
पटना: राजधानी पटना में एक चर्चित मौत मामले ने नया मोड़ ले लिया है। उद्यमी वरुण कुमार सिंह ने अपनी बहन खुश्बू सिंह की संदिग्ध मौत को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने इस घटना को सुनियोजित साजिश बताते हुए SIT जांच, आरोपियों की गिरफ्तारी और परिवार की सुरक्षा की मांग की है।
छह महीने में ही टूटा रिश्ता, मौत पर उठे सवाल
परिवार के अनुसार, खुश्बू सिंह की शादी 1 जून 2025 को मुजफ्फरपुर निवासी एनआरआई युवक से हुई थी। आरोप है कि शादी के बाद से ही दहेज को लेकर लगातार दबाव बनाया जा रहा था।
परिजनों का कहना है कि महंगी गाड़ी, नकद राशि और अन्य मांगों को लेकर खुश्बू को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
घटना 26 दिसंबर 2025 की बताई जा रही है, जब संदिग्ध परिस्थितियों में उनकी मौत हो गई। परिवार का दावा है कि यह सामान्य मौत नहीं, बल्कि दहेज हत्या है।
जांच पर सवाल, पुलिस की भूमिका कटघरे में
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वरुण सिंह ने स्थानीय पुलिस की शुरुआती कार्रवाई पर सवाल उठाए।
उनका आरोप है कि:
- परिवार को घटनास्थल का ठीक से निरीक्षण नहीं करने दिया गया
- कई महत्वपूर्ण साक्ष्य संदिग्ध स्थिति में थे
- शुरुआती जांच में लापरवाही बरती गई
हालांकि बाद में दबाव के चलते पति को गिरफ्तार किया गया, लेकिन अन्य आरोपी अब भी फरार बताए जा रहे हैं।
धमकी और हमले का दावा
वरुण सिंह ने दावा किया कि इस मामले को उठाने के कारण उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि उन पर एक बार हमला भी हो चुका है, जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा हो गई है।
इसी को देखते हुए उन्होंने सरकार से स्थायी सुरक्षा (बॉडीगार्ड) देने की मांग की है।
SIT जांच की मांग क्यों?
परिवार का कहना है कि निष्पक्ष जांच के लिए इस केस को विशेष जांच दल (SIT) को सौंपा जाना जरूरी है।
उनका तर्क है कि:
- स्थानीय स्तर पर जांच प्रभावित हो सकती है
- साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका है
- बड़े स्तर की साजिश की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता
प्रशासन को चेतावनी
प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी कहा गया कि यदि समय पर निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो मामले को कमजोर करने की कोशिश की जा सकती है।
परिवार ने साफ कहा है कि अगर किसी भी सदस्य को नुकसान होता है, तो इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
सरकार और पुलिस से अपील
परिवार ने राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों से अपील की है कि:
- फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी हो
- संपत्ति कुर्की जैसी कार्रवाई की जाए
- केस की निगरानी उच्च स्तर पर हो
मामले का व्यापक असर
यह मामला सिर्फ एक परिवार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि महिला सुरक्षा और दहेज प्रथा जैसे गंभीर मुद्दों को भी सामने ला रहा है।
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने भी निष्पक्ष जांच की मांग तेज कर दी है।


