई गई यह आवाज समाज में घरेलू हिंसा के खिलाफ एक कड़ा संदेश है।
पुलिस की कार्रवाई और मेडिकल रिपोर्ट
पोठिया थाना अध्यक्ष अंजय अमन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए घटनास्थल का निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाए। पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट रूप से हत्या का मामला प्रतीत हो रहा है।
थानाध्यक्ष ने जांच के संबंध में निम्नलिखित जानकारी दी:
- चोट के निशान: मृतका के शरीर पर चोट के कई गहरे निशान मिले हैं।
- मौत का कारण: शरीर पर मिले निशानों से यह प्रतीत होता है कि ललिता की मौत अत्यधिक पिटाई के कारण हुई है।
- विधिक कार्रवाई: आरोपी कुंदन मरांडी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
घरेलू हिंसा का डरावना चेहरा
किशनगंज की यह घटना एक बार फिर समाज में बढ़ती घरेलू हिंसा और संवेदनहीनता की ओर इशारा करती है। एक मामूली विवाद का परिणाम इतना भयानक होगा, इसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी। पुलिस अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या हत्या के पीछे कोई पुराना विवाद या अन्य कारण भी शामिल थे।


