
बिहार सरकार ने Kishanganj Airport के रनवे विस्तार की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। राज्य के सिविल विमानन विभाग ने 24.70 एकड़ भूमि अधिग्रहण के लिए 5 करोड़ 45 लाख 97 हजार 100 रुपये की प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति दे दी है। यह आदेश 21 मई 2026 को अपर सचिव अखिलेश कुमार सिंह द्वारा जारी किया गया।
इस परियोजना के तहत रनवे का विस्तार पूर्व और पश्चिम दोनों दिशाओं में किया जाएगा। पूर्व दिशा में 700 मीटर लंबाई और 100 मीटर चौड़ाई में 17.29 एकड़ भूमि, जबकि पश्चिम दिशा में 300 मीटर लंबाई और 100 मीटर चौड़ाई में 7.41 एकड़ भूमि अधिग्रहित की जाएगी। अधिग्रहित जमीन में रैयती भूमि के साथ Border Security Force (BSF) की भूमि भी शामिल है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि स्वीकृत राशि वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट मद “5302-भू-अर्जन” से जारी की जाएगी। इसके लिए “प्रोजेक्ट फॉर द एक्सटेंशन ऑफ द रनवे ऑफ किशनगंज एयरपोर्ट” नाम से विशेष खाता भी बनाया गया है।
जारी आदेश में यह भी कहा गया है कि यह राशि केवल रनवे विस्तार परियोजना पर ही खर्च की जाएगी। किसी अन्य मद में इसका उपयोग नहीं किया जा सकेगा। विभाग ने उपयोगिता प्रमाण-पत्र और व्यय विवरण समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए हैं।
Chicken Neck Corridor क्षेत्र में स्थित किशनगंज सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि यह नेपाल और बांग्लादेश की सीमा के करीब है। लंबे समय से यहां बेहतर हवाई संपर्क की मांग उठती रही है। रनवे विस्तार के बाद बड़े विमानों का संचालन संभव हो सकेगा, जिससे सीमांचल क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
बिहार सरकार के मंत्री Dilip Jaiswal ने कहा कि यह परियोजना सीमांचल के विकास का नया अध्याय साबित होगी। इसके जरिए व्यापार, पर्यटन, आपातकालीन सेवाओं और रक्षा गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य तेज होने की संभावना है। माना जा रहा है कि यह कदम Kishanganj को भविष्य में एक क्षेत्रीय हवाई केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में अहम साबित होगा।


